सिर्वी समाज हमेशा से ईमानदार, मेहनती, सहनशील गुणों से भरपूर रहा है: धर्मगुरु दीवान

धर्मसभा-धर्मगुरु का सामेला निकला, जगह-जगह हुआ स्वागत

By: shyam awasthi

Published: 01 Mar 2020, 01:20 AM IST

टांडा. आई माताजी का धर्म रथ जहां-जहां भी जाता है, वहां धर्म रूपी रोशनी जाग्रत होती है। माताजी की विशेष कृपा से बच्चों एवं नौजवान पीढ़ी में भी धर्म के संस्कार जाग्रत होते हंै। सिर्वी समाज हमेशा से ईमानदार, मेहनती, सहनशील रूपी गुणों से भरपूर रहा है। यही तीन गुण समाज को भी ऊपर उठाती है। जीवन में सुखी रहना हो तो हमेशा खुश रहना होगा। उक्त बात सिर्वी समाज के धर्मगुरु माधवसिंह दीवान ने टांडा में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहे।
धर्मगुरु दीवान ने टांडा के सिर्वी समाज एवं महिला मंडल की तारीफ करते हुए कहा कि यहां का संपन्न समाज अपनी मेहनत लगन पर विश्वास करता है। मंदिर धर्मशाला के लिए किसी के सामने हाथ नहीं फैलाता है। यहां समाज के लोगों के खेतों में जब चंदन के पेड़ देखे तो प्रसन्नता हुई यहां मैसूर जैसा लगने लगा।

दोपहर 12 बजे बजरंग कॉलोनी में भगवान सोलंकी के निवास से धर्मगुरु का सामेला निकला। बग्घी में गुरुदेव विराजित थे। जुलूस में गुमानपुरा, रतनपुरा, कुक्षी, मनावर, बाग, राजगढ़, रिंगनोद सहित कई गांवों के श्रद्धालु आए थे। युवा मंडली आकर्षक नृत्य करते हुए चल रही थी। जैन समाज, माहेश्वरी समाज, ठाकुर समाज सहित कई ग्रुप द्वारा गुरुदेव का सम्मान किया गया। जुलूस नगर के विभिन्न मोहल्लों से निकला तथा सिर्वी गली आईजी मंदिर में धर्म सभा में परिवर्तित हुआ। गुरुदेव ने सिर्वी गली का नाम आईजी गली करने का प्रस्ताव भी उपस्थित जन प्रतिनिधियों के सामने रखा। समाज के प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश मुकाती मनावर, टीकम पंवार टोकी, जैन समाज के अध्यक्ष पारस कुमार जैन, सिर्वी समाज महासभा के पूर्व उपाध्यक्ष नारायण पंवार ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद सावित्री ठाकुर भी विशेष रूप से उपस्थित हुई। संचालन बड़वानी से आए मनोहरलाल मुकाती ने किया। आभार हरजी मुकाती ने माना।

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