बच्चे को सांप ने काटा, जिंदा करने के लिए चलती रही तंत्र क्रिया, मौत के 36 घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार

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By: Prateek

Updated: 16 Jun 2020, 04:03 PM IST

धनबाद,कोडरमा: Coronavirus के दौर में देश वैसे ही काफी समस्याओं का सामना कर रहा है। इसी बीच यदि जनता अंधिविश्वास की राह पर चल पड़े तो हमें कौन बचा सकता है? ऐसा ही हुआ एक चार वर्षीय मासूम के साथ जिसे सांप ने काट लिया था। लेकिन उसके परिजन टोने—टोटके में ही उलझे रहे और बच्चे की मौत हो गई। मौत के बाद बच्चे को जिंदा करने के लिए भी उन्होंने तंत्र क्रिया का सहारा लिया। हर जगह से निराश होने बाद मौत के 36 घंटे बाद मंगलवार को बच्चे का अंतिम संस्कार किया गया।


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सांप ने काटा, आपस में ही लड़ते रहे परिजन...

यह मामला झारखंड में कोडरमा जिले के गड़गी गांव का है। रविवार शाम आर्यन नाम के बच्चे को खेलते समय सांप ने काट लिया था। बच्चे को तुरंत ले अस्पताल ले जाने की बजाए परिजन एक—दूसरे पर ओझा गुणी का आरोप लगाते हुए उलझते रहे। इसके बाद रात को बच्चे को मरकच्चो के नावाडीह गांव ले जाया गया। वहां झाड़-फूंक करवाई। यहां कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद बच्चे को सांप काटने के 7 घंटे बाद लगभग रात 12 बजे सदर अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों में बच्चे को मृत घोषित कर दिया।

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थाने पहुंचे...

इसके बाद बच्चे के पिता संजय यादव ने जयनगर थाने पहुंचकर अपने भाई और पिता पर डायन का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाने की कोशिश। सोमवार को गांव के वरिष्ठ जनों की दखल के बाद मामला सुलझा।

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24 घंटे तक चलती रही तांत्रिक क्रिया...

 

बच्चे को सांप ने काटा, जिंदा करने के लिए चलती रही तंत्र क्रिया, मौत के 36 घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार

इसके बाद भी परिजनों का अंधविश्वास और ढकोसलों से मन नहीं भरा। वह मृत बच्चे को ही नवागढ़चट्टी ले गए। यहां भी झाड़ फूंक चलती रही। फायदा ना होते हुए देख परिजनों ने आखिरी कदम उठाया। वह उसे हजारीबाग जिले के विष्णुगढ ले गए। यहां बच्चे को जिंदा करने के कोलकाता से आए तांत्रिका द्वारा लिए 24 घंटे तक तांत्रिक क्रिया चलती रही। अंतत: परिजनों ने माना की बच्चे के प्राण पखेरू उड़ चुके है। रविवार रात को जान गंवा देने वाले बच्चे का मंगलवार को अंतिम संस्कार किया गया।

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