धौलपुर से एक कविता रोज....जानवर से खौफनाक,हो गया है आदमी......

जानवर से खौफनाक,हो गया है आदमी
आदमी का ही दुश्मन ,हो गया है आदमी ।।
आदमी से डर रहा है ,आदमी इस दौर में
शेर से भी भयानक ,हो गया है आदमी ।।

By: Naresh

Published: 02 Sep 2020, 12:47 PM IST

धौलपुर से एक कविता रोज...

kजानवर से खौफनाक,हो गया है आदमी
आदमी का ही दुश्मन ,हो गया है आदमी ।।
आदमी से डर रहा है ,आदमी इस दौर में
शेर से भी भयानक ,हो गया है आदमी ।।
आदमी को मारकर,खाने लगा अब आदमी
आदमी को ही सताता ,है बहुत अब आदमी ।।
दैत्य के सारे गुणों का, रुप धर कर घूमता
दैत्य से भी भयानक, हो गया है आदमी ।।
आदमी की जाति पर ,अब थूकते कुत्ते यहाँ
इंसानियत को बेच कर,सो गया है आदमी ।।
जानवर फिर भी टिके हैं,आज तक ईमान पर
जानवर से भी घिनौना ,हो गया है आदमी ।।
वक्त बदला है ,उसूलों पर टिके हैं दैत्य पर
निज उसूलों को ही प्रतिदिन ,तोड़ता है आदमी ।।
खुद्दार हैं जानवर, आज के भी दौर में
गद्दार है गद्दार है तो ,गद्दार है वस आदमी ।।
आदमी से यूँ हीं डरकर ,यूँ अगर जीता रहा
आप ही बतलाईये ,कब तक जियेगा आदमी ।।
आदमी को आदमी ,बनना पड़ेगा आज फिर
सर्वश्व होगा इस धरा पर,पर न होगा आदमी ।।
©मनोज सिंघल बेचैन
धौलपुर (राजस्थान)
9460269106 व्हाट्स एप,8741001930

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