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सिय अस्पताल प्रबंधन की मनमानी, नहीं दे रहे नोटिस का जवाब

तीन दिन में देना था जवाब, अब होगी अस्पताल पर तालाबंदी

धार

Published: March 29, 2022 08:41:36 pm

धार.
धामनोद के पास धानी के सिय अस्पताल के संचालक प्रशासन के पत्र का जवाब देने को तैयार नहीं है। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में तमाम गडबडियां मिली थी। इसके सुधार के लिए सीएमएचओ कार्यालय ने नोटिस जारी कर सातदिन का समय दिया था। अस्पताल प्रबंधन के डा सुरेश शर्मा जवाब देने को तैयार नहीं है।
सिय अस्पताल प्रबंधन की मनमानी, नहीं दे रहे नोटिस का जवाब
सिय अस्पताल प्रबंधन की मनमानी, नहीं दे रहे नोटिस का जवाब
धानी में सिय अस्पताल का संचालन डा सुरेश शर्मा कर रहे है। सीएमएचओ की टीम ने 12 फरवरी को नोटिस जारी किया था।नोटिस में आठ बिंदुओं पर मिली गडबडी को सुधार कर जवाब देने के निदेश दिए थे। सीएमएचओ आफिस के नोटिस को शर्मा ने रददी की टोकरी में फैंक दिया। पत्रिका ने पूरे मामले में समाचार का प्रकाशन प्रमुखता से किया था। 12 फरवरी को मिले नोटिस की समयावधिक समाप्त होने के बाद सीएमएचओ ने फिर शर्मा को नोटिस २६ मार्च कोदिया। नोटिस में शर्मा को तीन दिन में व्यवस्थाएं सुधार कर जवाब देने की ताकीत की थी, इसके बाद भी शर्मा ने नोटिस का जवाब देना उचित नहीं समझा है।
अब होगी पंजीयन निरस्ती की कार्रवाई

पत्र में 12 फरवरी के नोटिस का हवाला दिया है। नोटिस में लिखा है कि सात दिन बीतने के बाद भी जवाब नहीं दिया है। रिमांडर नोटिस में लिखा है कि आपको पुन: अंतिम रूप से निर्देशित किया जाता है किपत्र जारी होने के तीन दिन में प्रमाणित दस्तावेज और शपत्र पत्र कार्यालय में जमा कराएं। समय पर जवाब नहीं देने पर हास्पिटल का पंजीयन अनुज्ञापन की कार्रवाई प्रचलित की जाएगी।
अपनी पहुंच दिल्ली तक बताता है शर्मा

शर्मा अपनी पहुंच भोपाल से लेकर दिल्ली तक बताता है।सूत्रों की मानें तो दो दिन पूर्व शर्मा धार सीएमएचओ कार्यालय भी पहुंचा था। जवाब देने की बजाय ये अधिकारियों से ही बहस करता रहा । जबकि अधिकारियों ने तमाम जांच के बाद मिली गडबडियों को लेकर ही शर्मा को नोटिस थमाया है।
ये मिली कमियां
-हास्पिटल का फ्लोर प्लान संलग्न नहीं किया गया।
- मप्र प्रदूषण नियंत्रण से जारी किया जाने वाला प्राधिकार प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया है।
- स्वीकृत बेड अनुसार बायोमेडिकल अपशिष्ट के निष्पादन के लिए हास्विन इंसीनरेटर प्रा लिमि के साथ किए जाने वाला अनुबंध अभिलेख नहीं है।
- हास्पिटल में कार्यरत रेसीडेंट डाक्टर का नियमानुसार रोस्टर नहीं पाया।
- कार्यरत मेडिकल, पैरामेडिकल स्टाफ का इस आशय का स्व प्रमाणित शपथ कि उनके द्वारा अन्य किसी शासकीय, निजी संस्था में कार्य नहीं किया गया है।ये प्रस्तुत नहीं किया ।
- हास्पिटल संचालन के लिए भवन का किराया अनुबंध संचालक के नाम से नहीं है।
- एक्सरे मशीन के संचालन के लिए एईआरबी की अनुमति प्राप्त नहीं की गई है।

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