आज ही शुरु करें ये उपाय, जल्दी आपके पास भी होगी बड़ी प्रोपर्टी

Sunil Sharma

Publish: Sep, 01 2017 03:55:00 (IST)

Dharma Karma
आज ही शुरु करें ये उपाय, जल्दी आपके पास भी होगी बड़ी प्रोपर्टी

जन्मकुंडली में ग्रहों के आधार पर ही यह मालूम किया जा सकता है कि कोई व्यक्ति खुद का मकान बना पाने में सक्षम होगा या नहीं

हर कोई चाहता है कि उसका अपना खुद का मकान हो जहां वो अपने परिवार के साथ सुख से रहें। ज्योतिष के अनुसार घर बनाने का फैसला हम नहीं वरन हमारी जन्मकुंडली के ग्रह-नक्षत्र करते हैं। जन्मकुंडली में ग्रहों के आधार पर ही यह मालूम किया जा सकता है कि कोई व्यक्ति खुद का मकान बना पाने में सक्षम होगा या नहीं। अगर कुंडली में मकान बनाने के योग न हो तो ज्योतिष के कुछ आसान से उपायों को अपना कर भी भाग्य को बदला जा सकता है। आइए हम जानते हैं ऐसे ही जन्मकुंडली के कुछ योग तथा उपायों के बारे में...

कुंडली के चौथे घर से पता लगता है खुद के घर बनने का

  1. ज्योतिष के अनुसार घर, जमीन-जायदाद का विचार चतुर्थेश से, सुख का विचार बृहस्पति से और सुख-सुविधाओं का विचार शुक्र से किया जाता है।
  2. ज्योतिष में मंगल भूमि-सम्पत्ति का कारक ग्रह है। जन्म कुंडली में यदि चतुर्थेश चतुर्थ भाव में या लग्नेश चतुर्थ भाव में हो अथवा लग्नेश चतुर्थेश का स्थान परिवर्तन हो और शत्रु ग्रह इन पर दृष्टि डाल रहे हो तो व्यक्ति अपने घर का सुख भोगता है।
  3. चतुर्थेश केंद्र या त्रिकोण में उच्च राशि में शुभ ग्रहों के साथ हो या दृष्टि-युति संबंध हो तो व्यक्ति का घर बड़ा, सुंदर और सुसज्जित होता है। धनेश यदि चतुर्थ भाव में हो तो पैतृक सहयोग से घर का सुख मिलेगा।
  4. धनेश यदि चतुर्थ भाव और चतुर्थेश से संबंधित हो तो धनेश की दशा-अंतर्दशा में घर का सुख मिलता है। धनेश यदि कुंडली में बली हो तो धनेश के नक्षत्र में स्थित ग्रह की दशा-अंतर्दशा में उत्तम मकान, सम्पत्ति बनवाता है।
  5. यदि चतुर्थेश भाग्येश के साथ शुभ संबंध बनाए तो चतुर्थेश एवं भाग्येश की दशा-अंतर्दशा में जातक नया मकान बनवाता है। चतुर्थ भाव में उच्च राशि अथवा मित्र राशि में स्थित ग्रह नवांश में बली हो तो उनकी दशा-अंतर्दशा में घर का सुख प्राप्त होता है।

इन उपायों से भी बन सकता है घर

  1. आध्यात्म विज्ञान में भगवान शिव को महाकाल की संज्ञा दी गई है। वे मनुष्य के समस्त शुभ-अशुभ कर्मों को नष्ट कर उसे मनचाहा भाग्य देने की क्षमता रखते हैं। अतः उनके मंत्र ॐ नमः शिवाय अथवा महामृत्युंजय मंत्र के जप से भी मकान बनाने के प्रबल योग बनते हैं।
  2. गुरुवार को भगवान विष्णु तथा लक्ष्मीजी की पूजा करने तथा उन्हें पीली वस्तुएं यथा फूल, वस्त्र आदि अर्पण करने से भी भाग्यलक्ष्मी प्रसन्न होती है और स्वयं के घर बनाने का वरदान देती है।
  3. ज्योतिष में शनि को भाग्य का कारण ग्रह माना गया है। इसे संपत्ति, जमीन आदि से भी जोड़ा जाता है। शनि के अनुकूल होने पर व्यक्ति अनगिनत प्रोपर्टीज का मालिक बन सकता है। अतः शनि को प्रसन्न करना अत्यन्त लाभकारी रहेगा।

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