इन दर्जनभर गांवों में राशन खरीदने लोगों को करना पड़ता है 10 किमी तक का सफर

इन दर्जनभर गांवों में राशन खरीदने लोगों को करना पड़ता है 10 किमी तक का सफर

Akanksha Agrawal | Publish: May, 18 2019 12:31:24 PM (IST) Dhamtari, Dhamtari, Chhattisgarh, India

यहां पर लोगों को राशन (Ration) की खरीददारी के लिए 5 से 10 किमी तक जाना पड़ रहा है। सालों से उपभोक्ता राशन दुकान (Ration Shop) खोलने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस पर प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

धमतरी. जिले की 392 राशन दुकानें (Ration Shop) हाईटेक जरूर हो गई, लेकिन उपभोक्ताओं की परेशाानी अब तक दूर नहीं हुई है। यहां अभी भी दर्जनभर से अधिक गांव हैं, जहां के उपभोक्ताओं को हर महीने राशन (Ration) खरीदने के लिए 5 से 10 किमी तक जाना पड़ता है। सालों से उपभोक्ता राशन दुकान (Ration Shop) खोलने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस पर प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि PDS योजना के तहत जिले में करीब 1 लाख 67 हजार राशन (Ration) कार्डधारी हैं, जिन्हें हर महीने चावल (Rice), शक्कर(Sugar), नमक समेत अन्य सामग्री का वितरण राशन दुकानों के माध्यम से किया जाता है। मानिटरिंग करने के लिए सभी दुकानों को हाईटेक (High tech Shop) कर दिया गया है। लेन-देन की जानकारी आनलाइन के माध्यम से दिया जाता है। इसके लिए सभी सेल्समेन को मोबाइल टेबलेट दिया गया है, इस सुविधा से खाद्य विभाग के

अधिकारियों को मानिटरिंग करना असान हो गया है, लेकिन उपभोक्ताओं की तकलीफ अब तक दूर नहीं हो पाई है। जिले में राशन दुकानों (Ration Shop) की संख्या नहीं बढ़ पा रही है। अभी भी उपभोक्ताओं को लंबी दूरी कर राशन सामग्री लाकर जीवन यापन करना पड़ रहा है, लेकिन इस परेशानी को दूर करने का प्रयास जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा नहीं किया जा रहा है।

यह है मापदंड
खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शहरी क्षेत्र में 1 हजार जनसंख्या में राशन दुकान (Ration Shop) होना अनिवार्य है। ग्राम पंचायतों के लिए भी मापदंड निर्धारित किया गया है। यहां तीन किमी क्षेत्र के अंतर्गत राशन सामग्री होना चाहिए। इसके अलावा जिन गांवों की जनसंख्या कम है और उसकी दूरी राशन दुकान से अधिक है, वहां राशन सामग्री (Ration Item) का भंडारण कर, हर महीने उपभोक्ताओं को देना है, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

यहां है ज्यादा दिक्कत
नगरीय निकाय और उसके आस-पास के गांवों में राशन दुकानों को लेकर ज्यादा दिक्कत नहीं है। सबसे ज्यादा समस्या वनांचल क्षेत्र में है। यहां ऐसे कई ग्राम पंचायत हैं, जिसकी आश्रित गांवों की संख्या दो सौ से भी अधिक है। आश्रित गांवों की जनसंख्या पहले से काफी बढ़ गई है। इन गांवों अब तक राशन दुकानें (Ration Shop) खुल जाना चाहिए था, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दूरी अधिक होने से बुजुर्ग उपभोक्ता राशन सामग्री वंचित हो जाते हैं। उन्हें शासन की योजना का लाभ नहीं मिल पाता।

खाद्य विभाग के अधिकारी संतोष दुबे ने बताया कि राशन दुकानों से हर महीने उपभोक्ताओं को राशन सामग्री दिया जा रहा है। लंबी दूरी तय कर राशन खरीदने के संबंध में शिकायत नहीं मिली है।

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