जीर्णोद्धार के पूर्व गंदगी व पानी की निकासी जरूरी

बलवंती नदी जीर्णोद्धार: प्रोजेक्ट पर 11 करोड़ खर्च होने का अनुमान

बदनावर. बलवंती नदी का जीर्णोद्धार आगामी समय में होगा। प्रोजेक्ट पर लगभग 11 करोड़ खर्च होने का अनुमान है, जीर्णोद्धार होने में समय लगेगा। लोगों का कहना है कि सबसे पहले नदी से गाद हटाई जाना चाहिए। मोरियों में ढलान की परेशानी को लेकर जमा गंदे पानी से बदबू एवं मच्छर पनप रहे है। उससे तो निजात मिल सकेगी। वर्तमान में शहर के लगभग आधे हिस्से की नालियों एवं डे्रनेज का गंदा पानी बलवंती में मिल रहा है। ऐसे प्रयास कराए जाए कि धीमे-धीमे उन पर रोक लगे या उनका रास्ता डायवर्ट किया जाए। नदी के आसपास से अतिक्रमण भी हटाना चाहिए ताकि भविष्य में इसके जीर्णोद्धार के दौरान नदी की उपयोगिता बढ़ सके। कभी कल-कल बहती बलवंती नदी आज गंदे नाले के रूप में नजर आती है। नगर का प्रवेश द्वारा मानी जाने वाली बलवंती नदी पुल से गुजरते समय इसके बुरे हाल को देखकर ग्लानि महसूस होती है। बलवंती नदी के पास ही आनंदेश्वर महादेव मंदिर है। वर्ष भर यहां धार्मिक गतिविधियां संचालित होती है। प्रतिदिन दर्शन के लिए आने वालों की संख्या भी अधिक है। महा शिवरात्रि, श्रावण मास एवं देवउठनी ग्यारस पर यहां मेले जैसा माहौल रहता है, लेकिन दुर्गंध एवं मच्छरों से लोग परेशान हो जाते हैं। कलकल बहती नदी की साक्षी पीढ़ी के सदस्य आज भी मौजूद है। उनका कहना है कि नदी मे पानी होने से नहाते समय बरछे लगा लेते थे। नगर भर की महिलाएं कपड़े धोने आती थी। अब आस इसके जीर्णोद्धार पर लगी है लेकिन इसके पूर्व फैली गंदगी एवं रुके गंदे पानी की निकासी के प्रबंध अधिक आवश्यक है।

shyam awasthi Desk
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