कई सवाल खड़े कर रहे सागर पाड़ा पुलिस चौकी से गायब हुए सीसीटीवी कैमरे

धौलपुर. कहने को पुलिस को आधुनिक तर्ज पर प्रयास करने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हो, लेकिन यह प्रयास धौलपुर फेल नजर आ रहे है। जहां एक ओर तत्कालीन जिला पुलिस अधीक्षक ने सीमावर्ती प्रदेशों से अवैध बजरी परिवहन व अपराधियों पर नकेल कसने को हाइवे पर सीसीटीवी कैमरे लगाएं थे, वह गायब हो चुके है। आखिर यह कैमरे कहां गए, इस सवाल का जबाव किसी के पास भी नहीं है।

By: Naresh

Published: 30 Sep 2020, 06:55 PM IST

कई सवाल खड़े कर रहे सागर पाड़ा पुलिस चौकी से गायब हुए सीसीटीवी कैमरे
-राजस्थान-मध्यप्रदेश सीमा पर सागरपाड़ा चौकी से जुड़ा मामला
धौलपुर. कहने को पुलिस को आधुनिक तर्ज पर प्रयास करने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हो, लेकिन यह प्रयास धौलपुर फेल नजर आ रहे है। जहां एक ओर तत्कालीन जिला पुलिस अधीक्षक ने सीमावर्ती प्रदेशों से अवैध बजरी परिवहन व अपराधियों पर नकेल कसने को हाइवे पर सीसीटीवी कैमरे लगाएं थे, वह गायब हो चुके है। आखिर यह कैमरे कहां गए, इस सवाल का जबाव किसी के पास भी नहीं है। ऐसे में हाइवे की हर गतिविधियों की पल-पल की जानकारी पुलिस अधिकारियों की नजर रखने की तैयारी पर कई सवाल खड़े हो गए है।

उल्लेखनीय है कि अपराध कर हाईवे से निकलने वाले अपराधियों की निगेहबानी के लिए आगरा-मुम्बई राष्ट्रीय राजमार्ग पर राजस्थान-मध्य प्रदेश की सीमा स्थित शहर कोतवाली थाने की सागरपाड़ा चौकी पर चार सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। इन कैमरों को लगाएं जाने का मुख्य उद्देश्य सीमा से होने वाले अवैध बजरी परिवहन व अपराधियों, हाईवे पर होने वाली असामाजिक गतिविधियों पर पुलिस के उच्चाधिकारियों की निगरानी बनाए रखना था। इसके अलावा जिले में होने वाली अपराधिक घटनाओं में अगर अपराध करने वाले आसपास के जिलों के होते हैं तो पुलिस को उनके बारे में जानकारी जुटाने व उनको ट्रेस करने में आसानी होना था।
दो पुलिसकर्मियों के अपहरण के बाद लगाएं गए थे
गत वर्ष हाइवे पर गश्त कर रहे धौलपुर जिले के दो पुलिस कांस्टेबलों को कार सवार कुछ बदमाश अपहरण करके मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में ले गए और उनके साथ मारपीट की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने हाइवे पर हर गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का निर्णय लिया गया था।
अवैध बजरी परिवहन पर हर समय की निगरानी
हाइवे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का के पीछे मुख्य कारण सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद चंबल बजरी का अवैध परिवहन चोरी-छुपे निकलने वाले वाहनों की निगरानी करना था। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से बजरी से भरे वाहनों को हाइवे से ही होता है। हाइवे पर सीमा पर स्थित सागरपाड़ा चौकी पर सीसीटीवी कैमरे लगने से मार्ग से गुजरने वाले सभी वाहनों पर पुलिस अधिकारियों की निगाह हाइवे की हर गतिविधि पर रहती, जिससे यहां गुजरने वाले बजरी के वाहनों को भी पकड़ा जा सकता था।
तीस दिन की रिकॉडिंग सुविधा
सागरपाड़ा चौकी पर लगाएं गए हाइटेक चार कैमरों में तीस दिन के रिकॉडिंग की सुविधा भी थी। इसके अलावा उच्च दृश्ता वाले इन कैमरों में 20 मीटर की दूरी तक देखने की क्षमता थी, इन कैमरों को अभय कमांड के अलावा एक स्क्रीन सागरपाड़ा पुलिस चौकी पर रखने की व्यवस्था थी। इसके अलावा जिला पुलिस के अधिकारियों के मोबाइल से भी जुड़े हुए थे। जिसके चलते वे कभी भी कहीं भी मोबाइल पर सागरपाड़ा की हर गतिविधि की जानकारी आसानी से ले सकते थे।
इनका कहना....
सागरपाड़ा चौकी पर लगाएं गए सीसीटीवी कैमरें के बारे में जानकारी नहीं है।
केसर सिंह शेखावत, जिला पुलिस अधीक्षक, धौलपुर।

सागरपाड़ा चौकी पर गत वर्ष करीब तीस हजार की लागत से चार कैमरे लगाए गए थे, इसमें दो कैमरे की दिशा मध्य प्रदेश व दो की राजस्थान सीमा पर थी। यहां जाकर देखा तो यहां से कैमरे गायब मिले, इस बारे में जब स्थानीय लोगों से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि किसी वाहन की टक्कर से कैमरे का पोल टूट गया और उस पर लगे कैमरे कहां गए यह किसी को नहीं पता है।
विश्वनाथ, संचालक परमार इन्फोटेक

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned