भोजशाला में आयोजित किया भव्य कवि सम्मलेन

भोज उत्सव समिति के तत्वावधान में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन

धार. 'हंसी की कीमत रो कर समझता हूं, पाने की चाह को खो कर समझता हूं...और आपके चेहरे पर ये हंसी बनी रहे, इसलिए मैं अपने आप को जोकर समझता हूं।'इंदौर के हास्य कवि अतुल ज्वाला ने जब कविता पाठ किया तो पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा। मौका था भोज उत्सव समिति के तत्वावधान में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का, जो भोजशाला के नजदीक मोतीबाग चौक पर बुधवार रात आयोजित किया गया।

 

देश के कोने-कोने से आए कवियों ने जब कविता पाठ शुरू किया तो श्रोताओं को गुरुवार तड़के तक बांधे रखा। ज्वाला ने जब 'पिता के संस्कारों की बारहखड़ी से ज्यादा कुछ भी नहीं, उनकी मुस्कुराहट की घड़ी दो घड़ी से ज्यादा कुछ भी नहीं... मैं कितना भी कमा लूं, कुछ भी बन जाऊं दुनिया में मेरी कीमत आज भी उनकी पगड़ी से ज्यादा कुछ भी नहीं...Ó पढ़ा तो पूरा सदन संजिदा हो गया। कवि सम्मेलन के सूत्रधार धार से चलकर देश-दुनियां में हंसी के फव्वारे छोडऩे वाले संदीप शर्मा थे। शर्मा ने मंजा हुआ संचालन तो किया ही, अपनी कविताओं से महफिल को बांधे भी रखा।
आग्नेय ने पैदा की गरमी : बुधवार रात कंपकपाती ठंड में जहां श्रोताओं के हाथ जेब से बाहर नहीं आ रहे थे, वहीं लखनऊ से आने वाले वीर रस के कवि कमल आग्नेय ने अपने कविता पाठ से माहौल में गरमी पैदा कर दी। आग्नेय ने नोट पर महात्मा गांधी के फोटो से लेकर पूर्व राष्ट्रपति हामिद अंसारी, बॉलीवुड अभिनेता शाहरूख खान, आमिर खान तक पर तल्ख टिप्पणी करते हुए रचना पाठ किया। उन्होंने अपनी नवरचित भोजशाला पर कविता पढ़ी तो पूरा सदन तालियों से गडग़ड़ा उठा। कवि सम्मेलन में नीमच की शृंगार रस की कवियीत्री प्रेरणा ठाकुर, कोटा के हास्य रस के कवि बुद्धि प्रकाश दाधिच, बनारस की प्रियंका रॉय, धार के दुर्गेश नगर, नागपुर के पुष्पक देशमुख ने भी कविता पाठ किया।

अर्जुन रिछारिया Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned