टोल टैक्स पर फास्टैग की सुविधा नाकाम, राहगीर हो रहे परेशान

रोज लग रही लंबी कतारें, रोजाना जल्द बाजी को लेकर हो रहे विवाद व दुर्घटना

धामनोद. केंद्र सरकार के निर्देश के बाद फास्टैग अनिवार्य हो गया, लेकिन अब टोल की मूलभूत सुविधाओं की कमियों की दुर्दशा का खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। फास्टैग का नियम लागू होने के बाद करीब 1 माह की अवधि से भी अधिक हो गया है, लेकिन टोल टैक्स पर अव्यवस्थाएं पूर्ण रूप से भरी हुई है। यही वजह है कि अब टोल पर लंबी-लंबी कतारें लग रही है और जाम में सैकड़ों वाहन फंस रहे हैं। किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि जिस फास्टैग सुविधा का उपयोग वाहनों को न रुकने के लिए किया जा रहा था। अब उसी सुविधा में वाहन उलझे हुए परेशान होते दिखाई दे रहा हैं। टोल टैक्स पर प्रतिदिन जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। इससे लोग काफी परेशान हो रहे हैं।

टोल प्लाजा पर वाहन चालकों को फास्टैग अनिवार्य कर दिया गया था। खलघाट टोल प्लाजा पर प्रत्येक लाइन पर फास्टैग के माध्यम से ही वाहनों की आवाजाही होगी, जिसमें वाहनों को लंबी कतार में नहीं लगना पड़ेगा और लाइने ऑटोमेटिक हो जाएंगी, लेकिन जिस वाहन मे फास्टैग नहीं होगा। अगर वह इलेक्ट्रॉनिक लाइन में घुसेगा तो उन वाहन चालकों को दोगुना टोल टैक्स चुकाना पड़ेगा ।

हो रहे परेशान
लागू हुए इस नियम से लोगों को अच्छी खासी परेशानी का सामना खलघाट के टोल टेक्स पर झेलना पड़ रहा है। खलघाट के समीप बने टोल प्लाजा पर फास्टैग की आने-जाने की कुल 6 लाइनें निर्धारित की गई थी, लेकिन उन निर्धारित लाइनों में साधारण भुगतान वाले वाहन घुस रहे थे, जिससे वहां लंबा जाम लग गया तथा जद्दोजहद की स्थिति निर्मित हुई। देखते ही देखते कभी-कभी खलघाट तक जाम लग जाता है, जिसकी व्यवस्था सुचारू करने के लिए कोई भी पर्याप्त जवाबदार मौके पर नहीं रहता है। रोजाना सैकड़ों लोग जाम में फंसे परेशान होते नजर आते हैं।

बस चालक विपरीत दिशा से निकाल रहे वाहन
घंटों जाम की स्थिति देख बस चालक परेशान होकर विपरीत दिशा में यात्रियों की जान जोखिम में डालकर वाहन निकाल रहे हैं। यही व्यवस्था लगातार ऐसी ही चलती रही तो फास्टैग सुविधा एक निश्चित रूप से नाकाम हो जाएगी। टोल पर स्थिति यह है कि व्यवस्था संभालने के लिए पर्याप्त कर्मी भी नहीं है। ऐसी स्थिति में फास्टैग पूर्ण रूप से नाकाम साबित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने लोकल लाइन पहले की तरह खोलने के लिए अनुरोध किया है। हालाकि विधायक पांचीलाल मेड़ा ने भी इस विषय में पहल की थी, लेकिन वह कारागार नहीं हो पाई। फास्टैग का नियम यथावत रहकर अब सबके लिए परेशानी का सबब बन रहा है।

आए दिन टकरा रहे हैं वाहन
फास्टैग पर आए दिन वाहन आपस में भिड़ रहे हैं। इस हफ्ते में दो बार वाहन आपस में भिड़ गए। इससे यात्रियों की जान जाते-जाते बची। आखिरकार फास्ट ट्रैक का नियम अब तक लोगों के गले की हड्डी की परेशानी बन रहा है। इस विषय में टोलकर्मी दादागिरी करते हैं, जिसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

shyam awasthi Desk
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