बेकाबू न हो जाए कोरोना, सेनिटाइजर चैम्बर बने खिलौना

राजाखेड़ा. उपखंड में दिनोंदिन पैर पसारता कोरोना दहशत पैदा कर रहा है। इसके बावजूद लोगों की लापरवाही और प्रशासनिक शिथिलता संक्रमण को खुला आमंत्रण दे रहे है। न तो सावधानी के जतन न बचाव के उपाय कहीं दिख रहे हैं। चाहे वह सरकारी कार्यालय हो या बाजार। सभी तरफ लोग कोरोना को लेकर बेफिक्र नजर आ रहे हैं। कोरोना की गाइड लाइन की पालना कहीं भी होती नहीं दिख रही है

By: Naresh

Published: 25 Sep 2020, 06:49 PM IST

बेकाबू न हो जाए कोरोना, सेनिटाइजर चैम्बर बने खिलौना

राजाखेड़ा. उपखंड में दिनोंदिन पैर पसारता कोरोना दहशत पैदा कर रहा है। इसके बावजूद लोगों की लापरवाही और प्रशासनिक शिथिलता संक्रमण को खुला आमंत्रण दे रहे है। न तो सावधानी के जतन न बचाव के उपाय कहीं दिख रहे हैं। चाहे वह सरकारी कार्यालय हो या बाजार। सभी तरफ लोग कोरोना को लेकर बेफिक्र नजर आ रहे हैं। कोरोना की गाइड लाइन की पालना कहीं भी होती नहीं दिख रही है। प्रशासनिक सख्ती की कमी ने सभी को उन्मुक्त कर दिया है। कोरोना के आरंभिक समय में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए प्रशासन द्वारा बनवाए गए दुकानों के सामने गोले अब विलुप्त हो चुके है। लोगों को बाजार में सामान जल्द खरीदकर घर पहुंचने की जल्दी घातक होती जा रही है। महामारी पर नियंत्रण के लिए न आमजन अपनी जिम्मेदारी समझ रहा और न ही प्रशासन किसी भी प्रकार की कार्रवाई में रुचि दिखा रहा।
अतिक्रमण के चलते हो रही भीड़

राजाखेड़ा में पुलिस चौकी टाउन से डॉ. रामखिलाड़ी चौराहा की चौड़ाई 60 फीट है। जिसे गौरव पथ का दर्जा भी प्राप्त है, लेकिन राजनीतिक दृढ़ इच्छाशक्ति की कमी से यह दोनों तरफ अतिक्रमण का शिकार होकर 6 फीट की गली में तब्दील हो चुका है। व्यापारियों ने ही दुकानों के आगे 10-10 फीट तक तख्ते जमा कर सडक़ को कब्जे में ले लिया है। डिवाइडर के दोनों ओर सब्जी और फलों के ठेली वाले भी 10-10 फीट कब्जा कर चुके है, जबकि यह क्षेत्र नो वेंडिंग क्षेत्र घोषित है। उसके बावजूद 200 से अधिक हाथ ठेले यहां हमेशा रहते है। रही सही कसर व्यापारियों के निजी चौपहिया वाहनों की इसी सडक़ पर अवैध पार्किंग ने पूरी कर दी है। चौकी टाउन के बगल में अवैध सब्जी मंडी ने तो हालात को बुरी तरह खराब कर दिया है। ऐसे में यहां पैदल निकलना ही मुश्किल होता है तो सोशल डिस्टेंसिंग कहां से होगी। लोग बमुश्किल ही एक दूसरे को धक्का-मुक्की कर निकल पाते है। अंदरूनी बाजारों के हाल तो बेहद खतरनाक है, जहां 10 फीट चौड़ी ही सडक़ है। यहां भी रिक्शे, ठेले और टेम्पो, दोपहिया वाहन जाम लगा कर लोगों को धक्का-मुक्की के लिए मजबूर कर देते हैं।

सेनिटाइजर चैम्बर बने खिलौना

विधायक द्वारा थाना, उपखंड कार्यालय, चिकित्सालय, नगरपालिका को उपलब्ध करवाए गए सेनिटाइजर चेम्बर तो एक दो सप्ताह ही संचालित हो पाए और उसके बाद खिलौना बनकर कबाड़ हो गए। इसके चलते थाना पुलिस, पंचायत समिति के कर्मचारी, स्वयं ब्लॉक मुख्य चिकित्साधिकारी कोरोना की चपेट में आ गए। लेकिन सबक सीखकर कार्यवाही कहीं नहीं हुई।
नहीं मिल रही कोरोना रिपोर्ट

चिकित्सा विभाग ने भी मामले में अब गंभीर लापरवाही दिखाते हुए पिछले 12 दिन से संक्रमितों की सूची जारी नहीं की है। वहीं होम क्वारन्टीन लोग भी बेचिन्ता होकर खुले में आ जाते हैं और सूची न होने से लोगों को इनके बारे में पता न होने से इनके संपर्क में आकर बड़े खतरे में आ जाते है। लेकिन महामारी अधिनियम के तहत अब तक कोई कार्यवाही नही की गई है। विभाग अपने लिए एक पूर्णकालिक ब्लॉक सीएमएचओ तक उपलब्ध नहीं कर पाया है।

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