पुलिस और प्रशासनके प्रयास फेल, हजारों की संख्या में मचकुण्ड सरोवर पहुंचे श्रद्धालु

धौलपुर. तीर्थराज मचकुण्ड सरोवर में देवछठ के मौके पर लक्खी मेले को जिला प्रशासन ने भले ही निरस्त कर दिया और श्रद्धालुओं को रोकने के लिए सैकड़ों की संख्या में पुलिस जाप्ता भी तैनात कर दिया, लेकिन पुलिस-प्रशासन के तमाम प्रयासों को धता बताते हुए हजारों की संख्या में श्रद्धालु मचकुण्ड सरोवर पहुंच गए और स्नान किए। इस दौरान पुलिस ने काफी रोकने के प्रयास किए, लेकिन श्रद्धालुओं ने भी पहुंचने में कोई कसर नहीं छोड़ी

By: Naresh

Updated: 24 Aug 2020, 09:34 PM IST

पुलिस और प्रशासनके प्रयास फेल, हजारों की संख्या में मचकुण्ड सरोवर पहुंचे श्रद्धालु

दोपहर में की सख्ती, नहाती महिलाओं ने सिविल डिफेंस ने खदेड़ा
देवछठ पर तैनात किया हुआ था बड़ी संख्या में जाप्ता तैनात

धौलपुर. तीर्थराज मचकुण्ड सरोवर में देवछठ के मौके पर लक्खी मेले को जिला प्रशासन ने भले ही निरस्त कर दिया और श्रद्धालुओं को रोकने के लिए सैकड़ों की संख्या में पुलिस जाप्ता भी तैनात कर दिया, लेकिन पुलिस-प्रशासन के तमाम प्रयासों को धता बताते हुए हजारों की संख्या में श्रद्धालु मचकुण्ड सरोवर पहुंच गए और स्नान किए। इस दौरान पुलिस ने काफी रोकने के प्रयास किए, लेकिन श्रद्धालुओं ने भी पहुंचने में कोई कसर नहीं छोड़ी। श्रद्धालु भी पुलिस को छका कर विभिन्न रास्तों, पहाडिय़ों से होते हुए मचकुण्ड पहुंच गए। ऐसे में पुलिस देखती रह गई और श्रद्धालु सरोवर में स्नानकर मोहरी तथा किलंगी विसर्जित कर गए। दोपहर में करीब बारह बजे पुलिस ने सख्ती दिखाना शुरू किया। लेकिन महिला पुलिसकर्मी नहीं होने के कारण सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने ही नहाती महिलाओं पर डण्डे फटकारे। इससे भगदड़ का सा माहौल हो गया। महिलाओं ने भी इसका विरोध जताया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद कुछ भीड़ कम हो सकी।
उल्लेखनीय है कि भादौ की देवछठ पर मचकुण्ड सरोवर में लक्खी मेला जुटता है। इसमें मध्यप्रदेश तथा राजस्थान के अलावा उत्तरप्रदेश से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन इस बार कोरोना का संक्रमण होने के कारण जिला प्रशासन ने मेले को निरस्त कर दिया। इसके बाद तीन दिवसीय मेले के तहत प्रशासन ने पुलिस का जाप्ता तैना कर दिया। इसके तहत मचकुण्ड रोड स्थित आईटीआई तिराहा, झोर वाली माता, पुराना बाड़ी रोड, सौ फुटा रोड, आरईसीएल सहित आधा दर्जन मार्गों पर बेरिकेडिंग कर दी। वहीं पुलिस की अच्छी व्यवस्था थी। लेकिन ऋषि पंचमी पर रविवार को जहां सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, वहीं देवछठ सोमवार को तो श्रद्धालुओं की संख्या हजार पार कर गई। मचकुण्ड क्षेत्र में पुलिस कर्मी तैनात थे, इसके बाद भी पहाडिय़ों में से होकर श्रद्धालु मचकुण्ड पहुंच गए। जैसे ही कोई श्रद्धालुओं का रैला दिखाई देता तो पुलिस सक्रिय हो जाती है, लेकिन वे पुलिस के रोकने पर भी नहीं रुके।
छीतरिया ताल पर खूब लगाई डुबकी, नहीं था कोई रोकने वाला

