आगरा-मुम्बई राष्ट्रीय राजमार्ग-3 जाम, किसानों के काफिले को यूपी में प्रवेश से रोका

धौलपुर. दिल्ली में आयोजित होने वाले किसान मार्च में शामिल होने जा रहे देश के विभिन्न हिस्सों के किसानों के काफिले को बुधवार देर रात उत्तर प्रदेश सीमा में प्रवेश करने के बाद आगरा जिले के सैंया थाना क्षेत्र पर रोक दिया गया। काफिले का नेतृत्व नर्मदा बचाओ अंादोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाली सामाजिक कार्यकर्ता मेघा पाटकर कर रही थी।

By: Naresh

Published: 27 Nov 2020, 02:14 PM IST

आगरा-मुम्बई राष्ट्रीय राजमार्ग-3 जाम, किसानों के काफिले को यूपी में प्रवेश से रोका
-सामाजिक कार्यकर्ता मेघा पाटकर के नेतृत्व में दिल्ली में आयोजित किसान धरने में शामिल होने जा रहे थे
-देर रात तक हाइवे सड़क पर ही बैठे रहे किसान
-धौलपुर प्रशासन से मौके पर पहुुंच कर की समझाइश
-देर शाम को खुला हाइवे मार्ग
धौलपुर. दिल्ली में आयोजित होने वाले किसान मार्च में शामिल होने जा रहे देश के विभिन्न हिस्सों के किसानों के काफिले को देर रात उत्तर प्रदेश सीमा में प्रवेश करने के बाद आगरा जिले के सैंया थाना क्षेत्र पर रोक दिया गया। काफिले का नेतृत्व नर्मदा बचाओ अंादोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाली सामाजिक कार्यकर्ता मेघा पाटकर कर रही थी। इस दौरान पाटकर सैकड़ों किसानों के साथ दिल्ली जाने के लिए रास्ता खोले जाने पर अड़ गई। बात नहीं बनने के बाद पाटकर ने किसानों के साथ हाइवे पर जाम लिया। इसके बाद गुरूवार सुबह पाटकर का काफिले ने वापस राजस्थान की सीमा में प्रवेश कर हाइवे पर जाम लगा दिया। इस दौरान आगरा-मुम्बई राष्ट्रीय राजमार्ग-तीन पर दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर तक कतारें लग गई। वहीं, जाम की स्थिति को देखते हुए जिला कलक्टर व जिला पुलिस अधीक्षक मय पुलिस दल के मौके पर पहुंचे और समझाइश के प्रयास में जुट गए। ईधर, हाइवे पर जाम की सूचना पर शहर यातायात पुलिस ने दिल्ली जाने वाले वाहनों को सैपऊ बाइपास से डायवर्ट किया गया, तो वहीं आगरा की ओर जाने वाले वाहनों को राजाखेड़ा मार्ग से भेजा गया।
हुआ यूं कि सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर के साथ करीब ढाई सौ से तीन सौ किसानों का काफिला गाडिय़ों से महाराष्ट्र से रवाना होकर दिल्ली में गुरूवार व शुक्रवार को आयोजित होने वाले केंद्र सरकार के किसान एक्ट के विरोध में शामिल होने के रवाना हुआ था। किसानों की गाडिय़ों का काफिला आगरा-मुम्बई राष्ट्रीय राजमार्ग-तीन से होकर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश व राजस्थान की सीमा होकर बुधवार देर रात उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के सैंया थाना क्षेत्र में प्रवेश किया, इस दौरान यूपी पुलिस ने किसानों के काफिले कोआगे जाने से रोक दिया। काफिले में शामिल समर्थकों में आक्रोशित होकर देर रात से ही हाईवे पर जाम लगा दिया है, जिसके चलते जाम स्थल के दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गई। इसके बाद पाटकर ने आगरा प्रशासन से संपर्क भी साधा, लेकिन कोई भी बात नहीं बनी। रातभर पाटकर का काफिला आगरा के सैंया क्षेत्र में हाइवे पर खड़ा रहा। इसके बाद गुरूवार सुबह काफिले से वापस राजस्थान की सीमा में प्रवेश करते हुए बरैठा पुलिस चौकी पर पहुंच कर हाइवे पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर डीएम राकेश कुमार व एसपी केसर सिंह मय जाप्ते के बरैठा बोर्डर पर पहुंच गए। यहां मेघा पाटकर से वार्ता करते हुए हाइवे को खोले जाने की समझाइश की, लेकिन पाटकर दिल्ली जाने के रास्ता दिए जाने के बाद ही यहां से हटने की बात कहते हुए अड़ गई।
हम सत्याग्रही है....यूपी का अलग चेहरा दिख रहा है
जाम के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता मेघा पाटकर ने कहा कि हम सब सत्याग्रही है और दिल्ली में रामलीला मैदान के लिए अनुमति ली गई है। हमें यूपी में आने वाले बाद ही रोका गया है, हमनें यूपी का एक अलग चेहरा देखने को मिला है। हमें दिखाई दे रहा है कि यह एक राजनैतिक भूमिका ले रहे है, जबकि किसानों का अंादोलन केवल दलिय राजनैतिक नहीं है, यह जन आंदोलनों की राजनीति है। पाटकर ने कहा कि चुनाव में तो इन्होंने कोरोना को मुद्दा नहीं बनाया, चुनाव के बाद फिर से कोरोना उभर आया है।
धौलपुर प्रशासन से साधा यूपी प्रशासन से संपर्क
हाइवे पर जाम लगाए जाने को लेकर धौलपुर जिला प्रशासन ने उत्तर प्रदेश के आगरा जिला प्रशासन से संपर्क भी साधा। इस दौरान इस काफिले को दिल्ली में बढ़ते कोरोना के प्रकोप के चलते प्रवेश नहीं मिलने की जानकारी मिली। इसके से ही इन्हें यूपी में प्रवेश दिए जाने से रोके जाने की बात सामने आ रही है।

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