सीएफ कम आ रही हो तो बताओ ना, लेकिन काम मत रोको

सीएफ कम आ रही हो तो बताओ ना, लेकिन काम मत रोको
Dhar

atul porwal | Publish: Aug, 08 2019 11:34:56 AM (IST) Dhar, Dhar, Madhya Pradesh, India

आरटीओ एजेंटों ने आरटीओ के सामने रखी अपनी बात, सीफ के मतलब से दूर रहे अधिकारी

धार.
साहब हमसे क्या गलती हो गई। सीएफ कम हो तो बढ़ा देंगे, लेकिन काम किसी मत रोको। नए नियम से खर्चा बढ़ेगा और आवेदक हमारे पास ना आकर भटकते रहेंंगे। हम भी बरसों से आरटीओ का काम कर रहे हैं। आप जो नए-नए नियम डाल रहे हो ये तो परेशान करने वाली बात है। हालांकि एजेंटों और आरटीओ की चर्चा सार्वजनिक नहीं है, लेकिन यह पूरा मामला वायरल हुए एक ऑडियो से पुख्ता हो रहा है। इधर आरटीओ विक्रमजीत कंग ने सीएफ का मतलब कंपोजीशन फी बताया, जो देर से आने वाली गाडिय़ों या किसी प्रकार के जूर्माने के रूप में लिया जाता है। उनका कहना है कि कौन किस भाषा में सीएफ का क्या मतलब निकाल रहा है इसके बारे में मैं क्या बता सकता हूं।
चार दिन पहले परेशान आरटीओ एजेंट इकट्ठा होकर हाल ही में आए नए अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विक्रमजीत कंग के पास पहुंचे। हालांकि अधिकारी इनसे बात नहीं करना चाहते थे, लेकिन इकट्ठी भीड़ देखकर आरटीओ को बात करना ही पड़ी। इस दौरान सभी एजेंटों ने अपनी परेशानी रखी तो आरटीओ ने कहा कि एक-एक कर बात करो तो समझ आएगा। करीब आधा घंटा चले शिकायतों के दौर में भीड़ ज्यादा होने से आरटीओ ने किसी को बैठने को नहीं कहा और सभी खड़े-खड़े अपनी परेशानियां रखी। गौरतलब है कि प्रदेश भर के आरटीओ में उपर की कमाई को सीएफ के नाम से पुकारा जाता है और बाबू एजेंटों से रुपए लेने की बात भी ऐसे ही होती है। लेकिन धार के आरटीओ इसे कंपोजीशन फी बता रहे हैं, जो किसी प्रकार की गड़बड़ी पर आवेदक से जूर्माने के रूप में ली जाती है।

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