गर्मी में भी 120, 130 मीटर पर डूब क्षेत्र में होगी आफत

गर्मी में भी 120, 130 मीटर पर डूब क्षेत्र में होगी आफत

atul porwal | Updated: 14 Jun 2019, 10:58:48 AM (IST) Dhar, Dhar, Madhya Pradesh, India

अभी से नहीं संभले तो होगी मुसिबत

साल 2013 में सबसे ज्यादा 133 मीटर भर गया था पानी, सरदार सरोवर परियोजना की डूब में जिले के 3600 से ज्यादा बड़े प्रभावित, अधिकांश प्रभावित ले चुके लाभ, कुछ डूबने पर अड़े

अतुल पोरवाल/विशाल गुप्ता
धार/निसरपुर.
सरदार सरोवर परियोजना के तहत बांध के कारण धार जिले का बड़ा क्षेत्र डूब में है। हालांकि कई वर्षों से डूब प्रभावितों को मुआवजा और पुनर्वास स्थल देकर नई जगह बसाया जा रहा है, लेकिन कुछ प्रभावित अधिक मुआवजे की मांग में अब भी डूब क्षेत्र से अपना आशियाना छोडऩे को तैयार नहीं है। एनवीडीए के कुक्षी एसडीओ राजीव गुप्ता का कहना है कि नर्मदा का जल स्तर अभी 119.90 मीटर है। जबकि 130 मीटर पर डूब की स्थिति बन जाती है। गौरतलब है कि ऐसी गर्मी में भी 120 मीटर पानी है तो बारिश के सीजन में क्या स्थिति होगी। गौरतलब है कि वर्ष 2013 में पानी का स्तर 133 मीटर रहा तो डूब क्षेत्र पूरी तरह खाली करवाना पड़ा, लेकिन इसके बाद फिर से गांव बस गए और प्रभावित अपने पुराने आशियानों में रहने चले आए। 2017 में नर्मदा का जल स्तर 130 पार कर गया तो प्रशान ने तेजी दिखाई और डूब क्षेत्र खाली करवाया। लेकिन 2018 में 127 मीटर पानी पर स्थिति नियंत्रण में रही तो प्रभावित फिर अपने डूब वाले गांव लौट आए। मौसम विभाग भले ही इस वर्ष सामान्य वर्षा बता रहा है, लेकिन डूब में अनहोनी से बचने के लिए प्रशासन को अभी से जागना होगा। गौरतलब है कि परियोजना में डूब का सबसे बड़ा हिस्सा धार जिले का है, जिसमें भी निसरपुर विकास खंड के हजारों प्रभावित शामिल है। बता दें कि जिले में 5.80 लाख रुपए के पैकेज के लिए डूब प्रभावितों की संख्या 3697 आंकी गई, लेकिन अब भी एक हजार से ज्यादा प्रभावित डूब क्षेत्र में ही जमे हुए हैं।

पहली किश्त में ही 66 बाकि
डूब प्रभावितों का सर्वे कर उनके डूब संपत्ति का आकलन किया गया और अलग-अलग मुआवजा पैकेज में सूचीबद्ध किया गया। पुनर्वास शाखा के अनुसार बड़ा मुआवजा 5 लाख 80 हजार रुपए का है, जिसमें जिलेभर की तीन तहसीलों के 50 गांव के 3 हजार 697 प्रभावित सामने आए। इनमें पहली किश्त के रूप में 3 लाख रुपए वितरित किए गए, लेकिन अब भी 66 प्रभावित शेष हैं। अधिकारियों का कहना हे कि हर बार नई मांग लेकर वे रकम लेने आते नहीं और अपना प्रभाव जमाने के लिए अब भी डूब क्षेत्र में ही जमे बैठे हैं।

बड़े मुआवजे की ये है तहसीवार स्थिति
तहसील का नाम पहली किश्त प्राप्तकर्ता शेष प्रभावित
कुक्षी/डही 2696 5 9
मनावर 809 05
धरमपुरी 206 02
इसी प्रकार दो व दो लाख 80 हजार वाले पैकेज में 3 हजार 631 प्रभावितों में से 781 शेष हैं। जबकि 80 हजार रुपए प्रति परिवार वाले पैकेज में 1519 प्ररविरों में से 1485 परिवार मुआवजे से दूर हैं। प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि हर बार नई मांग को लेकर प्रभावित मुआवजा ना लेकर डूब क्षेत्र में ही जमे हैं, जबकि प्रभावितों का कहना है कि उन्हें मुआवजे से दूर रखा गया है।

देखें क्या कहते हैं प्रभावित
कुछ भी हो मैं नहीं हटूंगा
उरी बाघनी नदी से मात्र 100 फीट की दूरी पर मेरा मकान है और मुझे डूब क्षेत्र के पैकेज से वंचित कर रखा गया है। इस बार अगर डूब की स्थिति बनी तो मैं यहां से नहीं हटूंगा।
-नटवर मोहन गोस्वामी, डूब प्रभावित

डूब में सबसे पहला मकान मेरा
90 मीटर की डूब में सबसे पहला मकान मेरा है और मुझे 5 लाख 80 हजार के पैकेज से वंचित रखा है। मानसून प्रारंभ होने वाला है और अब तक मुझे लाभ नहीं मिला। मैं आज भी अपने पुराने मकान में ही अपना जीवन यापन कर रहा हूं।
-जुबेर पिता इकबाल, डूब प्रभावित

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned