सांप के काटने के बाद बिल्कुल नहीं करें ये गलती, यहां अब तक 250 लोगों की हो गई है मौत

सांप के काटने के बाद बिल्कुल नहीं करें ये गलती, यहां अब तक 250 लोगों की हो गई है मौत

Chandu Nirmalkar | Updated: 16 Jul 2019, 04:17:41 PM (IST) Dhamtari, Dhamtari, Chhattisgarh, India

Snake Bite case in CG: पिछले 9 सालों का आंकड़ा देखें, तो अब तक 250 लोगों की अकाल मौत(Died) हो चुकी है।

धमतरी. मानूसन (Monsoon) शुरू होने के साथ ही सर्पदंश (Snake Bite case in CG) से मौत का सिलसिला शुरू हो गया है। एक आंकड़े के अनुसार छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के धमतरी जिले (Dhamtari) में सांप के काटने (Snake bite) से 90 फीसदी लोगों की मौतें हो गई है। ये सिर्फ और सिर्फ अंधविश्वास और सांप के संबंध में सही जानकारी नहीं होने की वजह से हो रही है। पिछले 9 सालों का आंकड़ा देखें, तो अब तक 250 लोगों की अकाल मौत हो चुकी है।

जानिए ये मामला
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों ग्राम कंडेल निवासी उत्तम (25) पिता सुखराम विश्वकर्मा रात्रि भोजन करने के पहले हाथ-पैर धो रहा था, इसी समय करैत सांप ने उसे डस लिया। उसे उपचार के लिए मसीही अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। जबकि दूसरी घटना में ग्राम हंचलपुर निवासी नेहा राजवंशी (18) पिता देवसिंह राजवंशी अपने घर के कमरे में सोई थी।

 

 

Snake bite case

डाक्टर ने की मौत की पुष्टि
इसी दौरान एक जहरीले सर्प ने उसे काट लिया। परिजन उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर आए, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। चेकअप के बाद डाक्टर ने भी उसे मृत घोषित कर दिया। सूत्रों के अनुसार सर्पदंश से ज्यादा मौंते नगरी और मगरलोड ब्लाक के वनांचल क्षेत्रों से सामने आ रही है। देखा गया है कि वनांचल क्षेत्रों में उपचार सुविधा को दरकिनार कर सर्प का जहर उतारने के लिए उसे बैगा-गुनिया के पास ले जाया जाता है। यही कारण है कि बारिश शुरू होते ही सर्पदंश लोगों की अकाल मौते होती है।

सर्पदंश एक नजर मेंं
उधर विभागीय सूत्रों की मानें तो वर्ष 2011-12 में 14, वर्ष 2012-13 में 43, 2013-14 में 44, 2014-15 में 32 और 2015-16 में 30, 2016-17 में 25, 2017-18 में 21 और -2018-19 में 26 तथा वर्ष-2019-20 में अब तक 15 लोगोंं की मौत हो चुकी है। इस तरह 9 सालों में करीब 250 लोगों की मौत सर्पदंश के चलते हुई है।

 

Snake bite case

अगर सांप काट ले तो तुरंत करें ये काम
डॉ संजय वानखेड़े, डॉ राकेश सोनी ने बताया कि जिले में सर्प दंश से अधिक मौत अंधविश्वास और सांप के संबंध में सही जानकारी नहीं होने के कारण होती है। पीडि़त व्यक्ति को यदि एक घंटे के अंदर समुचित उपचार सुविधा मिल जाए, तो पीडि़त की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने आगे बताया कि सर्पदंश का शिकार होने पर पीडि़त को सबसे पहले दहशत से बचाए रखना जरूरी है। दहशत से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, जिससे सांप का जहर शरीर में तेजी से फैलने लगता है और मरीज की मौत हो जाती है।

वनांचल क्षेत्रों मेंं मितानिनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया गया है, जो ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। सर्पदंश से पीडि़त होने पर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराने के लिए प्रेरित किया जाता है।

डॉ डीके तुर्रे, सीएमएचओ

 

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