मंदिर निर्माण को लेकर विवाद, दोनों पक्ष आमने-सामने

बाड़ी. शहर के सरमथुरा रोड पर स्थित श्री राम दरबार बामणी नदी आश्रम परिसर में निर्माणाधीन गोगाजी जाहरपीर मंदिर निर्माण कार्य को लेकर दो पक्षों में गतिरोध पैदा हो गया है। इसके चलते दोनों पक्ष एक दूसरे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ में मामला प्रशासन तक पहुंच गया है और दोनों पक्षों द्वारा मामले में प्रशासन से हस्तक्षेप करने और समस्या के समाधान की मांग की है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटा है।

By: Naresh

Published: 09 Jan 2021, 01:58 PM IST

मंदिर निर्माण को लेकर विवाद, दोनों पक्ष आमने-सामने

बाड़ी. शहर के सरमथुरा रोड पर स्थित श्री राम दरबार बामणी नदी आश्रम परिसर में निर्माणाधीन गोगाजी जाहरपीर मंदिर निर्माण कार्य को लेकर दो पक्षों में गतिरोध पैदा हो गया है। इसके चलते दोनों पक्ष एक दूसरे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ में मामला प्रशासन तक पहुंच गया है और दोनों पक्षों द्वारा मामले में प्रशासन से हस्तक्षेप करने और समस्या के समाधान की मांग की है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटा है।
जानकारी के अनुसार राम दरबार आश्रम से जुड़े मामले में एक ओर आश्रम के श्रद्धालु एवं साधु संत मंदिर परिसर में बन रहे गोगाजी मंदिर निर्माण कार्य का विरोध कर उसे रुकवाने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गोगाजी मंदिर कमेटी पदाधिकारी और भक्त मंदिर निर्माण कार्य को आश्रम के महंत की स्वीकृति के बाद शुरू करने और किसी प्रकार का कोई नियम विरुद्ध कार्य नहीं करने की बात कहते हुए मामले में पुलिस के हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। दोनों पक्षों की ओर से उपखंड अधिकारी राधेश्याम मीणा को ज्ञापन दिए गए हैं। जिन पर उपखंड प्रशासन मामले की जांच में जुटा है। फिलहाल शांति बनाए रखने के लिए आश्रम पर बन रहे मंदिर के निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया है।
जानकारी के अनुसार राम दरबार आश्रम की भूमि हनुमानजी के नाम है। इस पर मंदिर महंत बनवारी दास महाराज देखभाल करते हैं। इस भूमि के खाली पड़े एक भाग पर कुछ महीने पहले गोगाजी मंदिर कमेटी द्वारा मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी गई थी। जिसमें बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने भूमि पूजन भी किया था। उस वक्त इस प्रकार का कोई गतिरोध नहीं था।
दूसरी और आश्रम से जुड़े साधु संत और श्रद्धालुओं के साथ शहर के लोगों का कहना है कि यह आश्रम हनुमान जी के नाम है। हनुमानजी के साथ यहां भगवान राम, लक्ष्मण, सीताजी की प्रतिमाएं स्थापित है। यह बाबा पुरुषोत्तम दास की तपोस्थली है। जिनके परिवार के ही बनवारी दास वर्तमान में महंत हैं, लेकिन उनको मंदिर के बेचने या मंदिर भूमि को किसी को देने का कोई हक नहीं है। इन्होंने मंदिर भूमि किसी लालच में आकर गोगाजी मंदिर निर्माण की स्वीकृति दी है, जो गलत है। यदि यहां गोगाजी का मंदिर बनता है तो यहां तंत्र साधना होगी। साथ में कई प्रकार के ऐसे कार्य किए जाएंगे, जो हनुमानजी को पसंद नहीं है। ऐसे में श्रद्धालुओं और संतों में आक्रोश है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से प्रशासन का हस्तक्षेप करते हुए मंदिर निर्माण रुकवाने और मंदिर भूमि से गोगाजी मंदिर को कहीं अन्यंत्र बनवाए जाने की मांग की है।
दूसरी और गोगाजी मंदिर कमेटी से जुड़े लोगों का कहना है कि खुद महंत बनवारी दास ने उन्हें स्वीकृति दी थी। वह खुद भी मंदिर निर्माण में सहयोग कर रहे थे। 4 महीने से यह निर्माण कार्य चल रहा था। जिसमें लाखों रुपया खर्च हो चुका है। अब अचानक से कुछ लोग मंदिर निर्माण कार्य रुकवाने की जबरदस्ती कर रहे हैं। उन्होंने साधु-संतों और मंदिर के कुछ लोगों को अपने साथ लेकर यह पूरा प्रपंच रचा है। ऐसे में पुलिस प्रशासन को खुद महंत बनवारी दास ने एक तहरीर दी है। जिसमें उन्हें धमकाने का आरोप लगाया है। पुलिस प्रशासन इसकी जांच कर रहा है। साथ में उपखंड अधिकारी को भी ज्ञापन देकर मामले से अवगत कराया है।
इनका कहना है
गुरुवार को राम दरबार आश्रम पर झगड़े की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला देखा और निर्माण का रुकवाया। साथ में दोनों पक्षों को शुक्रवार सुबह 10 बजे थाने बुलाया था। जिनमें से एक पक्ष थाने पहुंचा। दूसरा पक्ष थाने नहीं आया है। फिर भी मामले में जांच की जा रही है और प्रशासन को भी अवगत कराया है।
योगेंद्र सिंह,
थाना अधिकारी, सदर बाड़ी
इनका कहना है
दोनों पक्षों ने ज्ञापन दिया है। मामले की जांच की जा रही है। कागजात मंगाकर जमीन किसके नाम है। यह देखा जाएगा। साथ में दोनों पक्षों को बुलाकर राजीनामा से मामले को शांत कराने का प्रयास भी किया जाएगा। फिर भी कोई मामला नहीं बनता है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी प्रकार की शांति भंग नहीं होने दी जाएगी।
राधेश्याम मीणा, उपखंड अधिकारी, बाड़ी।

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