शरद पूर्णिमा आज: जानिए क्या है पूजा की मान्यताएं और महत्व

शरद पूर्णिमा के दिन ही मां लक्ष्मी का जन्म हुआ था। धन प्राप्ति के लिए यह दिन सबसे उत्तम है।

Devendra Kashyap

October, 1312:15 PM

धर्म कर्म

आज शरद पूर्णिमा है। आश्विन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं। अश्विन महीने में पड़ने वाली पू्र्णिमा का विशेष महत्व होता है। आज की रात जागरण करने और रात में चांद की रोशनी में खीर रखने का विशेष महत्व होता है। कहा जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी पूरी सोलह कलाओं के प्रदर्शन करते हुए दिखाई देता है।


पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा के दिन ही मां लक्ष्मी का जन्म हुआ था। धन प्राप्ति के लिए यह दिन सबसे उत्तम है। शरद पूर्ण‍िमा को कोजागरी व्रत के रूप में भी मनाया जाता है। कहा जाता है कि इस दिन छोटे से उपाय करने से बड़ी से बड़ी विपत्तियां टल जाती हैं।


शरद पूर्णिमा का महत्व

शरद पूर्णिमा काफी महत्वपूर्ण तिथि है। इसी तिथि से शरद ऋतु का आरम्भ होता है। इस दिन चन्द्रमा संपूर्ण और सोलह कलाओं से युक्त होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन चन्द्रमा से अमृत की वर्षा होती है जो धन, प्रेम और सेहत तीनों देती है। मान्यता के अनुसार, इसी दिन प्रेम और कलाओं से परिपूर्ण होने के कारण भगवान श्री कृष्ण ने इसी दिन रास रचाया था।


शरद पूर्णिमा व्रत विधि

शरद पूर्णिमा के दिन सुबह में इष्ट देव का पूजन करना चाहिए। ब्राह्मणों को खीर का भोजन कराना चाहिए और उन्हें दान दक्षिणा भी देना चाहिए। धन प्राप्ति के लिए इस व्रत को विशेष रुप से किया जाता है। माना जाता है कि इस दिन जागरण करने वालों की धन-संपत्ति में वृद्धि होती है। आज की रात चन्द्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही भोजन करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस दिन चांद की चांदनी से अमृत बरसता है।

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Devendra Kashyap
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