70 रुपए में एक लीटर जानलेवा खटांबडी शराब....(देखे वीडियो)

- शहर के कोने-काने में मिल रही, बैठने की व्यवस्था भी है, अगर यूरिया और नौसादर की मात्रा बड़ी तो हो सकताहै उज्जैन से बड़ा हादसा

By: Amit S mandloi

Published: 24 Oct 2020, 08:21 PM IST


पत्रिका स्टींग
धार. अमित एस मंडलोई

शहर में अवैध रूप से खटांबडी (कच्ची शराब) पोटली में पैक करके बेची जा रही है। ये शराब जैतपुरा से लेकर शहर के दूसरे छोर जेल रोड तक बेची जा रही है। कोई दुकान तो तो कोई घरसे ही इसे बेच रहा है। लाकडाउन में एक पोटली की कीमत 100 थी जो अब अनलाक में 60 रुपए लीटर हो गई है। ये शराब जंगलों से बनकर रात के अंधेर में धार पहुंचाई जा रही है।
पत्रिका संवाददाता उन अडडों तक पहुंचा जहां से ये शराब पोटली में पैक करके बेची जा रही है। कई झोपड़ी और कई जगह प्लास्टिक के शेड बनाकर बकायादा ग्राहकों को बैठाकर पिलाई जा रही है। जिस पर आबकारी अमले का ध्यान नहीं है।

यूरिया और नौसादर से बनती है शराब

ये शराब जंगलों में भटिटयों पर उकाली जाती है। इसमें यूरिया और नोसादर का प्रयोग किया जाताहै। यूरिया नहीं मिलने की स्थिति में इसमें नशे की गोली डाल दी जाती है। इसके बाद रात 1 से 4 बजे के बीच जंगलों से मोटरसाइकिल पर शराब को वाहनों के टयूब में भरकर शहर भर के ठिकानों परपहुंचा दिया जाताहै। अवैध रूप से बेचने वाले इसका संग्रह एक प्लास्टिक की केन में करतेहै। घर बैठकर पीने वालों को ये ग्लास में देते है। वहीं जो पैकिंग में मांगते है उसे प्लास्टिक की थैली में पैक करके दे दिया जाता है। बताया जाताहै कि अगर इसमें मिलाने वाली सामग्री में गड़बडी हुई तो पीने के बाद हजारों जानें भी जा सकती है। कई जगह महुआ से भी शराब बनाई जा रही है। हालांकि आबकारी सूत्रों की मानें तो यूरिया जैसा मामला नजर नहीं आता है। वहीं कई लोग शराब को तेज करने के लिए गुड मिलाने का काम भी करते है।

एक तरीका ये भी

जंगलों में एक अन्य तरह से भी शराब भी बनाई जाती है। बताया जाता है कि पहले महुआ सड़ाया जाता है। इसके बाद इसमें पानी मिलाया जाता है। पानी और महुआ गर्म करके शराब बनाई जाती है। हालांकि इसमें स्प्रीट का उपयोग नहीं होता है।


लाकडाउन के बाद भाव कम कर दिए
स्थान जैतपुरा
पत्रिका संवाददाता सूचना पर सबसे पहले जैतपुरापहुंचा। मंदिर के पीछे एक छोटी सी गली में कई छोटी-छोटी झोपडी बनी हुई है। एक झोपडी में जाकर पूछा कि पोटली मिल जाएगी तो अंदर मौजूद एक युवक ने हामी भर दी। इन्हें 100 रुपए का नोट थमाया तो महिला अंदर गई और हाथ में एकलीटर शराब से भरी पोटली लेकर आई। महिला से रेट पूछा तो उसने बताया कि अभी 60 रुपए में दे रहे है। महिला ने बताया कि लाकडाउन में ये ही पोटली 80 रुपए में दे रहे थे।

जेल रोड पर तो बैठने की भी व्यवस्था

शराब शहर के अंदर जेल रोड पर भी कई दुकानों और मकानों से बेची जा रही है। वीर सावरकर मार्ग से सीधे हाथ पर पशु चिकित्सालय के आसपास शराब के अडडों पर बैठने के लिए प्लास्टिक के शेड भी बना दिए गए है। जब यहां पर संवाददाता पहुंचा तो किसी ने दरवाजा नहीं खोला,लेकिन सामने की पटटी में रहने वाले कुछ लोग समझ गए कि माजरा क्या है तो उन्होंने आवाज देकर उनके यहां से शराब लेने की पेशकश इशारों में की।

बैठी नी..पीनो है कि बांधी दूं

स्थान अर्जुन कालोनी

संवाददाता अर्जुन कालोनी पहुंचा। कालभैरव रोड पर एक किराने की दुकान से अंदर की ओर रास्ता जा रहा था। किसी ने बताया अंदर झोपडी में शराब कीपोटली मिल जाएगी। जिस पर संवाददाता बताई झोपडी में पहुंचा तो वहां एकमहिला मौजूद थीं। महिला से शराब का पूछा तो उसने कहा यहीं बैठी ने पीनू है कि बांधी दूं..। जिसपर कहा कि बांध दो, तो महिला घर के अंदर गई और पांच मिनट में शराब की पोटली हाथ में थमा दी और 60 रुपए ले लिए।

इन स्थानों से हो रही है बिक्री
- जैतपुरा, बसस्टैंड, तकनीकी स्कूल के पीछे, खनिज विभाग के पीछे, अर्जुन कालोनी, जेल रोड, संजय कालोनी, कालिका मार्ग।

कार्रवाई लगातार जारी है। देशी,विदेशी,कच्ची शराब के अवैध रूप से बिकने पर छापे मारकर कार्रवाई कर रहे है।
यशवंत धनोरा, सहायक जिला आबकारी अधिकारी

Amit S mandloi
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