भगवान राम की वंशज थीं कोरिया की महारानी

यूं तो हम सभी जानते हैं कि अयोध्या के राजकुमार राम को उनके पिता राजा दशरथ ने 14 साल के वनवास पर भेज दिया था जिसे वह पूरा कर वापस अयोध्या वापस लौटे थे

लखनऊ. यूपी और कोरिया का रिश्ता दो हजार साल पुराना है। यूं तो हम सभी जानते हैं कि अयोध्या के राजकुमार राम को उनके पिता राजा दशरथ ने 14 साल के वनवास पर भेज दिया था जिसे वह पूरा कर वापस अयोध्या वापस लौटे थे। लेकिन अयोध्या नगरी की राजकुमारी सुरीरत्ना दो हजार साल पहले कोरिया जाकर वहीं की हो गईं। वहां वो कोरिया के कारक वंशी राजा किम सोरो की पत्नी बन कोरिया की महारानी बनी और उसके बाद वो कभी वापस अयोध्या नहीं आईं।

धर्म का प्रचार प्रसार करने निकली थीं सुरीरत्ना

अयोध्या की राजकुमारी सुरीरत्ना बौद्ध धर्म का प्रचार प्रसार करने के लिये अयोध्या से कोरिया पहुंची थी वहां उनकी मुलाकात कोरिया के तत्कालीन करक वंशी राजा किम सोरो से हुई और उन्हें उनसे प्रेम हो गया इसके बाद वे दोनों शादी के बंधन में बंध गये। जब राजकुमारी का विवाह हुआ था तब वह 16 वर्ष की थीं।

इतिहास में दर्ज है यह बात

कोरिया के पौराणिक इतिहास में यह बात दर्ज है कि करीब दो हजार साल पहले अयोध्या की राजकुमारी सुरीरत्ना अयोध्या से पानी के रास्ते कोरिया आयी थीं। जिस नाव से राजकुमारी कोरिया आयी थी कोरिया वासियों ने उसे अब भी संभाल के रखा हुआ है। कारक वंश के लोगों ने अपने पास अभी भी वो पत्थर सम्भाल के रखे हैं जिसे राजकुमारी यात्रा के दौरान नाव का संतुलन बनाने के लिए अपनी नाव में रखकर लायीं थी

सपने में आये थे भगवान

चीन के पौराणिक दस्तावेजों में इस बात का उल्लेख किया गया है कि अयोध्या की राजकुमारी के पिता के सपने में स्वयं भगवान प्रकट हुए और उन्होंने राजकुमारी सुरीरत्ना के पिता से कहा की वो अपने बेटे और राजकुमारी को विवाह करने के लिए किमहये शहर भेंजे जहां राजकुमारी का विवाह राजा सोरो से होगा चीन के यह दस्तावेज मंदारिन भाषा में लिखे हैं।

सबसे प्रिय है राजकुमारी


यूूं तो  कोरिया के इतिहास में कई रानियों के नाम दर्ज हैं लेकिन रानी सुरीरत्ना को ही सबसे आदरणीय माना जाता है जिसका एक कारण यह भी था की वह भगवान राम की नगरी से जुड़ी हुई हैं।

याद में बनवाया पार्क

हर साल फरवरी मार्च के बीच में कोरियावासी अयोध्या नगरी में आते हैं और राजकुमारी सुरीरत्ना की मातृभूमि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं । उन लोगों ने राजकुमारी की याद में सरयू नदी के किनारे एक पार्क भी बनवाया है। वक्त वक्त पर अयोध्या के कुछ लोग किमहये शहर की यात्रा करने भी गये हैं।

राम के वंशज का नहीं है प्रमाण


भारतीय दस्तावेजों के अनुसार कहीं भी यह जिक्र नहीं मिलता कि राजकुमारी सूर्य रत्न का विवाह कोरिया के राजा से हुआ था लेकिन कोरिया के पौराणिक कथानकों के अनुसार इन सभी तथ्यों की पुष्टि हो चुकी है। लेकिन कहीं भी यह नहीं दर्शाता है राजकुमारी सुरीरत्ना का संबंध  भगवान राम के वंश से था।
Ruchi Sharma
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