हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई नर्मदा में डुबकी

घाट पर सुरक्षा के लिए की रेलिंग निर्माण की मांग, घाट पर चेंजिंग रूम की व्यवस्था की भी उठी मांग

धरमपुरी. नगर में मंगलवार को अमावस्या पर नर्मदा में स्नान के लिए नर्मदा के घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं की सर्वाधिक भीड़ नगर से सटे शीतलामाता घाट पर रही। पेढ़ी घाट पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु नर्मदा में स्नान के लिए पहुंचे। लेकिन इन दोनों घाटों पर महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था नहीं थी। इस कारण नर्मर्दा महिला श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। यहां बारिश के बाद से नर्मदा का जलस्तर स्थाई रूप से बढ़ा हुआ है। जिस कारण नगर से सटा शीतलामाता घाट और पेढ़ी घाट बारिश के बाद से ही जलमग्न है। पेढ़ी घाट पर थाई चेंजिंग रूम भी नर्मदा के पानी में डूबा हुआ है। इसलिए फिलहाल नगर के नर्मदा घाटों पर टीन शेड या टेंट आदि के माध्यम से अस्थायी चेंजिंग रूम की व्यवस्था करने की मांग उठने लगी है। क्योंकि विगत कुछ वर्ष पूर्व तक पेढ़ी घाट पर स्थाई चेंजिंग रूम का निर्माण होने से पहले इसी तरह श्रद्धालुओं की सुविधा की दृष्टि से घाट पर टीन शेड या टेंट की व्यवस्था कर अस्थाई रूप से चेंजिंग रूम की सुविधा महिला श्रद्धालुओं को प्रदान की जाती थी। अब नर्मदा के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से पेढ़ी घाट पर निर्मित स्थाई चेंजिंग रूम जलमग्न होने के कारण फिर वही स्थिति निर्मित हो रही है। इसलिए फिलहाल टीन शेड या टेंट के माध्यम से घाटों पर अस्थाई रूप से चेंजिंग रुम की व्यवस्था किए जाने की मांग उठने लगी है।
क्या कहते हैं श्रद्धालु : मंगलवार को नगर से सटे शीतलामाता घाट पर नर्मदा में स्नान करने आए श्रद्धालु सरदार लुन्हेरा, गोकुल बगाड़ी व सुधीर शर्मा धरमपुरी ने पत्रिका को बताया कि घाट पर महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रुम की व्यवस्था नहीं है। इसलिए घाट पर कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था की जाना चाहिए। घाट पर कुछ स्थानों पर नर्मदा किनारे करीब 40 फीट से अधिक गहरी खाई है। श्रद्धालुओं के लिए जोखिम भरा है। घाट पर जल्द से जल्द सुरक्षा के लिए रेलिंग लगाई जाना चाहिए।
जोखिम भरा हुआ नर्मदा में स्नान
नर्मदा का जलस्तर बढऩे के कारण पेढ़ी घाट और शीतलामाता घाट पर कई स्थानों पर नर्मदा किनारे स्नान करना जोखिम भरा हो गया है। दोनों घाटों पर नर्मदा किनारे कुछ स्थान ऐसे है जहां नर्मदा के पानी में कुछ कदम मात्र आगे बढ़ाने पर सीधे नीचे करीब 40 फीट से भी अधिक गहरे पानी में जाने का डर बना रहता हैं। ऐसी स्थिति में स्नान कर रहे श्रद्धालुओं का तनिक भी अनुमान गलत होने पर जनहानि की आशंका बनी रहती है।

shyam awasthi Desk
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