लॉकडाउन के दौरान मनरेगा कार्य शुरू होने से मजदूरों के चेहरे खिले


पूरी दुनिया में तांडव मचा रही कोरोना महामारी का खौफ और लॉकडाउन के बीच अब जनजीवन सामान्य होने लगा है।

By: sarvagya purohit

Published: 24 May 2020, 09:21 AM IST


लॉकडाउन के दौरान मनरेगा कार्य शुरू होने से मजदूरों के चेहरे खिले
अनारद.
पूरी दुनिया में तांडव मचा रही कोरोना महामारी का खौफ और लॉकडाउन के बीच अब जनजीवन सामान्य होने लगा है। खौफ और दहशत के बावूजद एक बार फिर जिंदगी पटरी पर लौटने लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग रोटी की जुगाड़ में लग गए हैं। रोजी-रोजगार का पहिया घूमने लगा है। गांवों में मनरेगा योजनाओं की शुरुआत हो गई है। हजारों लोग इससे जुड़कर अर्थोपार्जन करने लगे हैं।
शासन से मनरेगा कार्य शुरु कराए जाने और इसमें मजदूरी मिलने से मजदूरों के चेहरे पर रौनक आ गई है। विकासखंड धार के ग्राम पंचायत अनारद में बुधवार को तालाब पर फिर से जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ हुआ। कार्य पर लगने से पहले सहायक सचिव राहुल यादव ने बारी बारी से मजदुरों को मास्क वितरित किए मजदूरों द्वारा मुंह पर मास्क लगाकर व सोशल डिस्टेंस का पालन कर कार्य कर रहे।
घर का खर्च चलाने में दिक्कत नहीं आएगी
तालाब की मेड़ पर मिट्टी डाल रहे मजदूरों ने बताया कि लॉक डाउन के बाद से ही काम न मिलने से घर का चूल्हा बमुश्किल से जल पा रहा था। जरूरी सामानों की खरीददारी नहीं हो पा रही थी, जिसके चलते घर बैठे यह सोच-सोच कर कि घर का खर्च कैसे चलेगा समझ में नहीं आ रहा था। लेकिन सरकार द्वारा लॉक डाउन के दौरान मनरेगा का कार्य शुरू कराए जाने से अब घर का खर्च चलाने में दिक्कत नहीं आएगी।
मनरेगा मजदूर बद्रीलाल नानूराम ने बताया कि ऐसी स्थिति कभी नहीं आती थी। सप्ताह में एक दो काम तो मिल ही जाता था लेकिन लॉक डाउन के चलते इस बार गांव में खेती बारी का काम भी ज्यादातर लोगों ने मशीन से कराया है। जिसके चलते मजदूरी का काम न मिलने के कारण गृहस्ती चलाने में दिक्कत हो रही थी। लेकिन गाँव मे तालाब गहरीकरण की खुदाई शुरू होने तथा इसमें काम करने से अब चिंता थोड़ी घटी है।
कार्य शुरू किया
शासन व अधिकारियों का आदेश मिलते ही हमने अपनी ग्राम पंचायत में मनरेगा से कराए जाने वाले कार्य शुरू करा दिए हैं। मजदूर मनरेगा में कार्य कर रहे हैं। कार्य के दौरान सोशल डिस्टेंस के पालन का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। वास्तव में मनरेगा मजदूरों के समक्ष रोजी-रोटी की दिक्कत थी। लेकिन कार्य शुरू हो जाने से इनको राहत मिलेगी।
- चंदाबाई रतनलाल वसुनिया, सरपंच, ग्राम पंचायत अनारद

sarvagya purohit
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned