जिस वार्ड से अध्यक्ष चुनाव जीते, उसी पार्षद को अब नहीं पीआईसी में

जिस वार्ड से अध्यक्ष चुनाव जीते, उसी पार्षद को अब नहीं पीआईसी में
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Amit S mandloi | Updated: 11 Jul 2019, 11:12:35 AM (IST) Dhar, Dhar, Madhya Pradesh, India

प्रतिमा का विरोध करना पड़ा महंगा, बुंदेला गुट के दो पार्षदों को मिला स्थान , गौतम गुट के दम पर जीते अध्यक्ष उसी पार्षद को किया बाहर, जिसने की थी मेहनत

धार.
जिस बुंदेला गुट को छोड़कर पर्वतसिंह चौहान ने गौतम का गुट का थामन थाम नगर पालिका अध्यक्ष का सफर तय किया था। अध्यक्ष बनते उन्होंने गौतम गुट को दरकिनार कर दिया। आज नगर पालिका में सिर्फ बुंदेला गुट के कार्यकर्ता ही नजर आ रहे है।

दरअसल अध्यक्ष पर्वतसिंह चौहान पिछली पीआईसी की बैठक में अपने मामा मोहनसिंह बुंदेला की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव लाए थे। प्रतिमा की लागत लगभग 20 लाख रुपए थी, नगरपालिका कोष को बचाने के लिए पीआईसी मेंबरों ने इसका विरोध कर दिया था। अपनी किरकिरी होती देख अध्यक्ष ने दूसरे ही दिन पीआईसी भंग कर दी थी। उधर पीआईसी भंग होने के बाद पूर्व सभापति बंटी डोड ने एक मैसेज वायरल किया था जिसमें उन्होंने साफ लिखा था कि पिता के हत्यारों की प्रतिमा लगाने का वे विरोध करते है,ऐसे लोगों पर 100 पीआईसी कुर्बान कर सकते है।

नई पीआईसी में बुंदेला गुट के दो लोग

पुरानी पीआईसी में बुंदेला गुट के पार्षदों को स्थान नहीं मिला था। वहीं अब बुंदेला गुट के दो पार्षदों को स्थान दिया गया है। पीआईसी भंग करने और नई पीआईसी को बनाने के पीछे अध्यक्ष की मंशा साफ जाहिर है कि वे किसी भी सूरत में बुंदेला की प्रतिमा का प्रस्ताव पारित कराकर ही मानेंगे। बुधवार को अध्यक्ष ने नई पीआईसी की सूची बना दी है। े नई पीआईसी में कौशर शकील खान, बिहारी डोडिया (दोनों बुंदेला गुट), जया बबलू कुशवाह, वाकिफ मोहम्मद, भूरीबाई हेमंत, रंजीता चौहान और शिखा वर्मा को लिया गया है।

अपनी जीत भी भूल गए अध्यक्ष

पूर्व सभापति ने शहर की विकास की सोच लेकर काम करना शुरू किया था।पीआइसी मेंबरों ने मूर्ति की 20 लाख लागत देखकर हामी नहीं भरी थी। नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर पुराने मेंबरों ने बताया कि लोगों की पसीने की मेहनत का पैसा टैक्स में जमा होताहै, जिससे विकास कार्य होना चाहिए। वहीं बंटी डोड ने अध्यक्ष के चुनाव में दिन रात मेहनत की थी।वहीं डोड के वार्ड से कांग्रेस को 590 मत मिले थे और अध्यक्ष मात्र 147 वोट से जीते है। जिस वार्ड से वे जीते उसी पार्षद को अब दरकिनार किया जा रहा है। प्रतिमा लगाने का विरोध करने वाले डोड के साथ नगर का बड़ा तबका है।

पहले किया था विरोध, एक साथ पहना रहे अध्यक्ष को हार

धार नगर पालिका की राजनीति भी गजब है। पूर्व में पीआईसी में निर्दलीय जीतकर आई कौशर शकील खान का विरोध वाकिफ मोहम्मद और जया कुशवाह ने कर दिया था। दोनों ने आरोप लगाए थे कि कौशर के पति ने मुजीब कुरैशी का अपना किया है, जिसके चलते कौशर को सभापति नहीं बनाना चाहिए। इस मामले ने माफी तूल पकड़ा था। इसके बाद गुरुवार को जारी पीआईसी में कौशर को सभापति बना दिया। इस बार दोनों ने कोई विरोध नहीं किया और पति शकील के साथ मिलकर अध्यक्ष पर्वतसिंह चौहान का स्वागत करने लगे। सूत्रों के मुताबिक नगर पालिका में अब नई राजनीति ने जन्म ले लिया है। कौशर ने मैदान में निर्दलीय उतरकर कांग्रेस की शबनम को हराया था। हालांकि इनके पति बुंदेला गुट से तालुक्क रखते है, जिसके चलते पत्नी को सभापति बनाया गया है।

जो अध्यक्ष को उचित लगा उन्होंने कर दिया। मैं जनता के हितों के लिए काम करता रहूंगा।
बंटी डोड, पूर्व सभापति लोक निर्माण विभाग

पहले विरोध किया था। अब आगे परिस्थिति के हिसाब से देखेंगे।
जया बबलू कुशवाह, पीआईसी मेंबर पार्षद

अभी कुछ बोल नहीं सकते है। हमें तो कुछ समझ नहीं आ रहा है।
वाकिफ मोहम्मद, पार्षद पीआईसी मेंबर

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