कहीं आपके बच्चे भी तो एग्जाम टाइम में नहीं ले रहे ये दवाइयां, जा सकती है जान

कहीं आपके बच्चे भी तो एग्जाम टाइम में नहीं ले रहे ये दवाइयां, जा सकती है जान

Deepak Sahu | Publish: Mar, 10 2019 11:07:07 AM (IST) | Updated: Mar, 10 2019 11:07:08 AM (IST) Dhamtari, Dhamtari, Chhattisgarh, India

अगर आपके बच्चे भी बोर्ड एग्जाम दे रहे है तो उनकी गतिविधियों पर ध्यान दें।

धमतरी. अगर आपके बच्चे भी बोर्ड एग्जाम दे रहे है तो उनकी गतिविधियों पर ध्यान दें। क्यूंकि बोर्ड परीक्षा शुरू होते ही मेडिकल दुकानों में मेमोरी पावर बढ़ाने की दवाईयों की डिमांड अचानक 20 तक बढ़ गई है। अपनी याददाश्त को मजबूत बनाने के लिए छात्र-छात्राएं इसका रोजाना सेवन कर रहे हैं, जिसका सीधा असर उनकी सेहत पर पड़ रहा है। सूत्रोंं की मानेंं तो डाक्टरी सलाह के बिना लंबे समय तक इन दवाइयों का सेवन करने से व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।

मिलती है 2 सौ से 2 हजार तक
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल और सीबीएसई की ओर से मार्च के प्रथम सप्ताह से 10 वीं और 12 वीं बोर्ड परीक्षा शुरू हो गई है। ऐसे में छात्र-छात्राएं विभिन्न विषयों के प्रश्नों को हल करने में अपना समय व्यतीत कर रहे हैं, लेकिन याददाश्त कमजोर होने के चलते वे परीक्षा में अच्छा परफॉर्मेंस नहीं दिखा पा रहे हैं। ऐसे में वे याददाश्त को मजबूत बनाने के लिए ऐलोपैथी समेत आयुर्वेद दवाईयों का सेवन कर रहे हैं। एक मेडिकल व्यवसायी के अनुसार तीन साल पहले मेमोरी पावर को बढ़ाने के लिए छात्र-छात्राएं ऐलोपैथी की दवा का सहारा लेते थे, लेकिन अब ऐलोपैथी और आयर्वुेद दोनों तरह की दवाईयों की डिमांड बढ़ गई है। बताया गया है कि इसके लिए वे 2 सौ से लेकर 2 हजार रुपए तक खर्च कर रहे है।

उधर विशेषज्ञों का कहना है कि मेमोरी पावर का सीधा संबंध हमारे मस्तिष्क के न्यूरांस से होता है। इसे एक्टिव करने के लिए प्रेक्टिस और सकारात्मक सोच की जरूरत है, लेकिन जैसे ही हम डाक्टर की सलाह के बिना ऐलोपैथी या आयुर्वेद की दवाईयों का सेवन करते हैं, यह मस्तिष्क के लिए घातक साबित हो सकती है।

काउंसिलिंग की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा के समय पालकोंं को अपने बच्चोंं के एक्टिविटी पर ध्यान देने की जरूरत है। यदि परीक्षा के समय उनके व्यवहार कोई परिवर्तन दिखे, तो मेमोरी पावर दवाई खिलाने की बजाए काउंसलर की सहायता लेना चाहिए। इससे छात्रों में पुन: आत्मविश्वास जगाया जा सकता है।

हो सकता है जानलेवा
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ डीके तुर्रे का कहना है कि मेमोरी पावर बढ़ानेे और परीक्षा में अच्छा अंक लाने के लिए छात्र-छात्राओं को दवाई की नहीं बल्कि अपने भीतर आत्मविश्वास जगाने की जरूरत है। परिजनोंं को इसमें सहयोग करना चाहिए। बताया गया है कि बाजार मेंं विभिन्न कंपनियों की कई सारी मेमोरी पावर बढ़ाने वाली दवाईयां उपलब्ध हैं, इसे बनाने के लिए कई घातक रसायनों का भी उपयोग होता है। ऐसे में यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned