11 मौतों का राज़ : घर में मौजूद वास्तुदोष बनता है आत्महत्या का कारण

11 मौतों का राज़ : घर में मौजूद वास्तुदोष बनता है आत्महत्या का कारण

Tanvi Sharma | Publish: Jul, 13 2018 07:06:36 PM (IST) धर्म कर्म

11 मौतों का राज़ : घर में मौजूद वास्तुदोष बनता है आत्महत्या का कारण

दिल्ली के बुराड़ी में कुछ दिनों पहले एक ही परिवार के 11 लोगों के मौत मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं साथ ही इन 11 लोगों की मौतों का मामला दिन पर दिन गहराता जा रहा है। इस मौत मिस्ट्री में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कहीं आत्मा के प्रभाव में परिवार के होने का कारण बता रहा है तो कोई तांत्रिक का चक्कर होने का कारण बता रहा है। वहीं वास्तुशास्त्रियों का कहना है की जब कोई आत्महत्या या अकाल मृत्यु जैसा कदम उठाता है, तो घर में वास्तुदोष भी आत्महत्या का कारण होता है। आइए जानते हैं घर में कौन से वास्तुदोष इस तरह की मृत्यु का कारण बनते हैं।

वास्तुशास्त्र के अनुसार जिस किसी घर में आत्महत्या होती है उस घर में दो या दो से अधिक वास्तुदोष होते हैं। पहला दोष घर के ईशान कोण यानि उत्तर- पूर्व और दूसरा दोष नैऋत्य कोण यानि दक्षिण-पश्चिम दिशा में होता है। इन दोना दिशाओं में पानी की टंकी, कुआं, बोरवेल, बेसमेंट या किसी भी प्रकार से इस कोने का फर्श नीचा हो या घर के दक्षिण दिशा का दक्षिणी कोना या दक्षिण पश्चिम का दक्षिणी भाग का बढ़ा हुआ हो तो वास्तुदोष उत्पन्न हो जाता है।

 

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मुख्य द्वार का गलत दिशा में होना

घर के पश्चिम नैऋत्य कोण में मुख्य द्वार हो तो घर के पुरूष सदस्य द्वारा आत्महत्या की संभावनाएं होती है वहीं अगर मुख्य द्वार दक्षिण नैऋत्य कोण में हो तो उस घर की स्त्री सदस्य द्वारा आत्महत्या की संभावना होती है।

आग्नेय कोण भी बनता है अत्महत्या का कारण

जमीन के पूर्व आग्नेय कोण को किसी भी चीज से ढकना नहीं चाहिए अन्यथा पुरूषों में निराशा और आत्महत्या की भावना बलवती होती है जबकि वायव्य ढका हुआ हो तब स्त्रियां निराश होकर इस तरह के कदम उठाती हैं।

घर का ईशान कोण का दबना

घर में यदि ईशान कोण अंदर दब जाए, कट जाए, गोल हो जाए या किसी कारण दक्षिण पूर्व की दीवार पूर्व की ओर आगे बढ़ जाए तो इस अवस्था में घर के पुरूष द्वारा आत्महत्या का कारण बनता है। वहीं यदि उत्तर पश्चिमी दीवार का उत्तरी भाग आगे बढ़ा हुआ हो तो आत्महत्या की संभावना स्त्री सदस्य द्वारा बनती है।

पश्चिम नैऋत्य भी एक कारण

घर के दक्षिण नैऋत्य में मार्ग प्रहार हो यानी इस दिशा में कोई रास्ता आकर मिल रहा हो तब स्त्रियां और पश्चिम नैऋत्य में कोई मार्ग आकर घर के द्वार के पास मिल रहा हो तब पुरूष इस प्रकार का कदम उठाते हैं।

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