हड़ताल...ट्रकों के चक्के थमते ही थम गई ट्रांसपोर्ट की रफ्तार

करोडों रुपए के कारोबार पर लगा ताला, अंतर्राज्यीय व्यापार ठप

फेक्ट फाइल
* जिले में करीब 100 ट्रांसपोर्टर
* जिले में लगभग 2500 ट्रक
* ट्रांसपोर्टेशन से अनुमानित कारोबार प्रतिदिन 2 करोड़ रुपए
* हड़ताल का असर-80 प्रतिशत
धार.
विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार से शुरू हुई ट्रक ट्रांसपोर्ट की हड़ताल के कारण जिले के हजारों ट्रकों के पाहिए थम गए। इससे करोडों रुपए का ट्रांसपोर्ट कारोबार प्रभावित रहा। हालांकि लोकल ट्रांसपोर्ट पर इसका कम असर रहा, लेकिन अंतर्राज्यीय व्यापार खासा प्रभावित नजर आया। बता दें कि शुक्रवार से ट्रक ट्रांसपोर्ट की देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हुई, जिससे जिले के ट्रांसपोर्टर भी प्रभावित रहे। कभी जिला ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे अरविंद सिंह चावला का कहना है कि हम हड़ताल में शामिल ही नहीं हुए। बता रहे हैं कि चावला का अधिकांश कारोबार सरकारी ठेकों से है और वे अब ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन से दूरी बना चुके हैं।
बाहर का माल भरना बंद
इधर शहर के बड़े ट्रांसपोर्ट कारोबारी अशोक अग्रवाल (श्री गुड्स ट्रांसपोर्ट)का कहना है कि शुक्रवार से हड़ताल शुरू हुई है, लेकिन पहले ही दिन इसका बड़ा असर हो यह जरूरी नहीं। मुम्बई, दिल्ली, सूरत, अहमदाबाद आदि शहरों से माल लोड करने की मनाही हो चुकी है, लेकिन गुरुवार या इससे पहलेे जो माल लोड हुआ था वह शुक्रवार को धार पहुंचा। कुल मिलाकर अग्रवाल के अनुसार पहले दिन ट्रक ट्रांसपोर्ट की हड़ताल से कारोबार पर करीब 80 प्रतिशत असर रहा है। अग्रवाल के ट्रांसपोर्ट पर लगभग 100 ट्रक अटैच हैं, जिनके शुक्रवार से पहिए थम गए हैं।
अभी तो छूट है
शहर के एक और ट्रांसपोर्ट कारोबारी शाहिद भाई(इंडिया गुड्स ट्रांसपोर्ट) का कहना है कि शुक्रवार से गाडिय़ां लोड होना बंद हो गई, लेकिन पहले से जो गाडिय़ां लोड है उन्हें छूट है। शाहिद के अनुसार अभी गुजरात के अलावा और कहीं असर नहीं है, लेकिन शनिवार से वे इस हड़ताल का बड़ा असर बता रहे हैं। उनके यहां करीब 60 ट्रक अटैच हैं, जो शुक्रवार से लोड होना बंद हो गए। शाहिद के अनुसार उनका बड़ा कारोबार मंडी और प्लांट से है, जहां से गाडिय़ां गुजरात के लिए लोड होती हैं।
जो जहां वहीं थम गए
हड़ताल के कारण ट्रकोंं के चक्के थम गए। बता रहे हैं कि निमरानी, इंदौर और भोपाल आदि शहरों में ट्रकों को रोका गया, जिसकी खबर सुनते ही सड?कों पर दौड़ रहे ट्रक वहीं थम गए। इसका नजारा नागदा-गुजरी मार्ग पर गल्र्स कॉलेज के बाहर देखने को मिला। यहां करीब आधा दर्जन लोडेड ट्रक सडक़ पर ही खड़े हो गए।
यूं समझें नुकसान
शहर के ट्रक मालिक अब्दुल गफ्फार का कहना है कि उनके पास एक ट्रक है, जो ट्रांसपोर्ट पर अटैच कर रखा है। महीने में लगभग 5 राउंड हो जाते हैं, जिनमें से एक राउंड पर उनको लगभग 8 हजार रुपए सूखी आमदनी होती है। इस प्रकार महीने के 5 राउंड से उन्हें 40 हजार रुपए मिलते हैं। यदि हड़ताल सप्ताह भर भी चली और एक राउंड कम हुआ तो उन्हें सीधे तौर पर 8 हजार का नुकसान होगा। इससे जिले के 2500 ट्रक से नुकसान का अनुमान लगाया जा सकता है।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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