समय पर किश्त नहीं भरने पर फाइनेंस कंपनी कर रही थी रेशान, दोस्त ने सुझाई स्कीम तो कुछ कपास निकालकर जला दी ट्रक

समय पर किश्त नहीं भरने पर फाइनेंस कंपनी कर रही थी रेशान, दोस्त ने सुझाई स्कीम तो कुछ कपास निकालकर जला दी ट्रक
Dhar

atul porwal | Updated: 13 Aug 2019, 11:21:55 AM (IST) Dhar, Dhar, Madhya Pradesh, India

बीमे से हड़पना चाहते थे रकम, बताए रास्ते से सीडीआर में नहीं मिली गाड़ी, शंका पर जांच में था मामला कि पुलिस ने गिरफ्तार कर दिया खुलासा, मामले का मास्टर माइंड इमरान पिता जुम्मा पहले भी हो चुका है महाराष्ट्र में गिरफ्तार

धार.
गुजरात अहमदाबाद जिले के गढ़ी गांव से कपास की 125 गठानें भरी और करामात के हिसाब से 50 गठाने निकालकर बाकि ट्रक सहित जला दी। 50 गठानों से 18 लाख रुपए का फायदा, लेकिन ना तो ट्रक का बीमा पक सका और ना ही जली कपास का बीमा मिल पाया। ट्रक मालिक इमरान पिता युसुफ निवासी बलखड़ जिला खरगोन लगातार पुलिस थाने के चक्कर लगा रहा था कि प्रकरण दर्ज हो जाए तो बीमे की कार्रवाई पूरी हो सके। इससे पहले ही एसपी के निर्देश पर क्राइम ब्रांच ने पूरे मामले का पटाक्षेप कर दिया। रविवार को एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े गए पांच आरोपियों में एक मास्टर माइंड है, जिसने पहले भी कई और कारगुजारियां की, जिनको लेकर वह महाराष्ट्र में भी गिरफ्तार हो चुका है।

किश्त नहीं भर पाया तो सूझी कारस्तानी
समय पर फाइनेंस की किश्त नहीं भर पाया तो कंपनी ने उगाई शुरू कर दी। एक नोटिस आया, दूसरा आया तो इमरान पिता युसुफ को ट्रक जप्त होने की आशंका हो गई। इससे पहले मास्टामाइंड दोस्त इमरान पिता जुम्मा खान निवासी हडकी बयेडी जिला बड़वानी ने कपास भकर ट्रक जलाने की साजिश सुझा दी। इस पर काम करते हुए इमरान पिता युसुफ ने अपने ट्रक एमएच-18-बीए-6580 में गुजरात जिले के गढ़ी गांव से मप्र के सिहोर जिले के मेहतवाड़ा पहुंचाने के लिए 125 गठान कपास की लादी। लेकिन मेहतवाड़ा पहुंचने से पहले ही नौगांव थाना क्षेत्र के इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर मोदी पेट्रोल पंप के पास टेकरी पर ट्रक में आग लग गई। कपास भरने वाली कंपनी आग लगने पर बीमा हासिल करना चाहती थी, जिसके लिए पुलिस रिपोर्ट जरूरी है, वहीं इमरान भी ट्रक का बीमा हासिल करने की फिराक में था।

इमरान ने कहा था कि कपास का बीमा रहता है
किश्त नहीं चुका पाने से परेशान ट्रक मालिक इमरान ने जब मास्टरमाइंड इमरान से बात की तो उसने कहा कि टक में कपास ही जोड करना, जिसमें से कुछ गठाने निकालकर बाकि जला देना। इससे ट्रक में लगी सभी गठानों के साथ ट्रक का बीमा भी पक जाएगा। टक मालिक इमरान ने भी वैसा ही किया, लेकिन आशंका में पुलिस ने प्रकरण दर्ज नहीं किया, जिससे मामला खटाई में ही रहा और आखिर बीमा मिलने की बजाय वह और उसका साथ देने वाले चार और पकड़े गए।

कारस्तानी में ये पकड़ाए
- इमरान पिता युसुफ निवासी बलखड़ जिला खरगोन
- इमरान पिता जुम्मा खान निवासी हडकी बेयडी जिला बड़वानी
- फरीद पिता वली मोहम्मद निवासी बलखड़ जिला खरगोन
- संदेश पिता पीरचंद्र तरोले निवासी सागर कॉलोनी थाना अंजड़ जिला बड़वानी
- गाबा उर्फ शाहरूख पिता कयुम मंसूरी निवासी आजाद पंथ थाना अंजड़ जिला बड़वानी

