आज है सर्वार्थसिद्धी योग, इन कार्यों से होगा फायदा

Sunil Sharma

Publish: Aug, 26 2017 09:13:00 (IST)

Dharma Karma
आज है सर्वार्थसिद्धी योग, इन कार्यों से होगा फायदा

पंचमी पूर्णा संज्ञक शुभ तिथि रात्रि ९.१८ तक, इसके बाद षष्ठी नन्दा संज्ञक तिथि प्रारम्भ हो जाएगी

पंचमी पूर्णा संज्ञक शुभ तिथि रात्रि ९.१८ तक, इसके बाद षष्ठी नन्दा संज्ञक तिथि प्रारम्भ हो जाएगी। पंचमी तिथि में सभी चर-स्थिर कार्य, विवाहादि मांगलिक कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं। पर पंचमी तिथि में कर्ज नहीं देना चाहिए। षष्ठी तिथि में वास्तु, अलंकार व मांगलिक कार्य सिद्ध होते हैं। पर यात्रा, उबटन व काठ की दातुन आदि नहीं करना चाहिए।

नक्षत्र: चित्रा ‘मृदु व तिङ्र्यंमुख’ संज्ञक नक्षत्र अपराह्न ३.५१ तक, इसके बाद स्वाति ‘चर व तिङ्र्यंमुख’ संज्ञक नक्षत्र है। चित्रा नक्षत्र में यथा आवश्यक शांति, पुष्टता, कारीगरी, वास्तु, अलंकार व जनेऊ आदि और स्वाति नक्षत्र में देवालय, मांगलिक विवाह आदि वास्तु और अलंकारादिक कार्य करने चाहिए।

योग: शुक्ल नामक योग रात्रि ११.०६ तक, इसके बाद ब्रह्म नामक योग है। दोनों ही नैसर्गिक शुभ योग हैं। विशिष्ट योग: सर्वार्थसिद्धि नामक शुभ योग व दोष समूह नाशक रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग अपराह्न ३.५१ से अगले दिन सूर्योदय तक है। करण: बव नामकरण प्रात: ८.५५ तक, इसके बाद बालवादि करण हैं।

शुभ विक्रम संवत् : 207४
संवत्सर का नाम : साधारण
शाके संवत् : 193९
हिजरी संवत् : 143८, मु.मास: जिलहिज-३
अयन : दक्षिणायन
ऋतु : शरद्
मास : भाद्रपद।
पक्ष : शुक्ल।

शुभ मुहूर्त: आज गृहारम्भ (च.शु.र.) व विपणि-व्यापारारम्भ के मुहूर्त चित्रा में तथा विवाह व सगाई-सम्बंध, रोका आदि के चित्रा व स्वाति नक्षत्र में शुभ मुहूर्त हैं।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: प्रात: ७.४२ से ९.१८ तक शुभ तथा दोपहर १२.२९ से सायं ५.१५ तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर १२.०३ से दोपहर १२.५४ तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज ऋषि पंचमी, भाई पांचे, जैन संवत्सरी (पंचमी पक्ष), मेला गढ़ गणेशजी (जयपुर), रक्षा पंचमी (बंगाल), गुरु पंचमी (उड़ीसा) तथा मेलापाट तीन दिन का प्रारंभ (कश्मीर में)। चन्द्रमा: चन्द्रमा सम्पूर्ण दिवारात्रि तुला राशि में रहेगा। दिशाशूल: शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। पर चन्द्र स्थिति के अनुसार आज पश्चिम दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है। राहुकाल: प्रात: ९.०० से १०.३० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (री, रू, रे, रो, ता) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि तुला है। जन्म रजतपाद से हुआ है। सामान्यत: ये जातक माता-पिता की सेवा करने वाले, बुद्धिमान, साहसी, धनवान, नीतिकुशल, सौन्दर्यप्रसाधन प्रेमी, चित्रकला व अभिनय के जानने वाले, निपुण व व्यवहार कुशल होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग ३३ से ३८ वर्ष की आयु के मध्य होता है। तुला राशि वाले जातकों की आज लाभप्रद यात्रा होगी। विदेश जाने वाले या इच्छा रखने वाले जातकों को अपने प्रयास तीव्र करने चाहिए। सफलता अवश्य मिलेगी।

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