तब न कोई हिन्दू और न कोई मुसलमान था बस सब आजादी के लिए लड़ रहे थे

आजादी और अब की बात करते हुए नम हो गई ९५ साल के बुजुर्ग की आखें

 

धार. तब तो क्या माहौल था, न कोई हिंदू था न कोई मुसलमान...। अंग्रेजों की गुलामी से आजाद होने के जज्बे ने हर देशवासी को एक साथ बांधे रखा था। जात-पात और मजहब से बाहर निकलकर हर कोई एक-दूसरे की मदद के लिए तैयार रहता था। हमने अंग्रेजों की हुकूमत देखी है, लेकिन अब तो माहौल और खराब हो गया। आज जात-पात में बंटा मेरा हिंदुस्तान खून-खराबे से सराबोर है। संपत्ति के लिए आज भाई-भाई का दुश्मन बना बैठा है। आजादी से पहले और आज के परिदृश्य पर चर्चा करते हुए धार रियासत में पैदा हुए ९५ साल के बुजुर्ग मोहन पिता चेनाजी यादव की आखें नम् हो गईं। एक समय था जब राजा-महाराजा अपनी जनता के लिए कुछ भी करने को तैयार थे, लेकिन जब देश अंग्रेजों का गुलाम हुआ, तो उनके दबाव में वे ही राजा क्रूर हो गए। जनता से लगान वसूलने के लिए उनका दमन करने लगे। दो बेटों के भरे-पूरे परिवार के साथ शहर के मगजपुरा में रहने वाले मोहनजी बताते हैं कि जब उन्होंने होश संभाला देश गुलाम था, लेकिन १९४७ में जब देश को आजादी मिली तो कुछ समय के लिए सब कुछ बदला और लोगों में भारी उत्साह था। फिर राजनीति के नाम पर लोगों को जाति धर्म में बांटा जाने लगा और देश में दंगे-फसाद शुरू हो गए। उनका कहना है कि इससे देश आज तक नहीं उभर पाया है।

सड़क दुर्घटना में युवक की मौत
धरमपुरी. स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर के सामने ट्रैक्टर की चपेट में आने से 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार गुरुवार शाम 4 बजे ट्रैक्टर की चपेट में आ जाने से ग्राम छितरी के नारगांवपुरा निवासी गोलू की मौत हो गई। पुलिस को फरियादी अमीचंद ने बताया कि ट्रैक्टर में गन्ना भरा हुआ था। टक्कर के बाद गोलू की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया। वहीं पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर ट्रैक्टर चालक के खिलाफ भादवी की धारा 304 (ए) में प्रकरण पंजीबद्ध किया।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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