अब अंतिम संस्कार भी करवाएगा ये रोबोट, बनने से पहले बुकिंग फुल

‘पेप्पर’ नामक ह्यूमनाइड रोबोट पंडित या प्रीस्ट की तरह श्लोक पढ़ते हुए धार्मिक कर्मकांड सम्पन्न करा सकता है

By: सुनील शर्मा

Published: 25 Aug 2017, 01:08 PM IST

जापानी लोग नई नई चीजों का अविष्कार करने के मामले में सच में दुनिया में नंबर वन हैं। वो जो न कर डालें वो कम है। यही देखिए... रिसेंटली जापान की एक रोबोट कंपनी ने ‘पेप्पर’ नाम का एक ऐसा ह्यूमनाइड रोबोट लॉंच किया है, जो पंडित या प्रीस्ट की तरह श्लोक पढ़ते हुए धार्मिक कर्मकांड सम्पन्न करा सकता है।

टोक्यो में चल रहे इस एक्सपो में सॉफ्टबैंक रोबोटिक कंपनी ने ‘पेप्पर’ नाम का एक रोबोट लॉंच किया है, जो बोद्ध धर्म के प्रीस्ट या पंडित की तरह कपड़े पहनता है। साथ ही वो छोटा सा ड्रम बजाते हुए मंत्र और श्लोक पढक़र किसी के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को विधि विधान से पूरा करा सकता है।

जापान की कम होती आबादी के बीच बौद्ध धर्म से जुड़े प्रीस्ट अपने धर्म और कम्यूनिटी से जुड़े गिने चुने काम करके अपनी जरूरत भर का नहीं कमा पाते हैं। इस कारण ये बौद्ध प्रीस्ट अपने मठ, मंदिर छोडक़र शहरों में काम करने चले जाते हैं, इस कारण क्रियाकर्म के लिए समय पर प्रीस्ट का मिलना मुश्किल हो जाता है।

यही वजह है कंपनी ने ऐसा रोबोटा प्रीस्ट बनाया जो असली प्रीस्ट के न होने की कंडीशन में लोगों के अंतिंम संस्कार का पूरा विधान फॉलो कर सकेगा।

इससे पहले बने थे बहुमंजिला कब्रिस्तान

गौरतलब है कि अंतिम संस्कार के लिए इन दिनों जापान में बहुत मारामारी हो रही है। यहां तक कि दफनाने वाली कम्यूनिटीज के लिए तो बहुमंजिला कब्रिस्तान बनाए जा रहे हैं। जहां लाशों को दफनाया जा सकता है। इसके लिए अच्छी खासी फीस भी ली जा रही है। इन कब्रिस्तानों में हर मृतक की लाश के लिए एक कमरा अलॉट कर दिया जाता है। जो वहां एक नियत समय तक दफनाया जा सकता है। इसके बाद उसे वहां रखने के लिए अतिरिक्त पैसा देना होता है। या फिर वह कमरे किसी दूसरी लाश को दफनाने के लिए काम में लिया जाता है।

सुनील शर्मा
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