बाढ़ से तबाह हुए किसान अब यूं होंगे निहाल

जिले में आई बाढ़ से जहां बाजरे की फसल तबाह हो गई, वहीं इससे जमीन में पैदा हुई नमी के चलते किसान गेहूं की पैदावार बढ़ाकर निहाल हो सकेंगे। जिले में विभाग ने भी तीन हजार हैक्टेयर बुवाई का लक्ष्य बढ़ा दिया है। इससे जहां किसानों को लाभ मिलेगा, वहीं बढ़े हुए रकबे में फसल बोई जाने से अनाज का उत्पादन भी ज्यादा होगा।

By: Mahesh gupta

Published: 16 Nov 2019, 11:28 AM IST

जिले में बढ़ेगा गेहूं का रकबा
धौलपुर. जिले में आई बाढ़ से जहां बाजरे की फसल तबाह हो गई, वहीं इससे जमीन में पैदा हुई नमी के चलते किसान गेहूं की पैदावार बढ़ाकर निहाल हो सकेंगे। जिले में विभाग ने भी तीन हजार हैक्टेयर बुवाई का लक्ष्य बढ़ा दिया है। इससे जहां किसानों को लाभ मिलेगा, वहीं बढ़े हुए रकबे में फसल बोई जाने से अनाज का उत्पादन भी ज्यादा होगा। खेतों में नमी के चलते किसानों ने अभी तक 20 से 25 हैक्टेयर में बुवाई भी कर दी है।
जिले में औसत से अधिक बारिश होने तथा बाढ़ के कारण खेतों में पहुंची नमी के कारण गत वर्ष के लक्ष्यों से 3 हजार हैक्टेयर अधिक भूमि में बुवाई की संभावना है। गत वर्ष जहां जिले में 61 हजार हैक्टेयर में बुवाई हुई थी, वहीं इस बार विभाग को राज्य सरकार से 64 हजार हैक्टेयर में बुवाई के लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। वहीं कृषि विभाग के अधिकारी इस लक्ष्य को पाने की संभावना जता रहे हंै। बारिश कम होने से हर साल जो खेत सूखे रह जाते थे, उन खेतों में इस बार बुवाई होगी। जिले में अधिकतर बांध लबालब भरे होने तथा इस बार औसत से अधिक बारिश होने के कारण किसानों को सिंचाई के लिए पूरा पानी मिलने की आस बंधी हुई है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आमतौर पर 15 नवम्बर से 15 दिसम्बर के आसपास गेहूं की बुवाई शुरू होती है। जिले में पहली बार कृषि अधिकारियों ने 64 हजार हैक्टेयर में बुवाई होने की संभावना जताई है। अभी तक करीब 20 से 25 हजार हैक्टेयर में बुवाई हुई है।
सरसों का लक्ष्य पूरा
जिले में सरसों की फसल की बुवाई का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। जिले में गत वर्ष जहां 67 हजार हैक्टेयर में बुवाई की गई थी, वहीं इस वर्ष जिले में अभी तक करीब 67 हजार 400 हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी है।
इधर, सब्जी की होगी अच्छी पैदावार
जिले में जहां फसलों में घटा-बढ़ी चल रही है, वहीं सब्जियों की पैदावार अच्छी होने की पूरी संभावना है। जिले में रबी की पत्ता गोभी, मटर सहित सभी सब्जियों की अधिक पैदावार होगी।

जिले में औसत से अधिक बारिश तथा बाढ़ से जमीनों में आई नमी के कारण गेहूं का रकबा बढ़ेगा। इस बार 61 हजार के स्थान पर 64 हजार हैक्टेयर में बुवाई की संभावना है। वहीं सरसों की बुवाई 67 हजार 400 हैक्टेयर में की गई है। हालांकि आलू व चने की बुवाई में किसान कम रुचि दिखा रहे हैं।
गोपाल कृष्ण शर्मा, सहायक निदेशक, कृषि विस्तार, धौलपुर।

Mahesh gupta Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned