कमिश्नर ने मना किया फिर भी विदेश चले गए थे सरल

हेल्थ कमिश्नर की नाराजगी से सीएमएचओ का हो सकता है तबादला

By: atul porwal

Published: 07 Jul 2019, 12:01 PM IST

धार.
विदेश में रहने वाली बेटी के यहां जाना था तो सीएमएचओ ने हेल्थ कमिश् नर से 10 दिन की छुट्टी मांगी। कमिश्नर ने कहा कि दस्तक अभियान निपटने के बाद चले जाना, लेकिन सीएमएचओ डॉ. एसके सरल माने नहीं और बगैर अवकाश स्वीकृत हुए विदेश चले गए। अब हेल्थ कमिश्नर नितेश व्यास की नाराजगी के कारण सरल का तबादला संभावित है।
गौरतलब है कि सीएमएचओ डॉ. सरल 11 से 21 जून तक अवकाश पर थे, जो ऑस्ट्रेलिया के मेलबोर्न में रहने वाली अपनी बेटी के यहां गए थे। इसके लिए विधिवत रूप से अवकाश का आवेदन दिया था, लेकिन कमिश्नर ने दस्तक अभियान को प्राथमिकता देते हुए अवकाश देने से इंकार कर दिया। स्वास्यि आयुक्त व्यास ने कहा था कि अभियान के बाद चले जाना, लेकिन पूर्व से करवा लिए गए टिकट और बेटी के प्रेम में डॉ. सरल बगैर अनुमति के ही चले गए। स्वास्थ्य महकमे में चर्चा है कि इस बात से कमिश्नर नाराज हैं और वे सरल को लूप लाइन में डाल सकते हैं।

लापरवाही, कहीं डूब न जाए रेगिस्तान के जहाज ऊंट
बह गया तो जिम्मेदार कौन, प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
सादलपुर.
जिले भर में पिछले 2 दिनों से हो रही लगातार बारिश ने नदी नालों को उफान पर ला दिया है। इससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। कई गांवों में पानी घुस गया तो कई घरों में घुटनों तक पानी भर गया है। ऐसे ही बारिश से सादलपुर स्थित बागेड़ी नदी जम कर उफान पर है। बागेड़ी में बाढ़ आई हुई है। सरकार ने भी प्रशासन को ऐसे हालातों से निपटने के लिए सतर्क रहने के लिए कहा, लेकिन नगर में प्रशासन का रवैया बिल्कुल सुस्त नजर आ रहा है।
बागेड़ी किनारे बंधे ऊंटों को अब तक नहीं हटाया
बागेड़ी नदी में बाढ़ ने कई बार रोद्र रूप लिया और कई बार इसमें पशु धन का नुकसान भी हुआ है। इसके बावजूद प्रशासन सतर्क नजर नहीं आ रहा है। बागेड़ी नदी किनारे कई लोगों ने अपने घर बसा लिए हैं। इन्हें सतर्कता को लेकर कोई जानकारियां नहीं दी गई। वहीं यहां किसी पशुपालक ने नदी के किनारों पर ही बड़ी संख्या में ऊंटों को बिना परमिशन के कई दिनों से बांधे रखा है। वर्तमान में नदी में जोरदार बाढ़ आई हुई है जो इन ऊंटों के बिल्कुल नजदीक है। ऐसे में अगर नदी में पानी बड़ता है तो बड़ा नुकसान हो सकता है। लेकिन जिम्मेदार जरा भी सतर्क नजर नहीं आ रहे हैं।
क्या कहते हैं जवाबदार
मेरी जानकारी में नहीं है। आप से जानकारी मिली है तो मंै दिखवाती हूं।
- कृष्णा वास्कले, पटवारी सादलपुर

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