खतरों से भरा हैं घर से स्कूल तक का रास्ता , हो रही सुरक्षा की अनदेखी

खतरों से भरा हैं घर से स्कूल तक का रास्ता , हो रही सुरक्षा की अनदेखी

Deepak Sahu | Publish: Mar, 14 2018 01:24:56 PM (IST) Dhamtari, Chhattisgarh, India

स्कूली बच्चों को ऑटो से स्कूल पहुंचाने वाले आटो चालक उनकी जान के साथ खिलावड़ कर रहे हैं। वे निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चे बैठाकर उन्हें ले जाते हैं।

धमतरी. स्कूली बच्चों को ऑटो से स्कूल पहुंचाने वाले आटो चालक उनकी जान के साथ खिलावड़ कर रहे हैं। वे निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चे बैठाकर उन्हें ले जाते हैं। जगह कम पडऩे पर बच्चों को आटो के बीच बैठा दिया जाता है। ऐसे में अगर थोड़ी सी भी चूक होती है तो गंभीर दुर्घटना हो सकती है। लेकिन इसकी चिंता टै्रफिक पुलिस को भी नहीं है।


उल्लेखनीय है कि शहर में बड़ी संख्या में प्राइवेट स्कूल हैं।जहां बच्चों की आवाजाही के लिए बस, मैजिक और आटो की व्यवस्था भी की गई है। अधिकांश आटो चालक अधिक कमाई के चक्कर में बच्चों की सुरक्षा को दांव पर लगा रहे हैं। आटो की क्षमता 4 लोगों की है, लेकिन बच्चों को ठूसठूस कर भरा जाता है। और तो और जगह कम पड़ने पर चालक बच्चों को अपनी सीट और पीछे समान रखने वाली जगह में बैठा लेते हैं।

इस तरह के स्कूली आटो सडक़ों पर आसानी से नजर आ जाते हैं, इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस इन वाहन चालकों पर कार्रवाई करने के बजाए अनदेखा कर देती है। स्कूली बस की तरह आटो की फिटनेस जांच भी नहीं होती।इसके अलावा परिजन भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

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पेरेंट्स भी नहीं देते ध्यान
ऑटो चालकों द्वारा जब बच्चों को इस तरह भर कर ले जाया जाता है तब पेरेंट्स भी सुरक्षा के आयामों को नज़र अंदाज करते हैं। बच्चों की सुरक्षा पर उनका भी ध्यान नहीं होता।

दी गई है चेतावनी

इस मामले में ट्रैफिक प्रभारी पुष्पेन्द्र सिंह से बात करने पर उन्होंने कहा कि निर्धारित क्षमता से अधिक स्कूली बच्चों को बैठाने वाले आटो चालकों पर कार्रवाई की जाती है। इसके संबंध में अब स्कूल संचालकों पत्र लिखा जाएगा।

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