बेरोजगार ग्रामीणों ने पेट की आग बुझाने के लिए काट डाले 400 एकड़ जंगल

Deepak Sahu | Publish: Apr, 29 2019 06:14:06 PM (IST) | Updated: Apr, 29 2019 06:26:25 PM (IST) Dhamtari, Dhamtari, Chhattisgarh, India

रोजाना सैकड़ों की संख्या में मजदूरों के जंगल में लकड़ी काटने से अब जंगल के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है । कुछ महीने में ही यह करीब 400 एकड़ में हजारों की संख्या में पेड़ चुके हैं, लेकिन वन विभाग को देखने की फुर्सत नहीं है ।

धमतरी. मनरेगा काम नहीं खुलने से मजदूर मजबूरी में जंगल में लकड़ी की कटाई कर रहे हैं। पिछले 12 सालों में पहली बार ऐसी स्थिति मोहंदी में निर्मित हुई है । जंगल को अवैध कटाई से बचाने सरपंच ने तत्काल कलेक्टर से गांव में काम खुलवाने की गुहार लगाई।

सोमवार को कलेक्टर से मिलने पहुंचे मगरलोड ब्लाक के सरपंच श्रवण साहू ने कहा कि खरीफ सीजन में धान कटाई के बाद गांव में कोई काम नहीं है। ग्रामीण मजदूर ठेलहा बैठे हैं । ग्राम पंचायत बार-बार जनपद, जिला पंचायत से काम की मांग कर रहे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। ऐसे में मजबूरी में मजदूर अब जंगल जाकर लकड़ी काट कर बेचने के लिए विवश है ।

रोजाना सैकड़ों की संख्या में मजदूरों के जंगल में लकड़ी काटने से अब जंगल के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है । कुछ महीने में ही यह करीब 400 एकड़ में हजारों की संख्या में पेड़ चुके हैं, लेकिन वन विभाग को देखने की फुर्सत नहीं है । उन्होंने लगातार कटते जंगल को बचाने तत्काल गांव में मनरेगा काम उपलब्ध कराने की मांग की है।

 

पंच भोपाल साहू जगदेव दिनेश पटेल ने बताया कि ग्राम पंचायत मनरेगा के तहत से गांव तक कच्ची सड़क बनाने की जरूरत है। इसके अलावा सिंचाई के लिए कुसुमखूंटा तथा विजयपुर और कमार पारा में तालाब गहरीकरण की स्वीकृति मिल जाए तो मजदूरों को काम काम मिल जाएगा और दूसरी और जंगल भी कटने से बच जाएगा।

ग्रामवासी पुरुषोत्तम साहू ओम प्रकाश साहू जनक साहू भूषण साहू ने कहा कि पिछले 12 सालों में पहली बार गांव में ऐसी स्थिति बनी है। गांव में काम नहीं है लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। काम मांगने के बाद भी जब अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई तो लोगों ने जंगल की लकड़ी काटकर इसे बेचकर अपना आजीविका चला रहे हैं। जनहित में तत्काल मनरेगा कार्य खोला जाए।

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