ऐसे की कारस्तानी
पूर्व में बन चुकी योजना के अनुसार इमरान पिता जुम्मा, संदेश, गाबा उर्फ शाहरूख व फरीद ने गुजरात से ट्रक में 13 मई 2018 को कपास(रूई) की 125 गठाने मेहतवाड़ा के लिए लोड की। संदेश, इमरान पिता जुम्मा, गाबा संदेश की कार एमपी-10-सीए-1548 से धामनोद-गुजरी रोड पर पहुंचे। ट्रक ड्रायवर फरीद ने गुजरी फाटे के पास ट्रक खड़ा किया और उसमे रखी कपास में से 50 बोरी निकालकर ट्रक एमपी-09-एचएफ-5427 में लोड कर दी। यह कपास इमरान पिता जुम्मा व महिपाल ने मिलकर खरीदी थी। यह कपास गब्बा ने अपने साथ व रूई के व्यापारी राजेश पिता बाबुलाल व्यास निवासी अंजड़ जिला बड़वानी को ६ लाख रुपए में बचे दी। हालांकि 50 गठानों की बाजारी कीमत 18 लाख रुपए बताई जा रही है, लेकिन लालच में उसने कम में ही बचे दी। इधर योजना के अनुसार फरीद एवं क्लिनर महेंद्र बाकि बची 75 गठानों से भरा ट्रक लेकर इंदौर-अहमदाबाद प मोदी पेट्रोल पंप के पास पहुंचा, जहां ट्रक पर डीजल व पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

सीडीआर से पकड़े गए आरोपी
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में ट्रक मालिक इमरान पिता युसुफ निवासी बलखड जिला खरगोन ने बताया कि ने इमरान पिता जुम्मा के बताए उपाय पर कपास से भरे ट्रक में आग लगा दी थी। हालांकि पुलिस को जो रूट दिखाया वह सीडीआर में ट्रेस नहीं हो सका। मामला शंकास्पद था तो पुलिस ने कायमी नहीं करते हुए मामला जांच में लिया। साल भर होने के बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी तो ट्रक मालिक आए दिन नौगांव पुलिस के चक्कर लगाने लगा। एसपी आदित्य प्रतताप सिंह ने क्राइम ब्रांच को इसमें इनवोल्व कर हकीकत पता करने का आदेश दिया तो महीने भर में ही साफ हो गया। ट्रक मालिक ने खुद स्वीकार किया कि दोस्त के कहने पर उसने पहले कपास की 50 गठाने दूसरी ट्रक में लोड कर बेच दी। जबकि बाकि गठानों समेत ट्रक में आग लगा दी।

इनकी रही भूमिका
बड़ा मामला ट्रेस करने में धार सीएसपी संजीव मूले के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच प्रभारी संतोष कुमार पांडे, नौगांव टीआई राजकुमार यादव, उनि राजेंद्र सिरसाठ, सउनि धीरज सिंह राठौर आदि ने लगातार गहन पूछताछ की, जिससे पूरे मामले का पटाक्षेप हो सका।

इसी गिरोह से जुडा हो सकता है ये मामला
7 मई को अल सुबह 5.30 बजे मनावर-इंदौर मार्ग पर रूई से भरे ट्रक में आग लगने की सुचना 100 डायल को तथा पुलिस मनावर को की गई थी। इस घटना के संबध में ट्रक आनर द्वारा 100 गठान रूई ट्रक एमपी-46-एच-8374 में भर कर गुजरात के बुदनी जाना बताया था। सुबह 5.30 बजे अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी के वाहन से बचने के लिए पुलिया से टकराकर आग लगने का कारण बताया गया था। इस मामले में मनावर पुलिस ने मामला दर्ज किया था, लेकिन प्रकरण पुरी तरह से संदिग्ध होने से इसकी तह में जाकर पड़ताल नहीं की गई। इस मामले में पूर्व में हुई धार के नौगांवा थाना क्षेत्र के रूई से भरे एक ट्रक के जलने के मामले से जुडा है। अब भी इस मामले में गहराई से पड़ताल की जाए तो इसका भी खुलासा हो सकता है।

10 लाख की 18 मोटरसाइकिलें जप्त
इधर एक और खुलासे में एसपी आदित्यप्रताप सिंह ने बताया कि धरमपुरी थाना क्षेत्र के चोर गिरोह से 10 लाख 20 हजार रुपए कीमत की 18 मोटर साइकिलें जप्त की गई है। इसमें भी क्राइम ब्रांच पुलिस का सहयोग रहा, जिसमें धरमपुरी पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में दीपक पिता छगन चौहान निवासी इब्राहिमपुरा, राहुल उर्फ बाला पिता जामसिंह निवासी तीतीपुरा, आकाश उर्फ गोलु पिता महेश निवासी बैगंदा, राहुल पिता राजेंद्र मौर्य निवासी देगांवा व धर्मेंद्र पिता बाल सिंह निवासी पिपल्याकामीन शामिल हैं। एसपी का कहना है कि दोनों मामलों में पकड़ गए सभी आरापियों से और पूछताछ होगी, जिससे कई और मामलों का खुलासा हो सकेगा।

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