बैंकों में हथियार लेकर आना-जाना कर रहे हितग्राही, फिर भी प्रबंधक नहीं दे रहे ध्यान

बैंकों में हथियार लेकर आना-जाना कर रहे हितग्राही, फिर भी प्रबंधक नहीं दे रहे ध्यान

Deepak Sahu | Publish: Aug, 06 2018 11:02:24 AM (IST) | Updated: Aug, 06 2018 11:02:25 AM (IST) Dhamtari, Chhattisgarh, India

हितग्राही प्रतिबंधित हथियार लेकर भी बे रोक-टोक आना जाना कर रहे हैं। बैंकों में सुरक्षा में यह चूक कभी भी महंगी पड़ सकती है।

धमतरी. छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पांच सौ करोड़ का कारोबार करने वाले 94 बैंक शाखाओं में मेटल डिटेक्टर जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। ऐसे में हितग्राही प्रतिबंधित हथियार लेकर भी बे रोक-टोक आना जाना कर रहे हैं। बैंकों में सुरक्षा में यह चूक कभी भी महंगी पड़ सकती है।

बैंकोंं मेंं गार्ड की कोई जानकारी नहीं
जिले में स्टेट बैंक समेत विभिन्न बैंकों के करीब 94 बैंक शाखाएं संचालित की जा रही है। यहां रोजाना करोड़ों रूपए का लेन-देन होता है। जब से केन्द्र शासन ने करेंसी का डिजिटलाइजेशन किया है परेशानी और बढ़ गई है। एक जानकारी के अनुसार शहर में स्टेट बैंक, एचडीएफसी, बीआईओ, सेंट्रल बैंक समेत 9 बैंक संचालित हो रहे हैं। पत्रिका ने इन बैंकोंं का मुआयना किया। देखा गया कि प्रत्येक स्टेट बैंक, एचडीएफसी, सेंट्रल बैंक समेत कुछ ही बैंकों मेंं सुरक्षा की दृष्टि से गार्डोंं की नियुक्ति की गई, लेकिन अन्य बैंकोंं मेंं गार्ड कहां खड़ा रहते है, कोई जानकारी नहीं है।

प्रबंधक नहीं दे रहे ध्यान
गौरतलब है कि जिले के सबसे बड़े स्टेट बैंक में ही करीब 40 हजार से अधिक खाताधारी है, लेकिन यहां सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ दो गार्डों पर है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों रायपुर विधानसभा स्टेट बैंक मेंं हुए उठाईगिरी के मामले के बाद जिला पुलिस प्रशासन के निर्देश पर एएसपी केेपी चंदेल ने स्वयं स्टेट बैंक समेत अन्य बैंकों का मुआयना किया था, जिसमें उन्होंने बैंक प्रबंधकों को सुरक्षा की दृष्टि से मेटल डिटेक्टर, सीसी टीवी कैमरा और पर्याप्त गार्डों की नियुक्ति करने का निर्देश भी दिया था। इसके बाद भी प्रबंधक ध्यान नहीं दे रहे हैं।

हो चुकी है उठाईगिरी
ज्ञात हो कि करीब दो साल पहले बैंक आफ बड़ौदा मेंं सुरक्षागत खामी के चलते बाहरी गिरोह के सदस्यों ने 10 लाख रूपए की उठाई गिरी किया था। इसके अलावा स्टेट बैंक के बाहर भी कई हितग्राही लूट का शिकार हो चुके हैं। इसके बावजूद बैंक प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

लीड बैंक अधिकारी, अमित रंजन ने बताया बैंक प्रबंधकोंं को बैंकोंं की सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम करने के लिए निर्देशित किया गया है। समय-समय पर इसका जायजा भी लिया जाता है।

क्या मिलेगा फायदा
बैंक में मेटल डिटेक्र लगाने से कोई भी व्यक्ति हथियार लेकर जैसे ही प्रवेश करता है, तो मेटल डिटेक्टर एक्टिव हो जाएगा। ऐसे मेंं बैंक कर्मचारी व अन्य लोग सतर्क हो जाएंगे। वहीं बैंक कर्मचारी अलार्म बजाकर मदद मांग सकेंगे। इस तरह यदि बैंकोंं के बाहर मेटल डिटेक्टर लगा दिया जाए, तो इससे बड़ी घटनाओंं पर भी ब्रेक लग जाएगा।

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