बिजली बिल माफी के इंतजार में आधे उपभोक्ता

धौलपुर. जिले के बिजली उपभोक्ता आज भी सरकार की ओर से बिजली बिल माफ किए जाने की राह ताक रहे है। ऐसे में जिले के करीब पचास फीसदी बिजली उपभोक्ताओं ने बीते माह के बिजली बिल का भुगतान तक नहीं किया है। वहीं, विद्युत बिलों की राशि माफी की गफलत में जिले में जहां निगम का गत वर्ष की अपेक्षा संग्रहण आधा तक ही रहा है, वहीं छीजत में दस फीसदी की वृद्धि हुई है। संग्रहण घटने तथा छीजत बढऩे से निगम अधिकारियों की चिंता बढ़ती ही जा रही है।

By: Naresh

Published: 16 May 2020, 05:10 PM IST

बिजली बिल माफी के इंतजार में आधे उपभोक्ता

धौलपुर. जिले के बिजली उपभोक्ता आज भी सरकार की ओर से बिजली बिल माफ किए जाने की राह ताक रहे है। ऐसे में जिले के करीब पचास फीसदी बिजली उपभोक्ताओं ने बीते माह के बिजली बिल का भुगतान तक नहीं किया है। वहीं, विद्युत बिलों की राशि माफी की गफलत में जिले में जहां निगम का गत वर्ष की अपेक्षा संग्रहण आधा तक ही रहा है, वहीं छीजत में दस फीसदी की वृद्धि हुई है। संग्रहण घटने तथा छीजत बढऩे से निगम अधिकारियों की चिंता बढ़ती ही जा रही है।
उल्लेखनीय है कि जिले में सभी श्रेणियों के एक लाख 16 हजार 478 बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब 99 हजार घरेलू, 86 सौ कृषि तथा शेष में एनडीएस, एसआईटी आदि उपभोक्ता शामिल हैं। देशभर में 22 मार्च से शुरू हुए लॉक डाउन के बाद राज्य सरकार ने 31 मई तक विद्युत बिल जमा नहीं कराने वाले किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन नहीं काटने की घोषणा की थी। इसी के तहत राज्य सरकार ने कृषि व केवल 150 यूनिट बिजली का उपभोग करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं से 31 मई तक बिल जमा नहीं कराने पर कोई पेनल्टी भी नहीं वसूली करने की बात कही थी। लेकिन डेढ़ सौ यूनिट से अधिक बिजली का उपभोग करने वाले अथवा अन्य किसी भी श्रेणी के उपभोक्ताओं को 31 मई तक बिजली बिल जमा नहीं कराने पर केवल कनेक्शन नहीं काटने की छूट ही दी गई थी, अन्य किसी भी प्रकार की कोई छूट अथवा बिल राशि माफी की कभी कोई बात नहीं कही गई।
बिल जमा कराने को नहीं लोगों का रुझान
स्थानीय विद्युत निगम ने उपभोक्ताओं को ऑन लाइन बिजली बिलों का भुगतान जमा कराने का विकल्प भी दिया था तथा बाद में निगम के काउंटरों पर भी भुगतान की सुबिधा उपलब्ध कराई गई थी। लेकिन इस सबके बावजूद मार्च व अप्रेल के उपभोग के बिलों की वसूली में गिरावट आई है। जिले में गत वर्ष अप्रेल के उपभोग की मई में आंकी गई छीजत करीब 51.25 फीसदी रही थी, जबकि चालू वर्ष में इसी अवधि की छीजत बढ़ कर 61.53 फीसदी तक पहुंच गई है।
निगम अधिकारी चिंतित
निगम के आंकडों पर नजर डाले तो जिले में गत वर्ष अप्रेल में जमा हुई मार्च के उपभोग की राशि करीब 16.49 करोड़ रुपए रही थी, जबकि चालू वर्ष में फरवरी की बकाया सहित मार्च के उपभोग की भी संयुक्त राशि जमा होने के बावजूद घट कर संग्रहण मात्र करीब 16.26 करोड़ रुपए रह गया है। इसके अलावा गत वर्ष मई में जमा हुई अप्रेल के उपभोग की राशि जहां करीब 19.91 करोड़ रुपए थी, वहीं चालू वर्ष में इसी अवधि में जमा हुई राशि घट कर मात्र 10.93 करोड़ रुपए ही रह गई है। इसे लेकर अधिकारी चिंतित बने हुए है।

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