66 साल पुरानी बाड़ी नगरपालिका में पहली बार एससी महिला के सिर सजेगा ताज

बाड़ी. वर्ष 1954 में स्थापित 66 साल पुरानी बाड़ी की ऐतिहासिक नगर पालिका में 11 दिसंबर को वार्ड पार्षद का चुनाव होने जा रहा है। ऐसे में अब शहर के लोग इस बात की चर्चा करते हुए नजर आ रहे हैं कि नगर पालिका का अगला चेयरमैन कौन बनेगा। वर्तमान में नगर पालिका पर कांग्रेस का कब्जा है। चेयरमैन पद पर निवर्तमान इरफान अहमद रहे है।

By: Naresh

Updated: 27 Nov 2020, 01:53 PM IST

66 साल पुरानी बाड़ी नगरपालिका में पहली बार एससी महिला के सिर सजेगा ताज
- तीसरी बार महिला चेयरमैन बैठेगी गद्दी पर, 17वें चेयरमैन का इंतजार

बाड़ी. वर्ष 1954 में स्थापित 66 साल पुरानी बाड़ी की ऐतिहासिक नगर पालिका में 11 दिसंबर को वार्ड पार्षद का चुनाव होने जा रहा है। ऐसे में अब शहर के लोग इस बात की चर्चा करते हुए नजर आ रहे हैं कि नगर पालिका का अगला चेयरमैन कौन बनेगा। वर्तमान में नगर पालिका पर कांग्रेस का कब्जा है। चेयरमैन पद पर निवर्तमान इरफान अहमद रहे है। लेकिन 11 दिसंबर के बाद नगरपालिका का अगला चेयरमैन कौन बनेगा। इसको लेकर हर किसी की आंखें मतदान पर केंद्रित हो रही है। भाजपा और कांग्रेस में से कौन बाजी मारेगा और किसकी महिला के सिर यह ताज सजेगा। इसके लिए अभी इंतजार बाकी है।
अगर इतिहास के झरोखे में जाया जाए तो अब तक बाड़ी नगरपालिका में 16 चेयरमैन रह चुके हैं। जिनमें से दो कार्यवाहक के पद पर कुर्सी पर बैठे थे। वर्तमान में नगर पालिका के चेयरमैन सीट अनुसूचित जाति वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में किस महिला के सिर यह ताज सजेगा। इसका लोगों को बेसब्री से इंतजार है।
21 सितंबर वर्ष 1954 को बाड़ी नगरपालिका गठित हुई थी। जिसके प्रथम चेयरमैन शिवचरण ममोधनिया थे। इसके बाद दूसरी बार शिवचरण गर्ग सेठ ने नगर पालिका अध्यक्ष पद पर अपनी जिम्मेदारी निभाई। तीसरे चेयरमैन नाहर सिंह ठाकुर बने, जिन्होंने नगर पालिका में काफी विकास कार्य कराए, लेकिन नगरपालिका में सबसे अधिक चेयरमैन रहने का रिकॉर्ड भगवान स्वरूप भारद्वाज के नाम है। वर्ष 1966 में पहली बार भगवान स्वरूप भारद्वाज बाड़ी नगर पालिका के चेयरमैन बने थे, जो वर्ष 1968 तक रहे। इसके बाद कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में रघुवर दयाल को 1968 से 69 तक यह जिम्मेदारी दी गई। 10 अप्रेल 1969 को भगवान स्वरूप भारद्वाज दूसरी बार चेयरमैन बनाए, जो केवल 2 महीने तक ही चेयरमैन रह सके। इसके बाद प्रशासक की नियुक्ति हो गई और अगला चेयरमेन 12 नवम्बर 1970 को रामगोपाल शर्मा को बनाया गया, जो 1972 तक रहे। इनके बाद 20 जून 72 को छोटे खां को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया, जिन्हें केवल एक महीने का ही समय मिला। इसके बाद भगवान स्वरूप भारद्वाज तीसरी बार नगर पालिका के चेयरमैन एक अगस्त 1972 को बनाए, जो 1973 तक नगर पालिका के चेयरमैन रहे।
21 अगस्त 1976 को नगर पालिका में शमशेर सिंह को चेयरमैन बनाया गया, जो 4 अगस्त 1977 तक चेयरमैन रहे। इसके बाद 16 फरवरी 1982 को किला निवासी अजमेर सिंह यादव चेयरमैन बने, जो 15 फरवरी 1986 तक चेयरमैन रहे। इनका कार्यकाल भी काफी सुर्खियों में रहा। 1 सितम्बर 1990 को भाजपा ने पहली बार बोर्ड गठित करते हुए रामनाथ गर्ग को चेयरमैन बनाया, जो 31अगस्त 1995 तक चेयरमैन रहे। 01 सितम्बर 1995 को भाजपा ने फिर से बोर्ड बनाया और इस बार पहली महिला चेयरमैन ममता अग्रवाल बनाई गई, जो 28 अगस्त 2000 तक चेयरमैन रही। 29 अगस्त 2000 को कांग्रेस ने बोर्ड बनाया और सलीम कुरैशी को चेयरमैन की जिम्मेदारी सौंपी। जिन्होंने ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा का नियम लागू करते हुए शहर में कई ऐसी सडक़ें बनाई, जो आज तक जिंदा है। 29 जुलाई 2005 को भाजपा ने फिर से बोर्ड पर कब्जा किया और इस बार अग्रवाल समाज की ही वयोवृद्ध केशोदेवी मित्तल चेयरमैन बनी। 23 अगस्त 2010 को भाजपा ने फिर से बोर्ड गठित किया और जनता ने सीधे चुनते हुए गयाप्रसाद कोली को चेयरमैन बनाया। 20 अगस्त 2015 को कांग्रेस ने बोर्ड गठित करते हुए युवा चेयरमैन इरफान अहमद को जिम्मेदारी सौंपी। इनका कार्यकाल 21 अगस्त को समाप्त हो चुका है। प्रशासक के रूप में वर्तमान में ईओ विजयप्रताप जिम्मेदारी संभाल रहे है। अब देखना है कि 11 दिसंबर के मतदान के बाद बाड़ी की जनता महिला चेयरमैन के रूप में किसे चुनती है और किस पार्टी का बोर्ड गठित होता है।
बाड़ी. चेयरमेन की खाली कुर्सी करती इंतजार।

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