बेअसर साबित हो रहे सरकार के दावे,परेशानियों में प्रवासी श्रमिक

धौलपुर. कहने को प्रवासी श्रमिकों के आवागमन के लेकर सरकार की ओर से तमाम दावे किए जा रहे हो, लेकिन असल हकीकत में प्रवासी श्रमिकों का सफर तमाम परेशानियों भरा बना हुआ है। धौलपुर से गुजरने वाले आगरा-मुम्बई राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों वाहन प्रवासी श्रमिकों को लेकर आ-जा रहे है। जिन वाहनों से ये मजदूर सफर कर रहे है, इनमें ना तो सोश्यल डिस्टेंसिंग की पालना हो रही है और ना ही किसी भी तरह के इनके आवागमन को लेकर कोई जानकारी जुटाई जा रही है।

By: Naresh

Published: 16 May 2020, 04:43 PM IST

बेअसर साबित हो रहे सरकार के दावे,परेशानियों में प्रवासी श्रमिक

धौलपुर. कहने को प्रवासी श्रमिकों के आवागमन के लेकर सरकार की ओर से तमाम दावे किए जा रहे हो, लेकिन असल हकीकत में प्रवासी श्रमिकों का सफर तमाम परेशानियों भरा बना हुआ है। धौलपुर से गुजरने वाले आगरा-मुम्बई राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों वाहन प्रवासी श्रमिकों को लेकर आ-जा रहे है। जिन वाहनों से ये मजदूर सफर कर रहे है, इनमें ना तो सोश्यल डिस्टेंसिंग की पालना हो रही है और ना ही किसी भी तरह के इनके आवागमन को लेकर कोई जानकारी जुटाई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि धौलपुर के आगरा-मुम्बई राष्ट्रीय राजमार्ग के 25 किलोमीटर के क्षेत्र में प्रतिदिन सैकड़ों ट्रोले, ट्रक, केंटर, मिनी ट्रक में बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक उत्तर प्रदेश की सीमा से धौलपुर होकर मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर रहे है। इन वाहनों ने बैठने वालों की संख्या इतनी अधिक है कि कोई भी हादसा बड़ा हादसा होने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में परिवहन माफिया का पनपना सामने आ रहा है। प्रवासी श्रमिकों को उनके मूल जिला स्थान तक छोडऩे के लिए उत्तर प्रदेश की सीमा से वाहन आ-जा रहे है।
मनमाना किराया वसूल रहा है
धौलपुर जिले से पैदल चल रहे प्रवासी श्रमिकों ने बताया कि वे हरियाणा के सोहना जिले से पैदल ही रवाना हुए थे, रास्ते में जिन-जिन वाहनों में बैठे उन वाहन चालकों की ओर से राजस्थान की सीमा तक छोडऩे के नाम पर मनमाना किराया वसूल किया गया। जो कि निर्धारित किराए से दो गुना था। प्रवासी श्रमिकों ने बताया कि जिन राशि को लेकर वे निकले थे, वह किराए में ही चली गई, इस कारण अब अपने परिवार के सदस्यों को लेकर पैदल चलने को मजबूर है।
अधिकांश राज्यों को जोड़ता है नेशनल हाइवे
आगरा-मुम्बई राष्ट्रीय राजमार्ग देश के प्रमुख राजमार्गों में से एक है, हाइवे उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, आन्ध्र प्रदेश आदि प्रमुख राज्यों को जोड़ता है। दिल्ली, पंजाव, हरियाणा क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों में काम करने वाले अधिकांश प्रवासी श्रमिक इन्हीं राज्यों से है। प्रवासी श्रमिकों के लिए रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाने के कारण अपने मूल निवास स्थानों तक पहुंचने के लिए पलायन कर लिया है।
खड़े हुए सरकारी प्रबंध पर सवाल
प्रवासी मजदूरों के आवागमन को लेकर सरकारी प्रबंध की पोल खुलती नजर आ रही है। हाइवे पर कोई भी सरकारी वाहन मजदूरों के आता-जाता नहीं दिख रहा है। ऐसे में मार्ग पर चलने वाले मालवाहन वाहनों में लोग मनमाना किराया देने को मजबूर है। ऐसा नहीं कि प्रवासी मजदूरों से मनमाना किराया वसूलने की जानकारी स्थानीय प्रशासन को नहीं है, लेकिन वे आगे से चली आ रहे ओवरलोड़ प्रवासी श्रमिकों के वाहनों को देखकर चुप्पी साधे हुए है।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned