विद्युत निगम हुआ सख्त, घर-घर होगी जांच, चोरी पर लगेगी लगाम

राजाखेड़ा. विद्युत चोरी की बढ़ी समस्या से जूझ रहे निगम पत्रिका की खबरों के बाद हरकत में आ गया है। निगम अधिकारियों ने बिजली चोरी पर लगाम के लिए रणनीति तैयार कर ली है। अभियान चलाकर सम्पूर्ण लगाम के लिए खाका तैयार कर लिया है।

By: Naresh

Published: 17 Jun 2021, 05:30 PM IST

विद्युत निगम हुआ सख्त, घर-घर होगी जांच, चोरी पर लगेगी लगाम

ऑनलाइन विजिलेंस के लिए पहुंचे टेबलेट

राजाखेड़ा. विद्युत चोरी की बढ़ी समस्या से जूझ रहे निगम पत्रिका की खबरों के बाद हरकत में आ गया है। निगम अधिकारियों ने बिजली चोरी पर लगाम के लिए रणनीति तैयार कर ली है। अभियान चलाकर सम्पूर्ण लगाम के लिए खाका तैयार कर लिया है। खास बात यह होगी कि अब विजिलेंस रिपोर्ट में पारदर्शिता होगी। सिफारिशियों को दखलदांजी पर भी अब अंकुश लग सकेगा। जिससे वीजिलेंस में कर्मचारियों की गलत हरकतों पर भी पूर्णविराम लग जाएगा।
क्या था मामला
राजाखेड़ा उपखंड में भारी विद्युत चोरी के चलते विद्युत तंत्र चरमरा गया है। 13 एमवीए की क्षमता के तंत्र पर मात्र 5 एमवीए से भी कम कनेक्शन है। फिर भी विद्युत तंत्र ओवरलॉड होकर बार-बार ट्रिप कर रहा है। इससे विद्युत आपूर्ति पूरी तरह अस्त व्यस्त होती जा रही है। शहरी क्षेत्र में 10, 000 से अधिक परिवार हैं, लेकिन कनेक्शन सिर्फ 2500 परिवारों के पास है। शेष सभी सीधे लाइन से जंफर डाल कर चोरी तो कर ही रहे हैं, निगम की लाइन्स को भी बर्बाद कर रहे हैं।

मिलीभगत के थे आरोप

लंबे समय से कर्मचारी विजिलेंस के लिए जम्फर्स के फोटो लेकर उनको खुर्द बुर्द करने के आरोप बड़ी संख्या में लगते थे। स्वयं निगम प्रशासन के पास ऐसी शिकायतें बड़ी संख्या में पहुंच रही थी। जिसके बाद मुख्यालय स्तर पर ऑनलाइन विजिलेंस के लिए सिस्टम तैयार किया गया। जिसमें एक टेबलेट में फोटो लिया जाना है और फोटो लेने के बाद इसको डिलीट नहीं किया जा सकेगा। वरण चोरी को प्रमाणित किया जाएगा। ऐसे में मिलीभगत के आरोप भी अब नहीं लगेंगे। वहीं विजिलेंस के केस भी तेजी से बढ़ेंगे, जिससे चोरों में डर पैदा होगा।
नहीं चलेगी सिफारिश
अब तक विजिलेंस होते ही राजनेताओं या प्रभावशाली लोगों की सिफारिशें आने पर अधिकारियों को केस रजिस्टर करने से पीछे हटना पड़ता था, लेकिन अब टेबलेट में फीड सिस्टम में फोटो आने के बाद न तो कोई प्रभाव काम आएगा न ही सिफारिश, न ही मिलीभगत। ऐसे में चोरी रोकने में ये उपकरण मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।

पहुंचे 4 टेबलेट, घर-घर होगी जांच
सहायक अभियंता रवि स्वर्णकार ने बताया कि निगम उच्चधिकारियों ने पत्रिका की खबरों पर संज्ञान लेते हुए राजाखेड़ा को 4 टेबलेट प्राथमिकता से उपलब्ध करवा दिए है, जिनसे तेजी से विद्युत चोरों पर कड़ी कार्यवाही संभव हो सकेगी। जल्द चोरी पर अंकुश लग सकेगा। जिससे गुणवत्तापूर्ण विद्युत वास्तविक उपभोक्ताओं को उपलब्ध होग सकेगी।

इनका कहना है

निगम विद्युत चोरी पर पारदर्शी तरीके से लगाम लगाने के लिए अब तकनीकी तरीके से कार्य आरंभ कर रहा है। टेबलेट डिवाइस की मदद से अब तेजी से अभियान चलाकर चोरी पर लगाम लगाई जाएगी। इसमें किसी भी प्रकार की शिकायत या विरोधाभास का मौका भी नहीं मिलेगा।
रवि स्वर्णकार, सहायक आभियंता, जयपुर डिस्कॉम, राजाखेड़ा।

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