जब मंत्री बने किसान, खेत में हल चलाकर रोपा धान, बोले- समझता हूं किसानों का दर्द

किसी का परिवार खेती से जुड़ा हुआ है तो वह भले ही कितनी भी ऊंचाई पर पहुंच जाए लेकिन उसे खेती से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए (Jharkhand Minister Satyanand Bhokta Joined Farming In Native Village) (Jharkhand News) (Jharkhand Government) (Jharkhand Labor and Planning Minister Satyanand Bhokta)...

By: Prateek

Updated: 28 Jul 2020, 01:26 PM IST

धनबाद,चतरा: भारत एक कृषि प्रधान देश है। किसान को सबसे ज्यादा सम्मान देते हुए उसे अन्नदाता कहा गया है। अगर किसी का परिवार खेती से जुड़ा हुआ है तो वह भले ही कितनी भी ऊंचाई पर पहुंच जाए लेकिन उसे खेती से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए, झारखंड के श्रम एवं नियोजन मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने इस बात का जीता जागता उदाहरण है। गांव पहुंचते ही लंबे—लंबे भाषण देने वाले नेताजी किसान बन गए और जमकर खेतों में हल चलाया।

 

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दरलअसल मंत्री सत्यानंद भोक्ता कोरोना काल के बीच सदर थाना क्षेत्र के अपने पैतृक गांव कारी पहुंचे थे। उन्होंने स्थानीय लोगों से भेंट कर उनकी समस्या जानी और समाधान करने का भी प्रयास किया। इसके बाद वह अपने अन्य परिजनों के साथ खेती में जुट गए। नेताजी को खेती करता देखने के लिए ग्रामीण जुट गए।

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हल चलाने और धान रोलने के बाद उन्होंने कहा कि गरीब किसान के बेटा हूं, गरीबी को जानता हूं। खेती करना हमारा धर्म है। किसान अन्नदाता होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वजों ने विरासत में खेत दिया है, खेती करना जरूरी है। किसान खेती करेगा, तब ही खाने के लिए अनाज मिलेगा। मंत्री के इस अवतार की चारों तरफ खूब चर्चा हो रही है।

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