VIDEO प्रशासन ने तोडे 59 से अधिक मकान, अब बनकर तैयार होगा हाई स्पीड ट्रैक

साढे आठ बजे करीब 300 से अधिक पुलिस फोर्स के साथ माधवपुरा गांव पहुंचा अमला

By: Amit S mandloi

Updated: 04 Apr 2021, 08:00 PM IST

धार..

प्रशासन ने हाईस्पीड ट्रैक निर्माण में बाधक बन रहे मकानों को जमीेंदोज कर दिया है। यहां पर 120 से अधिक मकान थे, लेकिन इससे पहले भी एक बार कार्यवाही हो चुकी थी।

नेट्रीप द्वारा अधिग्रहित जमीन को रविवार सुबह साढे आठ बजे प्रशासन करीब 300 से अधिक पुलिस फोर्स के साथ माधवपुरा गांव पहुंचा। विवाद न हो इससे पहले एसडीएम सत्यनारायण दर्राे, सीएसपी तरुणेंद्र सिंह बघेल, तहसीलदार विनोद राठौड, टीआई राजेंद्र भदौरिया ग्रामीणों से मिलने पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रशासन से समय मांगा, लेकिन समय न देते हुए मकानों को खाली कराने के लिए नगर पालिका की टीम को सहायता के लिए भेज दिया। नगर पालिका की रिमूवल टीम ने लोगों के मकानों से सामान खाली कराने मे मदद की। नगर पालिका ने टैक्टर के माध्यम से लोगों के सामान नए आवास स्थान पर पहुंचाए। टीम ने मकानों को खाली कराने के बाद निरीक्षण किया फिर सभी मकान धाराशाही कर दिए। मौके पर पांच जेसीबी और पोकलेन मशीन सहित अन्य उपकरण थे। साथ ही 18 थानों के प्रभारी, पांच एसडीओपी, 19 कार्यपालक दंडाधिकारी सहित भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद था। टीम ने शुरुआत से ही सख्त थी, बाहरी किसी भी व्यक्ति को गांव के अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा था। करीब आठ से नौ घंटे तक कार्यवाही चली।इस दौरान हल्का विरोध के अलावा शांतिपूर्ण तरीके से पूरी कार्यवाही चली।

अब होगा ट्रेक का निर्माण

सागौर के पास नेट्रीप मे अत्याधुनिक ऑटो टेस्टिंग ट्रेक का काम चल रहा था। यह ट्रैक माधवपुरा गांव से होकर निकलना है। लेकिन माधवपुरा गांव के रहवासियों ने इस ट्रेक को लेकर आपत्ति ली और मुआवजे की मांग की। हालांकि प्रसाशन मुआवजा देने को तैयार था, लेकिन ग्रामीणों को वर्तमान मे चल रहे जमीनों के दाम के हिसाब से मुआवजा चाहिए था। प्रशासन ने सभी ग्रामीणों को मटिया कॉलोनी में रहने के लिए आवास की व्यवस्था की है। माधवपुरा गांव खाली होने के साथ ही अब ट्रैक का निर्माण कार्य पूरा होने का रास्ता भी खुल गया है। बता दे कि ग्रामीणों और नेट्रीप के विवाद के कारण ही ट्रेक का काम आगे नहीं बढ पाया।

नेट्रीप के पक्ष मे आया हाइकोर्ट का फैसला

मुआवजे और अन्य प्रकरणो को लेकर गांव के लोगों ने हाइकोर्ट मे रिट लगाई थी। जिस पर दस महीने से अधिक चले इस केस मे 30 मार्च को हाइकोर्ट ने नेट्रीप के पक्ष मे फैसला सुनाया। फैसला आते ही प्रसाशन ने ताबडतोड कार्यवाही करते हुए मकानों को जमींदोज कर दिया। जिससे अब नेट्रीप का स्पीड ट्रैक बनाने का रास्ता साफ हो गया। बता दे कि 2018 में ऑटो टेस्टिंग ट्रेक का उद्धघाटन राज्यमंत्री बाबूल सुप्रियो ने किया था। कार्यवाही में आईएएस सलोनी सिडाना, सिटी मजिस्ट्रेट शिवांजी जोशी,एडीएशनल एसपी देवेंद्र पाटीदार, एसडीएम सत्यनारायण दर्राे, तहसीलदार विनोद राठौड, नायब तहसीलदार अंजली गुप्ता, पटवारी कन्हैयाए टीआई राजेन्द्र भदौरिया, तारेश सोनी मौजूद थे।

VIDEO प्रशासन ने तोडे 59 से अधिक मकान, अब बनकर तैयार होगा हाई स्पीड ट्रैक

ये है खास

. नेट्रैक्स ने उच्च क्षमता वाले 14 अलग.अलग तरह के ट्रैक बनाए हैं। इनमें उच्च गतिए डायनामिक प्लेटफॉर्म, मल्टी ब्रेकिंग ट्रैक, फटिंग थकान ट्रैक, ग्रेडिएंट ट्रैक, कम्फर्ट ट्रैक, ग्रेवल और ऑफ रोड ट्रैक, हैंडलिंग ट्रैक, वेट स्किड पेड, नॉइस ट्रैक, डस्ट टनल के साथ जनरल रोड, वाटर वेड ट्रैक शामिल हैं।

. अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर बने इन ट्रैकों में सामूहिक परीक्षण, मूल्यांकन, शोध, विकास और वाहनों के मानकीकरण की सुविधाएं रहेंगी।

. हाई स्पीड ट्रैक को छोडकर बाकी सभी ट्रैक उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

. हाईस्पीड ट्रैक पर न्यूनतम 200 से अधिकतम 300 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गाडियां दौडाकर उनका परीक्षण किया जाएगा।
. ट्रैक में कम्प्यूटर और इंजीनियरिंग के साथ इंस्ट्रूमेंटेशन,पावर ट्रेन प्रयोगशाला, उपभोक्ता कार्यशाला और सामान्य भंडारण जैसी सुविधाएं भी जुटाई गई हैं।

Amit S mandloi
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