कोई भी काम शुरु करने के पहले इस एक बात का ध्यान रखें, हर हाल में मिलेगी सफलता

Sunil Sharma

Publish: Sep, 01 2017 03:51:00 PM (IST)

धर्म कर्म
कोई भी काम शुरु करने के पहले इस एक बात का ध्यान रखें, हर हाल में मिलेगी सफलता

शुभ नक्षत्रों का ध्यान रखते हुए यदि कोई कार्य किया जाए तो उसमें सफलता मिलती है

भारतीय पंचांग में नक्षत्र को तीसरे अंग के रूप में स्वीकार किया गया है। ज्योतिष शास्त्र में कुल २७ प्रकार के नक्षत्रों का उल्लेख मिलता है। मान्यता है कि नक्षत्रों का कभी क्षरण नहीं होता तथा वे सदैव अपने स्थान पर ही रहते हैं। जिस नक्षत्र में बच्चे का जन्म होता है, उसी के अनुसार उसकी जन्म राशि का निर्धारण होता है। शुभ नक्षत्रों का ध्यान रखते हुए यदि कोई कार्य किया जाए तो उसमें सफलता मिलती है। यहां हम ऐसे कार्यों की विवेचना कर रहे हैं जिन्हें शुभ नक्षत्र में करने से लाभ मिल सकता है। जानें ऐसे ही कुछ शुभ नक्षत्र जो बेहद शुभ और लाभकारी हैं।

विवाह आयोजन : वर-वधू की दिखाई रस्म, सगाई, विवाह आदि के लिए अश्वनी, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, रेवती और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र शुभ माने गए हैं।

कृषि कार्य : फसल की बुवाई, कटाई, हल चलाना, पौधरोपण के लिए कृतिका, मृगशिरा, पुष्य, श्लेषा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती नक्षत्र उपयुक्त होते हैं।

धार्मिक और शिक्षण कार्य: अक्षर ज्ञान, अध्ययन, अध्यापन, धार्मिक प्रवचन, स्कूल, कॉलेज, पुस्तकालय के संचालन के लिए पुष्य, उत्तराफाल्गुनी, श्रवण, धनिष्ठा और रेवती नक्षत्र शुभ रहते हैं।

सरकारी और राजनीतिक कार्य : राज्याभिषेक और शपथ ग्रहण, कर्मियों की नियुक्ति, चुनाव प्रचार, राजनीतिक संगोष्ठी आदि कार्य चित्रा, जेष्ठा और शतभिषा नक्षत्र में निर्विवाद किए जा सकते हैं।

उद्योग और व्यापार : मशीनरी लगाने, रोजगार, व्यवसाय, वाणिज्य, व्यावसायिक विज्ञापनों के लिए अश्वनी, हस्त, चित्रा, शतभिषा नक्षत्र शुभ माने गए हैं।

भवन निर्माण कार्य: मकान, दूकान, मठ, मंदिर, रेल लाइन, गुफा, छत, कुआं, सडक़ और जल संबंधी कार्य रोहिणी, पुनर्वसु, पुष्य, पूर्वाफाल्गुनी, पूर्वाषाढ़, उत्तराषाढ़, श्रवण, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में करना शुभ रहता है।

वाहन और यात्रा : नए-पुराने वाहनों का क्रय-विक्रय, वाहन के उपयोग, वाहन के संचालन, वाहन से यात्रा करने या सवारी आदि के लिए मृगशिरा, पुष्य, स्वाति, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र शुभ माने गए हैं।

औषधि-चिकित्सा कार्य : औषधि एवं रसायन के निर्माण, औषधि सेवन, सर्जरी और चिकित्सा संबंधी अन्य कार्यों के लिए अश्वनी, विशाखा, अनुराधा नक्षत्र शुभ हैं।

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