मचकुण्ड सरोवर पर भले ही प्रशासन की ओर से मेला स्थगित कर दिया हो और पुलिस का जाप्ता तैनात कर दिया गया, लेकिन पास ही स्थित छीतरिया ताल पर कोई सख्ती नहीं दिखाई दी। इस कारण जिन श्रद्धालुओं को मचकुण्ड सरोवरत तक नहीं पहुंचने दियागया, उन्होंने छीतरिया ताल में डुबकी लगा ली। यहां भी सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष तथा बच्चे नहा रहे थे, लेकिन पुलिस की ओर से कोई सख्ती नहीं बरती गई। ऐसे में लोग भी कहते दिखाई दिए, बात तो भीड़ की है। मचकुण्ड सरोवर हो या फिर कोई दूसरा स्थान।

पुलिस के प्रयास फेल, हजारों की संख्या में मचकुण्ड सरोवर पहुंचे श्रद्धालु

दोपहर में की सख्ती, नहाती महिलाओं ने सिविल डिफेंस ने खदेड़ा
देवछठ पर तैनात किया हुआ था बड़ी संख्या में जाप्ता तैनात

धौलपुर. तीर्थराज मचकुण्ड सरोवर में देवछठ के मौके पर लक्खी मेले को जिला प्रशासन ने भले ही निरस्त कर दिया और श्रद्धालुओं को रोकने के लिए सैकड़ों की संख्या में पुलिस जाप्ता भी तैनात कर दिया, लेकिन पुलिस-प्रशासन के तमाम प्रयासों को धता बताते हुए हजारों की संख्या में श्रद्धालु मचकुण्ड सरोवर पहुंच गए और स्नान किए। इस दौरान पुलिस ने काफी रोकने के प्रयास किए, लेकिन श्रद्धालुओं ने भी पहुंचने में कोई कसर नहीं छोड़ी। श्रद्धालु भी पुलिस को छका कर विभिन्न रास्तों, पहाडिय़ों से होते हुए मचकुण्ड पहुंच गए। ऐसे में पुलिस देखती रह गई और श्रद्धालु सरोवर में स्नानकर मोहरी तथा किलंगी विसर्जित कर गए। दोपहर में करीब बारह बजे पुलिस ने सख्ती दिखाना शुरू किया। लेकिन महिला पुलिसकर्मी नहीं होने के कारण सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने ही नहाती महिलाओं पर डण्डे फटकारे। इससे भगदड़ का सा माहौल हो गया। महिलाओं ने भी इसका विरोध जताया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद कुछ भीड़ कम हो सकी।
उल्लेखनीय है कि भादौ की देवछठ पर मचकुण्ड सरोवर में लक्खी मेला जुटता है। इसमें मध्यप्रदेश तथा राजस्थान के अलावा उत्तरप्रदेश से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन इस बार कोरोना का संक्रमण होने के कारण जिला प्रशासन ने मेले को निरस्त कर दिया। इसके बाद तीन दिवसीय मेले के तहत प्रशासन ने पुलिस का जाप्ता तैना कर दिया। इसके तहत मचकुण्ड रोड स्थित आईटीआई तिराहा, झोर वाली माता, पुराना बाड़ी रोड, सौ फुटा रोड, आरईसीएल सहित आधा दर्जन मार्गों पर बेरिकेडिंग कर दी। वहीं पुलिस की अच्छी व्यवस्था थी। लेकिन ऋषि पंचमी पर रविवार को जहां सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, वहीं देवछठ सोमवार को तो श्रद्धालुओं की संख्या हजार पार कर गई। मचकुण्ड क्षेत्र में पुलिस कर्मी तैनात थे, इसके बाद भी पहाडिय़ों में से होकर श्रद्धालु मचकुण्ड पहुंच गए। जैसे ही कोई श्रद्धालुओं का रैला दिखाई देता तो पुलिस सक्रिय हो जाती है, लेकिन वे पुलिस के रोकने पर भी नहीं रुके।
छीतरिया ताल पर खूब लगाई डुबकी, नहीं था कोई रोकने वाला

मचकुण्ड सरोवर पर भले ही प्रशासन की ओर से मेला स्थगित कर दिया हो और पुलिस का जाप्ता तैनात कर दिया गया, लेकिन पास ही स्थित छीतरिया ताल पर कोई सख्ती नहीं दिखाई दी। इस कारण जिन श्रद्धालुओं को मचकुण्ड सरोवरत तक नहीं पहुंचने दियागया, उन्होंने छीतरिया ताल में डुबकी लगा ली। यहां भी सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष तथा बच्चे नहा रहे थे, लेकिन पुलिस की ओर से कोई सख्ती नहीं बरती गई। ऐसे में लोग भी कहते दिखाई दिए, बात तो भीड़ की है। मचकुण्ड सरोवर हो या फिर कोई दूसरा स्थान।

