प्रधानमंत्री जनधन का दो लाख खाता हुआ बंद, हितग्राहियों को नहीं मिल रहा योजना का लाभ

जनजागरूकता के अभाव में इनमें से करीब 2 लाख जनधन खाता लेन-देन के अभाव मेंं बंद हो गया है।

By: Deepak Sahu

Published: 10 Apr 2019, 10:00 PM IST

धमतरी. केन्द्र सरकार की ओर से आम जनता की आर्थिक भागीदारी और देश के प्रत्येक परिवार को बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनधन योजना शुरू की गई है। इसके तहत धमतरी जिले में करीब 4 लाख जनधन खाता खुलवाया गया था। वर्तमान में जनजागरूकता के अभाव में इनमें से करीब 2 लाख जनधन खाता लेन-देन के अभाव मेंं बंद हो गया है। ऐसे में इस योजना का लाभ हितग्राहियों को नहीं मिल रहा है।

केन्द्र सरकार की ओर से वर्ष-2014 में जनधन खाता को एक राष्ट्रीय मिशन के रूप में शुरू किया गया था। इसके तहत धमतरी जिले में भी इसका प्रचार-प्रसार कर राष्ट्रीयकृत बैंकों में जीरो बैंलेंस में खाता खुलवाया गया, लेकिन वर्तमान में अधिकांश खाताधारी इस खाता का उपयोग ही नहीं कर रहे हैं। एक जानकारी के अनुसार धमतरी जिले में विभिन्न बैंकों के करीब 99 बैक शाखाएं संचालित हो रही है। इन बैंकोंं में करीब 10 लाख खाताधारक है, जो प्रतिदिन बैंकोंं में लेन-देन करते हैं। इसके अलावा 4 लाख जनधन खाताधारी भी शामिल हैं। सोमवार को पत्रिका ने शहर के मुख्य बैंकों का मुआयना किया।

 

देखा गया कि अधिकांश उपभोक्ता केवायसी जमा कराने को लेकर बैंकों का चक्कर काट रहे हैं। उपभोक्ता निर्मल कुंजाम, अखिलेश साहू ने बताया कि दो साल पहले जीरों बैलेंस में जनधन खाता खुलवाया था, लेकिन उसमें लंबे समय तक लेन-देन नहीं हुआ। ऐसे में अब खाता बंद हो गया है, लेकिन जानकारी के अभाव में खाता अपडेट नहीं करा पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि तीन दिन बैंक का चक्कर काटने के बाद पता चला कि खाता को अपडेट कराने के लिए केवायसी जमा कराना होगा, लेकिन इसके बारे में जानकारी नहीं है। ऐसे मेंं मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।

यहां के खाते हुए इनक्टिव
जिले के वनांचल ग्राम नगरी, दुगली और मगरलोड सिंगपुर क्षेत्र के अधिकांश ग्रामीणों के जनधन खाते में पिछले एक साल से कोई लेन-देन नहीं हुआ है। सूत्रों की मानेंं तो ६ माह तक किसी भी खाता मेंं लेन-देन नहीं होने पर उसे अक्रियाशील मान लिया जाता है। इस नियम के तहत करीब २ लाख खाते बंद हो गए हैं, जिन्हें अपडेट कराने के लिए खाताधारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

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