13 करोड़ की सड़क के ट्रैफिक पर 13 रुपए भी खर्च नहीं

रॉन्ग साइड चलने से हो रही दुर्घटनाएं, नपा नहीं दे रही ध्यान

By: ankur upadhyay

Published: 06 Jan 2016, 12:15 AM IST

धार. शहर के प्रमुख मार्ग पर नगर पालिका ने 13 करोड़ रुपए खर्च कर आदर्श सड़क का निर्माण किया, लेकिन यहां ट्रैफिक के सुचारू संचालन पर 13 रुपए भी खर्च नहीं किए है। यही कारण है कि आए दिन यहां दुर्घटनाएं हो रही हैं। इससे अब तक दर्जनों लोग दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। नियमानुसार नपा को ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर स्पीड ब्रेकर के साथ ट्रैफिक सिग्नल लगाना आवश्यक है, लेकिन दिखावे के लिए केवल दो चौराहों पर सुरक्षा ब्लिंपर लगाए गए हैं।

ट्रिपल ई पर आधारित ट्रैफिक व्यवस्था में सबसे पहले इंजीनियरिंग आती है, जिसमें सड़क की व्यवस्थाएं होती हैं। इसके लिए स्थानीय नगरपालिका जिम्मेदार होती है। इसके बाद एज्युकेशन, जिसकी जिम्मेदारी से सभी विभाग पल्ला झाड़ रहे हैं। हालांकि कुछ समय से पुलिस स्कूलों में पहुंचकर यातायात का पाठ पढ़ा रही है, लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकी है। इसके अलावा अंतिम ईÓ में इन्फोर्समेंट आता है, जिसकी जिम्मेदारी पुलिस की बनती है। ट्रैफिक के नाम पर पुलिस को जिम्मेदार ठहराए जाने से पहले स्थानीय पालिका की जिम्मेदारी बनती है, लेकिन नगरपालिका बजट नहीं होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ती नजर आ रही है।

नहीं है जेब्रा क्रॉसिंग

शहर की आदर्श सड़क पर दो प्रमुख चौराहे हैं, लेकिन एक पर भी लोगों के पैदल चौराहा पार करने के लिए जेब्रा क्रॉसिंग नहीं बनाया गया है। इधर दोनों चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल नहीं होने से वाहन आपस में उलझते दिखाई दे रहे हैं। लाख जतन के बावजूद संसाधन नहीं होने व चौराहों पर संकेतक नहीं होने से ट्रैफिक पुलिस भी लाचार दिखाई दे रही है। इधर लंबे समय से आदर्श सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिससे रांग साइड चल रहे वाहनों को व्यवस्थित किया जा सके। हालांकि एक ओर की सर्विस रोड का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन दूसरी ओर की सर्विस रोड कब बनेगी, इसका जवाब सीएमओ के पास भी नहीं है।

आपस में भिड़ रहे हैं वाहन

अब तक आदर्श सड़क पर तीन दर्जन से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें से चार लोगों की मौत हो चुकी है तो कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कोतवाली थाने से मिली जानकारी के अनुसार आदर्श सड़क पर दुर्घटना से चार मर्ग कायम हुए हैं, वहीं लगभग तीन दर्जन सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। कुछ समय पूर्व विधायक बंगले के सामने आदर्श सड़क पर एक मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें दो लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था।

मनमर्जी की पार्किंग

आदर्श सड़क की बनावट में न तो पार्किंग के लिए स्थान छोड़ा गया है और न ही यहां से बेतरतीब खड़े वाहनों को खदेडऩे के लिए किसी प्रकार की व्यवस्था की गई है। यही कारण है कि आदर्श सड़क पर दर्जनों वाहन प्रतिदिन वैध पार्किंग की तरह पार्क किए जा रहे हैं, जिन पर पुलिस भी कार्रवाई करने में सक्षम नहीं दिखाई दे रही है। इधर ट्रैफिक पुलिस के जिम्मेदार अफसरों का कहना है कि यदि नपा क्रेन उपलब्ध करवा दे तो अवैध रूप से बेतरतीब खड़े वाहनों को उठाया जा सकेगा। आदर्श सड़क के किनारे एक निजी बैंक व कई अन्य संस्थानों के बाहर सड़क पर ही वाहन पार्क किए जा रहे हैं, जो नियम के खिलाफ है और इन पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

अभी आया हूं

वैसे शहरी सड़कों पर ट्रैफिक की जिम्मेदारी नपा की बनती है। मैंने अभी ज्वाइन किया है। सब इंजीनियर अवकाश पर हैं। उनके आते ही जानकारी लेकर समुचित व्यवस्था करेंगे।

भूपेंद्र दीक्षित, सीएमओ, धार
ankur upadhyay
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