घरेलू गैस से चल रही होटलें, रेस्टोरेंट, दबिश नहीं दे पा रहे अधिकारी

घरेलू गैस से चल रही होटलें, रेस्टोरेंट, दबिश नहीं दे पा रहे अधिकारी
घरेलू गैस से चल रही होटलें, रेस्टोरेंट, दबिश नहीं दे पा रहे अधिकारी

atul porwal | Updated: 18 Sep 2019, 11:45:11 AM (IST) Dhar, Dhar, Madhya Pradesh, India

आपूर्ति अधिकारियों का कहना, शिकायत मिलती है तो जरूर होती है कार्रवाई, रूटिन चैकिंग की कोई टीम नहीं

पत्रिका पड़ताल
धार.
होटल, रेस्टोरेंट और समारोह आदि में घरेलू गैस का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। इस गैर कानूनी धंधे पर कार्रवाई करने के लिए खाद्य आपूर्ति अधिकारी के अलावा कुछ और भी विभाग तय हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अफसर तीज त्योहार पर ही निकलते हैं। आपूर्ति अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलती है तो कार्रवाई जरूर होती है, लेकिन रूटिन चैकिंग के लिए कोई टीम मैदान में नजर नहीं आ रही है। घरेलू गैस सिलेंडर की खपत बढऩे से कमर्शियल सिलेंडर की खपत नहीं हो पा रही, जिससे शासन को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। इधर गैस एजेंसी वाले भी टारगेट पूरा करने के लिए कमर्शिलय सिलेंडर को अंडर कटिंग मतलब नुकसान उठाकर बेचने को मजबूर हैं।
गौरतलब है कि गैस प्राधिकरण अधिनियम में साफ लिखा है कि होटल, रेस्टोरेंट और व्यावसायिक वस्तुओं के निर्माण में यहां तक कि समरोह आदि में भी कमर्शियल गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होना चाहिए। यदि कोई इस कानून का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए। लेकिन अफसरों की नजरअंदाजी से शहर ही नहीं जिले भर में सभी व्यावसायिक संस्थानों पर डोमेस्टिक(घरेलु गैस) सिलेंडर का इस्तेमाल हो रहा है। घरेलु गैस का व्यावसायिक इस्तेमाल के धड़ल्ले से चल रहे इस अवैध कारोबार के कारण कमर्शियल सिलेंडर की खपत नहीं हो पा रही और गैस एजेंसी वाले टारगेट पूरा करने के चक्कर में अंडर कटिंग(कम दाम में बेचने) को मजबूर हैं।

क्यों बेचते हैं कम दाम पर
दरअसल गैस कंपनी ने प्रत्येक एजेंसी को प्रतिमाह 300 से 350 व्यासायिक गैस सिलेंडर खपाने का टारगेट दे रखा है। टारगेट पूरा करने के लिए एजेंसी वाले कमर्शिलय सिलेंडर लेने को मजबूर हैं, लेकिन खपत नहीं होने के कारण 50 से 100 रुपए कम में सिलेंडर बेचने को मजबूर हैं। घरेलू गैस सिलेंडर का दाम 625 रुपए है, जिसमें 14.2 किलो गैस आती है। जबकि कमर्शियल गैस सिलेंडर का दाम 1132 रुपए है, जिसमें 19 किलो गैस आती है।

ऐसे है उपभोक्ताओं का हिसाब
कमर्शियल गैस सिलेंडर 1132 रुपए का आता है, जिसमें 19 किलो गैस होती है। लेकिन उपभोक्ता इसे 625 रुपए वाले घरेलू गैस सिलेंडर से मापता है, जिसमें 14.2 किलो गैस होती है। हालांकि भाव से तोला जाए तो घरेलू गैस 44 रुपए किलो बैठती है, जबकि इसमें शासन द्वारा दी जा रही छूट भी मिल जाती है। इधर कमर्शियल गैस 59.57 रुपए प्रति केलो बैठती है, जिस पर किसी तरह की सब्सिडी का प्रावधान नहीं है। इसी कारण बाजार में हर होटल, रेस्टोरेंट, समारोह आदि में घरेलू गैस सिलेंडर इस्तेमाल होते नजर आ रहे हैं।

किसकी कितनी खपत
जिलेभर में डेढ़ लाख से अधिक गैस उपभोक्ता हैं, जबकि व्यावसायिक उपभोक्ता भी कम नहीं है। कई होटल और रेस्टारेंट इतने बड़े हैं कि प्रतिदिन उन्हें दो से तीन व्यावसायिक सिलेंडरों की आवश्यकता होती है, लेकिन केवल दिखावे के लिए एक सिलेंडर खरीदा जाता है और इस्तेमाल में घरेलु सिलेंडर लिए जा रहे हैं।

ये है कीमत
व्यावसायिक सिलेंडर- 19 कि.ग्रा. / कीमत 1132 रुपए / अंडर कटिंग कीमत 950 से 1050 रुपए
घरेलु सिलेंडर- 14.2 कि.ग्रा. / कीमत 625 रुपए / अधिकतम दो दिन की वेटिंग

हमारी मजबूरी है
हमें कंपनी का टारगेट पूरा करने के लिए प्रतिमाह 300 से 350 व्यावसायिक गैस सिलेंडर लेना पड़ते हैं। लेकिन खपत नहीं होने के कारण कम दाम पर बेचने की मजबूरी है। घरेलु गैस का व्यवसायिक इस्तेमाल बंद हो जाए तो हमारा घाटा बंद हो जाएगा।
-आशीष भाकर, गैस एजेंसी संचालक

हमारे पास और भी काम हैं
जब भी कहीं से शिकायत आती है तत्काल दबिश देकर कार्रवाई करते हैं। चेकिंग का कोई समय निर्धारित नहीं है, लेकिन कभी-कभी हमारे अधिकारी जांच पड़ताल के लिए निकलते हैं। गैस को छोडक़र हमारे पास और भी तो काम हैं।
-आरके मीणा, जिला आपूर्ति अधिकारी

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