पुलिस के प्रयास फेल, हजारों की संख्या में मचकुण्ड सरोवर पहुंचे श्रद्धालु

दोपहर में की सख्ती, नहाती महिलाओं ने सिविल डिफेंस ने खदेड़ा
देवछठ पर तैनात किया हुआ था बड़ी संख्या में जाप्ता तैनात

धौलपुर. तीर्थराज मचकुण्ड सरोवर में देवछठ के मौके पर लक्खी मेले को जिला प्रशासन ने भले ही निरस्त कर दिया और श्रद्धालुओं को रोकने के लिए सैकड़ों की संख्या में पुलिस जाप्ता भी तैनात कर दिया, लेकिन पुलिस-प्रशासन के तमाम प्रयासों को धता बताते हुए हजारों की संख्या में श्रद्धालु मचकुण्ड सरोवर पहुंच गए और स्नान किए। इस दौरान पुलिस ने काफी रोकने के प्रयास किए, लेकिन श्रद्धालुओं ने भी पहुंचने में कोई कसर नहीं छोड़ी। श्रद्धालु भी पुलिस को छका कर विभिन्न रास्तों, पहाडिय़ों से होते हुए मचकुण्ड पहुंच गए। ऐसे में पुलिस देखती रह गई और श्रद्धालु सरोवर में स्नानकर मोहरी तथा किलंगी विसर्जित कर गए। दोपहर में करीब बारह बजे पुलिस ने सख्ती दिखाना शुरू किया। लेकिन महिला पुलिसकर्मी नहीं होने के कारण सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने ही नहाती महिलाओं पर डण्डे फटकारे। इससे भगदड़ का सा माहौल हो गया। महिलाओं ने भी इसका विरोध जताया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद कुछ भीड़ कम हो सकी।
उल्लेखनीय है कि भादौ की देवछठ पर मचकुण्ड सरोवर में लक्खी मेला जुटता है। इसमें मध्यप्रदेश तथा राजस्थान के अलावा उत्तरप्रदेश से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन इस बार कोरोना का संक्रमण होने के कारण जिला प्रशासन ने मेले को निरस्त कर दिया। इसके बाद तीन दिवसीय मेले के तहत प्रशासन ने पुलिस का जाप्ता तैना कर दिया। इसके तहत मचकुण्ड रोड स्थित आईटीआई तिराहा, झोर वाली माता, पुराना बाड़ी रोड, सौ फुटा रोड, आरईसीएल सहित आधा दर्जन मार्गों पर बेरिकेडिंग कर दी। वहीं पुलिस की अच्छी व्यवस्था थी। लेकिन ऋषि पंचमी पर रविवार को जहां सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, वहीं देवछठ सोमवार को तो श्रद्धालुओं की संख्या हजार पार कर गई। मचकुण्ड क्षेत्र में पुलिस कर्मी तैनात थे, इसके बाद भी पहाडिय़ों में से होकर श्रद्धालु मचकुण्ड पहुंच गए। जैसे ही कोई श्रद्धालुओं का रैला दिखाई देता तो पुलिस सक्रिय हो जाती है, लेकिन वे पुलिस के रोकने पर भी नहीं रुके।
छीतरिया ताल पर खूब लगाई डुबकी, नहीं था कोई रोकने वाला

मचकुण्ड सरोवर पर भले ही प्रशासन की ओर से मेला स्थगित कर दिया हो और पुलिस का जाप्ता तैनात कर दिया गया, लेकिन पास ही स्थित छीतरिया ताल पर कोई सख्ती नहीं दिखाई दी। इस कारण जिन श्रद्धालुओं को मचकुण्ड सरोवरत तक नहीं पहुंचने दियागया, उन्होंने छीतरिया ताल में डुबकी लगा ली। यहां भी सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष तथा बच्चे नहा रहे थे, लेकिन पुलिस की ओर से कोई सख्ती नहीं बरती गई। ऐसे में लोग भी कहते दिखाई दिए, बात तो भीड़ की है। मचकुण्ड सरोवर हो या फिर कोई दूसरा स्थान।

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