यदि बार-बार टूट जाती है आपकी शादी तो हरतालिका तीज के दिन करें यह उपाय, शीघ्र होगा विवाह

यदि बार-बार टूट जाती है आपकी शादी तो हरतालिका तीज के दिन करें यह उपाय, शीघ्र होगा विवाह

Tanvi Sharma | Publish: Sep, 09 2018 12:10:46 PM (IST) धर्म कर्म

यदि बार-बार टूट जाती है आपकी शादी तो हरतालिका तीज के दिन करें यह उपाय, शीघ्र होगा विवाह

भाद्रपद माह का विशेष महत्व माना जाता है। इस माह में कई व्रत और त्यौहार पड़ते हैं। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरितालिका तीज मनाई जाती है। हरितालिका तीज के दिन शादीशुदा महिलाएं और कुंवारी कन्याएं व्रत रखती हैं। कई जगहों पर हरितालिका तीज को हरतालिका तीज या तीजा भी कहा जाता है। महिलाएं इस व्रत को अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए करती है। कहा जाता है की इस व्रत को पूरी श्रृद्धा से किया जाए तो कुंवारी और विवाह योग्य युवतियों को मनचाहा वर प्राप्त होता है वहीं शादीशुदा महिलाओं को पति की लंबी उम्र का वरदान मिलता है व वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। इस दिन आपको निर्जला व्रत रखना होता है और व्रत में रातभर पूजन चलता है। लेकिन यदि आपके वैवाहिक जीवन में कुछ परेशानियां हैं आपको पति का प्यार नहीं मिल रहा है या फिर किसी युवती की बार-बार शादी टूट रही हो या विवाह में अड़चनें आ रही हो तो आप इस दिन व्रत कर विधिवत पूजन के साथ-साथ यह उपाय करें आपकी सभी परेशानियां दूर होंगी। आइए जानते हैं कुछ उपाय....

 

hartalika teej

यदि बार-बार टूट रहा हो विवाह

जिन लड़कियों का विवाह बार-बार टूर जाता है उन लड़कियों के लिए यह उपाय बहुत ही कारगार है। इस दिन आपको सुबह से निर्जल व्रत रखना चाहिए। फिर प्रदोष काल में पीले वस्त्र पहन कर भोलेनाथ के मंदिर जाएं और शिवलिंग पर चंदन और जल अर्पित करें। पार्वती जी को कुमकुम अर्पित करें और "ॐ पार्वतीपतये नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें। माता पार्वती को चढ़ाया गया कुमकुम अपने पास रखें और स्‍नान कर के इसका टीका लगाएं। शीघ्र ही साभ मिलेगा।

पति से प्रेम सुख ना मिल रहा हो तो करें ये उपाय

इस व्रत को निर्जल रख कर शाम को सोलह श्रृंगार करके शिव जी के मंदिर जाएं और उन्‍हें इत्र और जल चढ़ा कर माता पार्वती को सिन्दूर और चुनरी अर्पित करें। इसके बाद ॐ गौरीशंकराय नमः का 108 बार जाप करें। पूजा खत्‍म होन के बाद माता को अर्पित की हुई चुनरी में 11 रुपए बांध कर अपने पास रख लें। इस व्रत का महत्त्व बहुत ज्यादा है। इस व्रत को करने से माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है और पति को लंबी आयु और यश तथा प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है।

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