जिम्मेदार अधिकारी नहीं देते है ध्यान

बारिश का पानी सहेजने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारी ने सरकारी बिल्ंिडग में रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने के लिए गंभीर नहीं दिखते हैं।

पत्रिका ग्राउंड रिपोर्ट
आशीष यादव/सर्वज्ञ पुरोहित
अनारद/धार
बारिश का पानी सहेजने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारी ने सरकारी बिल्ंिडग में रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने के लिए गंभीर नहीं दिखते हैं। पिछले कई सालों से बड़ी संख्या में गांव में निजी मकान एवं सरकारी भवन का निर्माण हो रहा है, लेकिन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हम यहां पर बात कर रहे ग्राम पंचायत अनारद में बने आंगनवाड़ी भवन और ग्राम पंचायत बिल्लौदा में बने सरकारी स्कूल के भवन की।
ग्राम पंचायत अनारद में २०१४ में आंगनवाड़ी का निर्माण किया गया था। इस आंगनवाड़ी में रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम यहां पर बनाया ही नहीं गया है। 2009 में शासन ने सभी जिले के सभी नगरी निकाय एवं सभी शासकीय भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लगाना अनिवार्य किया था। इसके बावजूद ही यहां पर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं बनाया गया गया। वहीं देखे तो पानी को व्यर्थ बहने से बचाया जा सकता है। हर साल की तरह इस साल भी बारिश का पानी व्यर्थ बहने की पूरी आशंका है। ग्रामीण क्षेत्र में लगातार पानी का भू-स्तर में गिरावट हो रही है। वहीं क्षेत्र की पूरी आबादी भूजल स्तर पर ही निर्भर रहती है वहां अधिक से अधिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग होना चाहिए। जिससे पानी को सहजा जा सके।
नहीं बनाया सिस्टम
ग्राम पंचायत बिल्लोदा में एक नवीन हाईस्कूल का भवन बन तैयार हो गया है। इस नए भवन में कही पर रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम कही देखने को नहीं मिला। इस मामले में जब भवन बनाने वाले ठेकेदार से चर्चा की तो उसने कहा कि जब टेंडर निकला था उस इंस्टीमेंट रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का प्रपोजल नहीं था जिसके चलते नवीन भवन में यह सिस्टम नहीं लगाया गया है। यदि सिस्टम लगाना रहता है तो उसकी लागत भी बढ़ जाती है। यदि हमारे इंस्टीमेंट में होता तो हम भवन में अवश्य लगाते। यदि स्कूल परिसर में यह सिस्टम बनाया जाता तो बोरिंग रिचार्ज में भी बहुत मदद मिलती। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों और स्कूल स्टॉफ को इसका लाभ मिलेता।
कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं देता है ध्यान
ग्रामीण क्षेत्र में नवनिर्मित भवन में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के मामले में जो भी असफलता ग्रामीण क्षेत्र में मिली है उसमें सीधे तौर पर अधिकारी कर्मचारी जिम्मेदार है क्योंकि उन्होंने प्रयास नहीं किए। इसके अलावा ग्रामीण अंचलों में अधिकारियों ने जल सहजने के लिए जागरूकता के कुछ भी प्रयास नहीं किए। यदि जिला प्रशासन गर्मी के पूर्व जागरूकता अभियान चलाकर सभी को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए कहते तो काफी लोग अपने घरों में सिस्टम अवश्य लगा लेते। अनारद, बिल्लोदा, मलगांव, उमरिया, संभार, पिंजराया, तोरनोद, लसुडिय़ा, पचलाना, खड़ी ग्रामीण क्षेत्र में बने स्कूल, ग्राम पंचायत, आंगनवाड़ी भवन में कहीं पर भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगा है। इसके साथ ही यहां पर जिम्मेदार अधिकारियों ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की सुध नहीं ली।
सिस्टम लगा जाएंगे
जिन ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाए गए है वहां पर सिस्टम लगाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
-आरके चौधरी, सीईओ, जिला पंचायत, धार

अर्जुन रिछारिया Incharge
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