चंबल के बीहड़ नष्ट करने सहित हजारों हरे पेड़ काटने का लगाया आरोप

राजाखेड़ा. जिले की बहुप्रतीक्षित चंबल लिफ्ट परियोजना के विशाल जलाशय का निर्माण कार्य बसई कारे ग्राम पंचायत के हनुमानपुरा गांव के पास चंबल के बीहड़ों में किया जा रहा है। जिसके तहत अब ग्राम पंचायत ने बिना अनुमति किए जा रहे इस निर्माण कार्य के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। निर्माण कार्य को रोकने के लिए जिला कलक्टर को ज्ञापन भी दिया गया है।

By: Naresh

Published: 13 Nov 2020, 03:15 PM IST

चंबल के बीहड़ नष्ट करने सहित हजारों हरे पेड़ काटने का लगाया आरोप

राजाखेड़ा. जिले की बहुप्रतीक्षित चंबल लिफ्ट परियोजना के विशाल जलाशय का निर्माण कार्य बसई कारे ग्राम पंचायत के हनुमानपुरा गांव के पास चंबल के बीहड़ों में किया जा रहा है। जिसके तहत अब ग्राम पंचायत ने बिना अनुमति किए जा रहे इस निर्माण कार्य के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। निर्माण कार्य को रोकने के लिए जिला कलक्टर को ज्ञापन भी दिया गया है।
सरपंच राजा बेटी ने बताया कि इस योजना के लिए ग्राम पंचायत से ना तो पहले कोई विचार विमर्श किया गया और न ही उनकी इजाजत ली गई। चंबल के बीहड़ों में 300 एकड़ क्षेत्र से हजारों हरे पेड़ों को काटना शुरू कर दिया है, जिनके लिए विभाग से कोई भी पूर्व अनुमति नहीं ली है।।
जबकि उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश हैं कि कुआं, बावड़ी आदि जलाशय आदि के अलावा किसी भी रेवाइंस को बिना अनुमति ना खराब किया जाए। लेकिन इस अवैध कार्य से जलीय जीव जंतुओं और चंबल के बीहड़ों में मिलने वाली बेशकीमती और औषधीय वनोपज पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है ।
सरपंच ने उक्त कार्य को तुरंत रुकवाने के लिए जिला कलक्टर से मांग की है।
क्या है मामला
चम्बल लिफ्ट परियोजना के तहत बसई कारे ग्राम पंचायत में जलाशय निर्माण प्रस्तावित है। जिसपर जल संसाधन विभाग ने एक पखवाड़े पूर्व से कार्य आरम्भ कर दिया है। जिसके तहत चम्बल के बीहड़ों में खांदरों को तोडकऱ समतल किया जा रहा है। इससे पूर्व इस क्षेत्र में से हरे वृक्षों की कटाई भी कर दी गई, जो हजारों की तादाद में थे। ग्राम पंचायत का आरोप है कि यह कार्य बिना उसकी एनओसी, बिना अनुमति व विचार विमर्श के ही आरम्भ कर दिया है। जिस पर उसे आपत्ति है।
गंभीर आरोप
सरपंच राजाबेटी ने जिला कलक्टर को ज्ञापन दिया है कि ठेकेदार सरकारी अधिकारियों से कथित् तौर पर मिलीभगत करके क्षेत्र से दुर्लभ प्रजातियों के हजारों कीमती वृक्षों को काटकर घर ले गया है। कार्य से पूर्व न तो वन विभाग, न खनिज विभाग और न ही पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड से अनुमति ली गई। ऐसे में जल संसाधन विभाग के साथ ही संवेदक फर्म के विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज कराई जानी चाहिए।
बताया कि 300 एकड़ भूमि से वनोषधिक, दुर्लभ पेड़ पौधों को चोरी कर लिया गया। न्यायालय के आदेशोंं को धता बताकर चम्बल रेवाइन्स को नष्ट कर दिया गया। जिससे चम्बल के बीहड़ में जलाशय से फायदा कम और नुकसान ही ज्यादा होगा।
एक फसलीय भूमि पर करें निर्माण्
राजाबेटी ने बताया कि दुर्लभ रेवाइन्स को नष्ट करने की जगह सैकड़ों एकड़ सिवायचक भूमि, जो एक फसलीय है। उस पर भी निर्माण कराया जा सकता है। ग्रामीण अपनी भूमि भी कीमतन देने को तैयार है। ऐसे में कार्य को तुरंत रोककर दोषी लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।

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