सजा-संवारकर पांच माह की बच्ची को नदी में फेंका, चट्टान पर अटका शव, मछलियों ने भी नोंचा

- राऊ-खलघाट फोरलेन पर कारम नदी से मिली लाश

 

By: हुसैन अली

Published: 19 Sep 2020, 04:39 PM IST

धार. नन्ही परी की आंखों में काजल लगा है...बुरी नजर से बचाने माथे पर काला टीका हैं...हाथों में माखी हैं...शरीर पर हरे रंग का कपड़ा हैं...जो जिंदगी का रंग हैं, पर मौत में तब्दील हो गया है। करीब पांच माह की बेटी को मां ने सजा संवाकर पुल से मारने के लिए पानी में फेंक दिया। मासूम बेटी का शव ज्यादा बह भी नहीं सका। शव करीब 70 से 80 फीट दूर जाकर चट्टान पर जाकर अटक गया। बेटी सीधे मुंह चट्टान पर पड़ी थी। नदी के बहते पानी में एक हाथ डूबा था। मुंह का कुछ हिस्सा पानी में था। सांसें थमी और आंखे बंद...होठों पर मछलियों के नोचने के निशान हैं।

घटना सिरसौदिया गांव की हैं। जहां राऊ-खलघाट फोरलेन पर कारम नदी में चट्टान पर पांच माह की बेटी का शव शुक्रवार सुबह 6 बजे अटका मिला। आशंका है कि पांच माह की मासूम को पुलिया से 100 फीट ऊपर से फेंका गया है। गहरा पानी होने की वजह से बच्ची डूब गई। शव बहकर करीब 70 से 80 मीटर चट्टान पर जाकर अटक गया। सुबह उपसरपंच दिलीप वर्मा ने देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस की मौजदूगी में ग्रामीणों ने शव को कपड़े में रखरक किनारे पर लाए। जहां से फिर शव को पोस्टमार्टम के लिए धामनोद स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। जिस तरह से मासूम के शरीर पर महंगे कपड़े मिले हैं। हाथों में माखी थी। इसमें सोने के मोती हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि मासूम किसी संपन्न परिवार से होगी।

चट्टान के बीच अटका था शव

उपसरपंच दिलीप उर्फ गोटिया वर्मा के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब छह बजे का समय रहा होगा। मैं रोज घूमने जाता हूं। मैंने देखा नदी में चट्टान के बीच शव पड़ा है, तुरंत आसपास के लोगों को सूचना दी। सभी लोग आ गए। घर से टॉवेल बुलाया। सूचना पर धामनोद पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीण नदी में उतरे और शव को टावेल में डालकर किनारे पर लेकर गए। फिर पुलिस कर्मचारी उसे स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।

हुसैन अली
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