सरपंची को लेकर ग्रामीण क्षेत्र में चरम पर है चुनाव प्रचार का जोर

बाड़ी. उपखंड की 34 ग्राम पंचायतों में 28 सितंबर को सरपंच और पंच पद का चुनाव कराया जाएगा। जिसको लेकर अब चुनाव प्रचार जोरों पर है। प्रत्याशी उनके परिजन और समर्थक घर घर जाकर मतदाता की मान मनुहार कर रहे हैं। कोविड नियमों की कहीं पर भी पालना होती नजर नहीं आ रही है। चुनाव प्रचार का ऐसा जोश है कि ना तो कोई मास्क का उपयोग कर रहा है और ना ही सोशल डिस्टेंस की पालना।

By: Naresh

Published: 25 Sep 2020, 07:02 PM IST

सरपंची को लेकर ग्रामीण क्षेत्र में चरम पर है चुनाव प्रचार का जोर
-घर घर हो रही मतदाता की मनुहार
-बल्ला, चिडिय़ा और अलमारी जैसे दिए हैं चुनाव चिन्ह

बाड़ी. उपखंड की 34 ग्राम पंचायतों में 28 सितंबर को सरपंच और पंच पद का चुनाव कराया जाएगा। जिसको लेकर अब चुनाव प्रचार जोरों पर है। प्रत्याशी उनके परिजन और समर्थक घर घर जाकर मतदाता की मान मनुहार कर रहे हैं। कोविड नियमों की कहीं पर भी पालना होती नजर नहीं आ रही है। चुनाव प्रचार का ऐसा जोश है कि ना तो कोई मास्क का उपयोग कर रहा है और ना ही सोशल डिस्टेंस की पालना। केवल एक ही धुन सवार है कि कैसे भी उनका प्रत्याशी चुनाव में जीते और सरपंच, वार्ड पंच बने। ऐसे में चुनाव प्रचार अपने चरम पर है और 26 सितंबर की शाम समाप्त हो जाएगा।
निर्वाचन विभाग द्वारा सभी ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के प्रत्याशियों के लिए चुनाव चिन्ह आवंटित किए हैं। इनमें किसी को बल्ला मिला है तो किसी को चिडिय़ा और किसी को अलमारी का सिंबल दिया गया है। ऐसे में हर कोई अपने सिंबल और नाम की ग्रामीण मतदाता को पहचान बताते हुए उनके पक्ष में ही वोट डालने के लिए मान मनुहार कर रहा है। यहां तक की महिलाएं भी समूह बनाकर घर घर जाकर चुनाव प्रचार में जुटी है।
उपखंड प्रशासन के अनुसार 28 सितंबर को सुबह 7.30 से शाम 5.30 तक मतदान कराया जाएगा। इसके बाद मतों की गणना भी ग्रामीण मुख्यालय पर ही की जाएगी। जिसके बाद चुनाव परिणाम जारी किया जाएगा। इसके बाद 29 सितंबर को उपसरपंच का चुनाव होगा। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। 27 सितंबर को मतदान दल अपने गंतव्य को अंतिम प्रशिक्षण के बाद रवाना किए जाएंगे।

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